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Karnal News: यूपीआई रखेंगे...बड़े भुगतान पर करेंगे नकद की कोशिश
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करनाल। त्योहारों से पहले दुकानदार भुगतान व्यवस्था पर मंथन कर रहे हैं। 15 अक्तूबर से दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई मर्चेंट भुगतान पर 0.4 फीसदी एमडीआर लागू होगा। त्योहारों में बड़ी खरीदारी के भुगतान बढ़ेंगे। दुकानदारों को तय करना होगा कि बड़े भुगतान में यूपीआई को प्राथमिकता दें या नकद व्यवस्था मजबूत करें।
दो हजार रुपये तक के यूपीआई भुगतान पर कोई एमडीआर नहीं लगेगा। ग्राहकों को यूपीआई से भुगतान करने से रोकना संभव नहीं है। दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान से कारोबार पर शुल्क का असर दिखेगा। छोटे भुगतान के लिए यूपीआई जारी रहेगा। बड़े भुगतान में ग्राहक को नकद या अन्य माध्यमों का विकल्प दिया जा सकता है।
बड़े भुगतान पर नकद के लिए बोलेंगे
कपड़ा व्यापारी रजनीश सिंगला का कहना है कि बाजार में त्योहारों की खरीदारी सामान्य है। नवरात्र, करवाचौथ, दिवाली और अन्य त्योहारों के नजदीक आते ही ग्राहकों की संख्या और खरीदारी दोनों बढ़ेंगे। छोटे भुगतान यूपीआई से लेने में कोई विशेष परेशानी नहीं होगी लेकिन बड़े भुगतान में ग्राहक से कैश लेने का विकल्प भी रखा जाएगा। इससे दुकान पर कैश की उपलब्धता और डिजिटल भुगतान दोनों का संतुलन बनाए रखने की कोशिश होगी।
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यूपीआई से भुगतान का देंगे विकल्प
व्यापारी मुकेश वर्मा ने बताया कि ग्राहकों की सुविधा को देखते हुए यूपीआई बंद करना व्यावहारिक नहीं है। त्योहारों में युवा और परिवार दोनों ही मोबाइल से भुगतान करना पसंद करते हैं और कई ग्राहक खरीदारी के बाद तुरंत यूपीआई कर देते हैं। उनका कहना है कि यदि किसी ग्राहक का बिल तीन या पांच हजार का है तो केवल शुल्क बचाने के लिए उसे भुगतान का तरीका बदलने के लिए कहना आसान नहीं होगा। इसलिए वे ग्राहकों को विकल्प देंगे।
सुविधा को रखा जाएगा ध्यान में
व्यापारी सतीश सिंह ने कहा कि एमडीआर का सबसे ज्यादा असर केवल व्यापारियों पर ही पड़ेगा। अभी खरीदारी बढ़ी नहीं है, लेकिन 15 के बाद वास्तविक असर देखने को मिलेगा जिसके बाद भुगतान की पूरी व्यवस्था की जाएगी। वह पूरी तरह कैश पर निर्भर नहीं होंगे क्योंकि इससे ग्राहकों को खुले पैसे और भुगतान की सुविधा को लेकर परेशानी हो सकती है। इसके बजाय दुकान पर कैश और डिजिटल दोनों विकल्प रखे जाएंगे।
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दो हजार रुपये तक के यूपीआई भुगतान पर कोई एमडीआर नहीं लगेगा। ग्राहकों को यूपीआई से भुगतान करने से रोकना संभव नहीं है। दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान से कारोबार पर शुल्क का असर दिखेगा। छोटे भुगतान के लिए यूपीआई जारी रहेगा। बड़े भुगतान में ग्राहक को नकद या अन्य माध्यमों का विकल्प दिया जा सकता है।
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बड़े भुगतान पर नकद के लिए बोलेंगे
कपड़ा व्यापारी रजनीश सिंगला का कहना है कि बाजार में त्योहारों की खरीदारी सामान्य है। नवरात्र, करवाचौथ, दिवाली और अन्य त्योहारों के नजदीक आते ही ग्राहकों की संख्या और खरीदारी दोनों बढ़ेंगे। छोटे भुगतान यूपीआई से लेने में कोई विशेष परेशानी नहीं होगी लेकिन बड़े भुगतान में ग्राहक से कैश लेने का विकल्प भी रखा जाएगा। इससे दुकान पर कैश की उपलब्धता और डिजिटल भुगतान दोनों का संतुलन बनाए रखने की कोशिश होगी।
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यूपीआई से भुगतान का देंगे विकल्प
व्यापारी मुकेश वर्मा ने बताया कि ग्राहकों की सुविधा को देखते हुए यूपीआई बंद करना व्यावहारिक नहीं है। त्योहारों में युवा और परिवार दोनों ही मोबाइल से भुगतान करना पसंद करते हैं और कई ग्राहक खरीदारी के बाद तुरंत यूपीआई कर देते हैं। उनका कहना है कि यदि किसी ग्राहक का बिल तीन या पांच हजार का है तो केवल शुल्क बचाने के लिए उसे भुगतान का तरीका बदलने के लिए कहना आसान नहीं होगा। इसलिए वे ग्राहकों को विकल्प देंगे।
सुविधा को रखा जाएगा ध्यान में
व्यापारी सतीश सिंह ने कहा कि एमडीआर का सबसे ज्यादा असर केवल व्यापारियों पर ही पड़ेगा। अभी खरीदारी बढ़ी नहीं है, लेकिन 15 के बाद वास्तविक असर देखने को मिलेगा जिसके बाद भुगतान की पूरी व्यवस्था की जाएगी। वह पूरी तरह कैश पर निर्भर नहीं होंगे क्योंकि इससे ग्राहकों को खुले पैसे और भुगतान की सुविधा को लेकर परेशानी हो सकती है। इसके बजाय दुकान पर कैश और डिजिटल दोनों विकल्प रखे जाएंगे।