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27. मैं चाहे अनपढ़ हूं, इससे फर्क नहीं पड़ता, दिल्ली वाले अपनी स्थिति देखें : शिक्षा मंत्री
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करनाल। शिक्षामंत्री कंवर पाल गुर्जर ने आप के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष नवीन जयहिंद के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि मैं चाहे दसवीं पास हूं या अनपढ़, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। काम अच्छा होना चाहिए। प्रदेश में शिक्षा का स्तर, सुविधाएं दिल्ली से कहीं बेहतर हैं, दिल्ली वाले चाहें तो इसकी तुलना हरियाणा से कर लें। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले आप के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष ने शिक्षामंत्री की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल खड़ा करते हुए उन्हें दसवीं पास बताया था।
करनाल में एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए शिक्षामंत्री कंवरपाल गुर्जर ने कहा कि विभिन्न शैक्षणिक प्रतियोगिताओं में भी प्रदेश के बच्चे और युवा आगे रहते हैं। विद्यार्थियों की परफोरमेंस के आधार पर हम दिल्ली के स्कूलों के साथ तुलना करने को तैयार हैं। वे शनिवार को लघु सचिवालय में सुशासन दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के पास बहुत पढ़े लिखे लोग हैं तो वे बताएं उन्होंने क्या-क्या काम किया है। हमने जितना काम शिक्षा के क्षेत्र में किया है, उससे वे प्रेरणा लें। उनके शिक्षा मंत्री ज्यादा पढ़े-लिखे हैं तो हरियाणा से मुकाबला कर देख लें।
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शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सुपर-100 योजना शुरू की थी, पिछले साल 25 और इस बार 28 विद्यार्थी आईआईटी में गए हैं। पिछली बार 68 और इस बार 62 बच्चों ने नीट पास किया। इसके अलावा 24 बच्चे एमबीबीएस और छह युवा एम्स में गए हैं। दिल्ली सरकार इस पर स्थिति स्पष्ट करे कि उनके यहां से कितने बच्चे संबंधित प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हुए हैं। उनके पास सिर्फ 1100 स्कूल हैं, बाकी स्कूल एमसीडी के पास हैं, जबकि हमारे पास प्रदेश में 14000 से ज्यादा स्कूल हैं।
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करनाल में एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए शिक्षामंत्री कंवरपाल गुर्जर ने कहा कि विभिन्न शैक्षणिक प्रतियोगिताओं में भी प्रदेश के बच्चे और युवा आगे रहते हैं। विद्यार्थियों की परफोरमेंस के आधार पर हम दिल्ली के स्कूलों के साथ तुलना करने को तैयार हैं। वे शनिवार को लघु सचिवालय में सुशासन दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे।
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उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के पास बहुत पढ़े लिखे लोग हैं तो वे बताएं उन्होंने क्या-क्या काम किया है। हमने जितना काम शिक्षा के क्षेत्र में किया है, उससे वे प्रेरणा लें। उनके शिक्षा मंत्री ज्यादा पढ़े-लिखे हैं तो हरियाणा से मुकाबला कर देख लें।
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शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सुपर-100 योजना शुरू की थी, पिछले साल 25 और इस बार 28 विद्यार्थी आईआईटी में गए हैं। पिछली बार 68 और इस बार 62 बच्चों ने नीट पास किया। इसके अलावा 24 बच्चे एमबीबीएस और छह युवा एम्स में गए हैं। दिल्ली सरकार इस पर स्थिति स्पष्ट करे कि उनके यहां से कितने बच्चे संबंधित प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हुए हैं। उनके पास सिर्फ 1100 स्कूल हैं, बाकी स्कूल एमसीडी के पास हैं, जबकि हमारे पास प्रदेश में 14000 से ज्यादा स्कूल हैं।