{"_id":"6133dd828ebc3eb34c7e4f94","slug":"welcomed-the-player-who-returned-with-a-bronze-medal-from-dubai-karnal-news-knl821697162","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुबई से कांस्य पदक लेकर लौटे खिलाड़ी का किया स्वागत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुबई से कांस्य पदक लेकर लौटे खिलाड़ी का किया स्वागत
विज्ञापन
310-असंध. रोड़ धर्मशाला में अर्जुन अवार्डी बॉक्सर मनोज से आशीर्वाद लेते पदक विजेता अंसुल।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
असंध। दुबई में हुई जूनियर एशियाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता गंगाटेहड़ी गांव के खिलाड़ी अंशुल का शनिवार को गांव में स्वागत किया गया। इससे पहले असंध की रोड धर्मशाला में पहुंचने पर खिलाड़ी का सम्मान किया गया। यहां से ढोल-नगाड़े के साथ अंशुल व अर्जुन अवार्डी अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर मनोज को गांव गंगाटेहड़ी ले जाया गया।
सम्मान समारोह में पहुंचे हरियाणा सरकार के गृह सचिव आईएएस बलकार सिंह ने कहा कि इस उम्र में खिलाड़ी पदक लाता है तो उसे देखकर उस क्षेत्र, गांव व कस्बे में ऐसे खिलाड़ियों की नर्सरी तैयार हो सकती है। पढ़ाई के साथ-साथ खेलों की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए। बॉक्सिंग कोच राजेश कुमार ने कहा कि यदि खिलाड़ी की परख कर उसे सही समय पर तराशा जाए तो वह देश के लिए मेडल जरूर लेकर आता है।
खिलाड़ी अंशुल ने बताया कि वह और उसका भाई आयुष वॉलीबाल का खिलाड़ी बनने के लिए परिवार सहित 2014 में गांव से कुरुक्षेत्र चले गए थे। वह दोनों वहां पर वालीबॉल खेलते थे। 2017 में उनकी मुलाकात बॉक्सिंग कोच राजेश से हुई। उनकी प्रेरणा से वे मुक्केबाजी में आए। भाई आयुष भी नेशनल प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीत चुका है। इस मौके पर नायब तहसीलदार रमेश कुमार, सतीश, दिलबाग, सुरेश बजरंग, कबड्डी खिलाड़ी प्रवीण, योगराज, ईसम सिंह व ग्रामीण मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सम्मान समारोह में पहुंचे हरियाणा सरकार के गृह सचिव आईएएस बलकार सिंह ने कहा कि इस उम्र में खिलाड़ी पदक लाता है तो उसे देखकर उस क्षेत्र, गांव व कस्बे में ऐसे खिलाड़ियों की नर्सरी तैयार हो सकती है। पढ़ाई के साथ-साथ खेलों की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए। बॉक्सिंग कोच राजेश कुमार ने कहा कि यदि खिलाड़ी की परख कर उसे सही समय पर तराशा जाए तो वह देश के लिए मेडल जरूर लेकर आता है।
विज्ञापन
खिलाड़ी अंशुल ने बताया कि वह और उसका भाई आयुष वॉलीबाल का खिलाड़ी बनने के लिए परिवार सहित 2014 में गांव से कुरुक्षेत्र चले गए थे। वह दोनों वहां पर वालीबॉल खेलते थे। 2017 में उनकी मुलाकात बॉक्सिंग कोच राजेश से हुई। उनकी प्रेरणा से वे मुक्केबाजी में आए। भाई आयुष भी नेशनल प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीत चुका है। इस मौके पर नायब तहसीलदार रमेश कुमार, सतीश, दिलबाग, सुरेश बजरंग, कबड्डी खिलाड़ी प्रवीण, योगराज, ईसम सिंह व ग्रामीण मौजूद रहे।
विज्ञापन