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Karnal News: करोड़ों का गेहूं खराब, कमेटी ने शुरू की जांच
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। हैफेड के नीलोखेड़ी, नेवल और असंध के गोदामों में रखा गेहूं खराब होने का मामला सामने आया है। सुरसरी लगने से प्रत्येक कट्टे से करीब 18 किलोग्राम तक गेहूं खराब होने के कारण कम हो गया है।
ऐसा एक दो नहीं करीब चार लाख कट्टों में हुआ है, जिससे करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। मामले में गेहूं का रखरखाव करने वाली कंपनी की कार्यप्रणाली भी संदेह के घेरे में है। जांच में शामिल करते हुए इन पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
मामले का खुलासा तब हुआ जब स्थानीय लोगों ने नेवल गोदाम के पास सुरसरी होने की शिकायत अधिकारियों से की। इसके बाद विभाग ने जांच की तो गेहूं में सुरसरी लगने से खराब हुआ पाया गया। यही स्थिति असंध और नीलोखेड़ी के गोदाम में भी थी। विदित हो कि एफसीआई ने जनवरी और फरवरी में गेहूं की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे। इसके बाद गेहूं को अपग्रेड करने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन उस समय जिला महाप्रबंधक और जिम्मेदार स्टाफ ने सुध नहीं ली। अप्रैल की शुरुआत में डीएम अमित कुमार का तबादला हो गया। तो पूर्व में डीएम रहे उधम सिंह की दोबारा नियुक्ति हो गई। शिकायत पर उन्होंने ही जांच की तो मामले का खुलासा हुआ।
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कमेटी जांच कर रिपोर्ट करेगी तैयार ः मामले की जांच के लिए हैफेड के डीएम ने कमेटी का गठन कर दिया है। कमेटी ने वीरवार को गोदामों में गेहूं की रिपोर्ट भी तैयार की है। गोदामों में रखे गेहूं में से कितना स्टॉक सही है और कितना खराब हो गया है, इसका सही आकलन किया जा रहा है। ताकि जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जा सके।
निजी कंपनी करती है गेहूं की देखरेख ः व्यवस्था के अनुसार, हैफेड की ओर से अनाज मंडी से जो गेहूं खरीदा जाता है, उसको अपने ही गोदाम में रखवाकर उसकी देखरेख के लिए निजी कंपनी को जिम्मेदारी देते हैं। कंपनी के अधीन गोदाम जाने के बाद हैफेड अधिकारियों की जवाबदेही है कि वे निरीक्षण कर जायजा लें।
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करनाल। हैफेड के नीलोखेड़ी, नेवल और असंध के गोदामों में रखा गेहूं खराब होने का मामला सामने आया है। सुरसरी लगने से प्रत्येक कट्टे से करीब 18 किलोग्राम तक गेहूं खराब होने के कारण कम हो गया है।
ऐसा एक दो नहीं करीब चार लाख कट्टों में हुआ है, जिससे करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। मामले में गेहूं का रखरखाव करने वाली कंपनी की कार्यप्रणाली भी संदेह के घेरे में है। जांच में शामिल करते हुए इन पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
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मामले का खुलासा तब हुआ जब स्थानीय लोगों ने नेवल गोदाम के पास सुरसरी होने की शिकायत अधिकारियों से की। इसके बाद विभाग ने जांच की तो गेहूं में सुरसरी लगने से खराब हुआ पाया गया। यही स्थिति असंध और नीलोखेड़ी के गोदाम में भी थी। विदित हो कि एफसीआई ने जनवरी और फरवरी में गेहूं की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे। इसके बाद गेहूं को अपग्रेड करने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन उस समय जिला महाप्रबंधक और जिम्मेदार स्टाफ ने सुध नहीं ली। अप्रैल की शुरुआत में डीएम अमित कुमार का तबादला हो गया। तो पूर्व में डीएम रहे उधम सिंह की दोबारा नियुक्ति हो गई। शिकायत पर उन्होंने ही जांच की तो मामले का खुलासा हुआ।
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कमेटी जांच कर रिपोर्ट करेगी तैयार ः मामले की जांच के लिए हैफेड के डीएम ने कमेटी का गठन कर दिया है। कमेटी ने वीरवार को गोदामों में गेहूं की रिपोर्ट भी तैयार की है। गोदामों में रखे गेहूं में से कितना स्टॉक सही है और कितना खराब हो गया है, इसका सही आकलन किया जा रहा है। ताकि जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जा सके।
निजी कंपनी करती है गेहूं की देखरेख ः व्यवस्था के अनुसार, हैफेड की ओर से अनाज मंडी से जो गेहूं खरीदा जाता है, उसको अपने ही गोदाम में रखवाकर उसकी देखरेख के लिए निजी कंपनी को जिम्मेदारी देते हैं। कंपनी के अधीन गोदाम जाने के बाद हैफेड अधिकारियों की जवाबदेही है कि वे निरीक्षण कर जायजा लें।