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Karnal News: जहां बैठते थे लेफ्टिनेंट, वहां पढ़ते हुए विद्यार्थी बोले- हमें उन पर गर्व
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- संत कबीर स्कूल के विद्यार्थियों में आतंकवाद पर रोष, उन्हीं कमरों में ताजा कर रहे यादें
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। दिवंगत लेफ्टिनेंट विनय नरवाल अपने स्कूल के जिस कमरे में बैठकर पढ़ते थे, अब उस जगह पर हमारे देश का भविष्य बैठा है। यहां बैठे विद्यार्थियों का कहना है कि हमें उन पर गर्व है। उनके जीवन से हमें प्रेरणा मिली है। वे मेहनत के बल पर इस मुकाम पर पहुंचे थे। विदित हो कि लेफ्टिनेंट विनय नरवाल सेक्टर-8 स्थित संत कबीर पब्लिक स्कूल में पढ़ते थे। अमर उजाला संवाददाता ने लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के स्कूल में पहुंचकर कक्षा दसवीं के विद्यार्थियों से बातचीत की। स्कूल में लगी अलग-अलग एलईडी में अब लेफ्टिनेंट के श्रद्धांजलि के चित्र लगे हैं। जिन्हें देखकर विद्यार्थी नमन करते हैं और उनके शिक्षण के समय में कमरों में बैठकर लेफ्टिनेंट से जुड़ी यादें ताजा करते हैं। ब्यूरो
कभी हार नहीं मानी : वासू
छात्र वासू ने कहा कि लेफ्टिनेंट विनय नरवाल ने जीवन में कभी हार नहीं मानी। हमें उनसे सीख लेनी होगी। जो टास्क उन्हें मिले, उसे पूरा किया। चुनौती से कभी हमें डरना नहीं चाहिए।
सफलता के लिए प्रयास जरूरी : तनिष्का
कक्षा दसवीं की छात्रा तनिष्का ने कहा कि लेफ्टिनेंट विनय नरवाल का जीवन दर्शाता है कि जब तक सफलता न मिले तब तक प्रयास करना चाहिए। उन्होंने अपनी मेहनत के बल पर कभी हार का मुंह नहीं देखा।
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मुलाकात होती तो अच्छा था : सोनाक्षी
कक्षा दसवीं की छात्रा सोनाक्षी ने कहा कि लेफ्टिनेंट विनय हमारे स्कूल में पढ़ते थे, ये भी हमें अब पता चला। उनसे मुलाकात होती तो उनका जज्बा और मेहनत के किस्से उनके मुंह से सुनते।
जिम्मेदारी की सीख मिली : महक
छात्रा महक ने कहा कि लेफ्टिनेंट विनर हमारे स्कूल के एलूमिनाई हैं। उनके जीवन से प्रेरणा मिली है कि न केवल पढ़ाई बल्कि हर वो कार्य जो हमारे जिम्मे हो, उसे मेहनत से पूरा करना चाहिए।
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। दिवंगत लेफ्टिनेंट विनय नरवाल अपने स्कूल के जिस कमरे में बैठकर पढ़ते थे, अब उस जगह पर हमारे देश का भविष्य बैठा है। यहां बैठे विद्यार्थियों का कहना है कि हमें उन पर गर्व है। उनके जीवन से हमें प्रेरणा मिली है। वे मेहनत के बल पर इस मुकाम पर पहुंचे थे। विदित हो कि लेफ्टिनेंट विनय नरवाल सेक्टर-8 स्थित संत कबीर पब्लिक स्कूल में पढ़ते थे। अमर उजाला संवाददाता ने लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के स्कूल में पहुंचकर कक्षा दसवीं के विद्यार्थियों से बातचीत की। स्कूल में लगी अलग-अलग एलईडी में अब लेफ्टिनेंट के श्रद्धांजलि के चित्र लगे हैं। जिन्हें देखकर विद्यार्थी नमन करते हैं और उनके शिक्षण के समय में कमरों में बैठकर लेफ्टिनेंट से जुड़ी यादें ताजा करते हैं। ब्यूरो
कभी हार नहीं मानी : वासू
छात्र वासू ने कहा कि लेफ्टिनेंट विनय नरवाल ने जीवन में कभी हार नहीं मानी। हमें उनसे सीख लेनी होगी। जो टास्क उन्हें मिले, उसे पूरा किया। चुनौती से कभी हमें डरना नहीं चाहिए।
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सफलता के लिए प्रयास जरूरी : तनिष्का
कक्षा दसवीं की छात्रा तनिष्का ने कहा कि लेफ्टिनेंट विनय नरवाल का जीवन दर्शाता है कि जब तक सफलता न मिले तब तक प्रयास करना चाहिए। उन्होंने अपनी मेहनत के बल पर कभी हार का मुंह नहीं देखा।
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मुलाकात होती तो अच्छा था : सोनाक्षी
कक्षा दसवीं की छात्रा सोनाक्षी ने कहा कि लेफ्टिनेंट विनय हमारे स्कूल में पढ़ते थे, ये भी हमें अब पता चला। उनसे मुलाकात होती तो उनका जज्बा और मेहनत के किस्से उनके मुंह से सुनते।
जिम्मेदारी की सीख मिली : महक
छात्रा महक ने कहा कि लेफ्टिनेंट विनर हमारे स्कूल के एलूमिनाई हैं। उनके जीवन से प्रेरणा मिली है कि न केवल पढ़ाई बल्कि हर वो कार्य जो हमारे जिम्मे हो, उसे मेहनत से पूरा करना चाहिए।