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Karnal News: ठंड के साथ बढ़े बीपी के मरीज, रोजाना 150 पहुंच रहे अस्पताल

Fri, 28 Nov 2025 01:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Fri, 28 Nov 2025 01:51 AM IST
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With the cold, the number of BP patients has increased, 150 are reaching the hospital daily.
संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। ठंड बढ़ते ही जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना हाई ब्लड प्रेशर के 150 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं, जबकि 70 से 80 मरीज सर्दी, खांसी-जुकाम और बुखार जैसे लक्षणों के साथ ओपीडी में आ रहे हैं। तापमान गिरने के साथ लोगों में मौसमी बीमारियों और बीपी से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं।

जिला नागरिक अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलबीर ने बताया कि ठंड में रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर स्वाभाविक रूप से बढ़ता है। उन्होंने कहा कि सर्द मौसम में हाई बीपी मरीजों को दोगुना खतरा रहता है क्योंकि शरीर अतिरिक्त दबाव झेलता है। ऐसे में दवाएं छोड़ना या अनियमित दिनचर्या भारी पड़ सकती है। डॉ. कुलबीर के अनुसार बीपी के मरीजों को इस मौसम में कुछ खास सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि मरीज अपनी दवाएं समय पर लेना और जितनी डोज बताई जाए उन्हें नियमित डॉक्टर की सलाह पर लेना भी जरूरी है। कुछ लोग दवाओं को बीच में छोड़ देते हैं। उन्होंने बताया कि ओपीडी में कई मरीज ऐसे आते हैं जो मेडिकल स्टोर से कोई भी दूसरी दवाइयां शुरू कर देते हैं। उन्होंने कहा कि इससे विपरीत असर भी पड़ने लगता है और बीपी बिगड़ने लगता है।
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संतुलित आहार लें
डॉ. कुलबीर ने कहा कि ठंड के उतार-चढ़ाव से बीपी में अचानक बढ़ोतरी का खतरा रहता है। उन्होंने सलाह दी कि बाहर जाते समय गर्म कपड़े पहनें, सिर और कान ढककर रखें, साथ ही संतुलित आहार और पर्याप्त पानी का सेवन भी जारी रखें। क्योंकि मौसम बदलाव होने के साथ खांसी जुकाम बुखार के मरीज सामान्य तौर पर बढ़े हैं। ज्यादातर जुकाम और बुखार के मरीज आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा ज्यादातर लापरवाही के कारण हो रहा है। डॉ. कुलबीर ने कहा कि अधिक ठंड लगने, धूप कम मिलने और शारीरिक गतिविधियों में कमी के कारण बीपी मरीजों पर दबाव बढ़ जाता है। ऐसे मरीजों के लिए वॉक, हल्का व्यायाम, कम नमक वाला भोजन और तनाव से दूरी काफी फायदेमंद रहती है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी असामान्य लक्षण जैसे चक्कर, सिरदर्द, सांस फूलना या सीने में भारीपन को नजरअंदाज न करें और तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।
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