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असंध के नागरिक अस्पताल का कारनामा : बिना सैंपल लिए ही बना दी कोरोना पॉजिटिव होने की रिपोर्ट, लोगों ने की जांच किए जाने की मांग
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नागरिक अस्पताल में मंगलवार को अजीबोगरीब मामला सामने आया है। इसमें एक युवक का सैंपल लिये बिना ही उसे पॉजिटिव बता दिया गया। यही नहीं पटवारी ने उसे फोन कर बैरिकेडिंग कर कंटेनमेंट जोन बनाने की भी सूचना दे दी। परेशान युवक और परिजनों ने आपत्ति और नाराजगी जतायी तो नागरिक अस्पताल की ओर से दोबारा जांच की बात कही जा रही है।
सोमवार को सैंपल देने आए गांव पंगाला निवासी अंकित कुमार ने बताया कि वह एचडीएफसी बैंक में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता है। बैंक के निर्देशानुसार वह और उसके अन्य साथी अपना कोरोना टेस्ट करवाने के लिए नागरिक अस्पताल गए थे। जब वह गए थे तो उनकी हिस्ट्री और अन्य जानकारी उनसे लेकर फॉर्म भरा गया था। उसके मोबाइल पर सैंपल लेने का मैसेज भी आ गया था, लेकिन डॉक्टरों ने यह कहकर उसे वापस भेज दिया कि आज के सैंपल पूरे हो गए। उसका और उसके साथियों को कोई सैंपल नहीं लिया गया। इसके बाद मंगलवार को उसके मोबाइल पर अस्पताल से फोन आया कि उसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है, जबकि उसका केवल रजिस्ट्रेशन ही हुआ था। सैंपल मंगलवार को लिया जाना था। इससे सैंपल देने आए लोगों में अस्पताल के स्टाफ सदस्यों के प्रति रोष है।
युवक को अगर गलती से पाजिटिव रिपोर्ट बता दिया गया है तो उसकी जांच की जाएगी। अस्पताल में टेस्ट के लिए नाम लेकर बुलाया जाता है। गलती होने की संभावना बहुत कम होती है। अगर फिर भी ऐसा हुआ है तो दोबारा टेस्ट किया जाएगा और स्टाफ सदस्यों को विशेष तौर पर हिदायत दी जाएगी।
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-डॉ. संदीप ऑबरोल, एसएमओ, नागरिक अस्पताल असंध
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सोमवार को सैंपल देने आए गांव पंगाला निवासी अंकित कुमार ने बताया कि वह एचडीएफसी बैंक में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता है। बैंक के निर्देशानुसार वह और उसके अन्य साथी अपना कोरोना टेस्ट करवाने के लिए नागरिक अस्पताल गए थे। जब वह गए थे तो उनकी हिस्ट्री और अन्य जानकारी उनसे लेकर फॉर्म भरा गया था। उसके मोबाइल पर सैंपल लेने का मैसेज भी आ गया था, लेकिन डॉक्टरों ने यह कहकर उसे वापस भेज दिया कि आज के सैंपल पूरे हो गए। उसका और उसके साथियों को कोई सैंपल नहीं लिया गया। इसके बाद मंगलवार को उसके मोबाइल पर अस्पताल से फोन आया कि उसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है, जबकि उसका केवल रजिस्ट्रेशन ही हुआ था। सैंपल मंगलवार को लिया जाना था। इससे सैंपल देने आए लोगों में अस्पताल के स्टाफ सदस्यों के प्रति रोष है।
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युवक को अगर गलती से पाजिटिव रिपोर्ट बता दिया गया है तो उसकी जांच की जाएगी। अस्पताल में टेस्ट के लिए नाम लेकर बुलाया जाता है। गलती होने की संभावना बहुत कम होती है। अगर फिर भी ऐसा हुआ है तो दोबारा टेस्ट किया जाएगा और स्टाफ सदस्यों को विशेष तौर पर हिदायत दी जाएगी।
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-डॉ. संदीप ऑबरोल, एसएमओ, नागरिक अस्पताल असंध