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खुद की शादी तय हुई तो प्रेमिका को लगा दिया था ठिकाने
अमर उजाला/ब्यूरो/करनाल
Updated Sun, 13 Nov 2016 12:47 AM IST
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murder
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खुद की शादी तय हुई तो एक युवक ने अपनी प्रेमिका से पीछा छुड़वाने के लिए हत्या की साजिश रच डाली। प्रेमी अपनी प्रेमिका घुमाने के बहाने घर से ले गया। आरोप है कि युवक उसे उत्तराखंड के ऋषिकेष ले गया। वहां हत्या कर शव को पहाड़ी पर से नीचे फेंक दिया। करीब दो माह पहले हुई इस वारदात का करनाल पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने आरोपी प्रेमी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। उसे अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया गया है।
मॉडल टाउन चौकी इंचार्ज सतपाल सिंह ने बताया कि मूल रूप से चौरा खालसा गांव की रहने वाली गीता (36) मॉडल टाउन स्थित दयानंद कॉलोनी में रह रही थी। वह शहर के सुपर मॉल में सिक्योरिटी गार्ड के पद पर नौकरी करती थी। वह 16 सितंबर को संदिग्ध हालात में लापता हो गई थी। महिपाल निवासी चौरा खालसा ने पुलिस को तीन नवंबर को शिकायत दी थी कि 16 सितंबर को उसकी बेटी गीता का अपहरण हो गया है। उसने पुलिस को बताया कि उसकी बेटी गीता की दिनेश निवासी कलामपुरा से बातचीत होती थी। इस पर पुलिस के शक की सुई दिनेश पर घुम गई। पुलिस अधीक्षक पंकज नैन ने इस मामले की जांच सतपाल सिंह को सौंपी थी।
मामले की जांच कर रहे सतपाल और एएसआई रामकिशन जब दिनेश के बारे में जांच शुरू की तो उस पर संदेह हुआ। दिनेश से सख्ती से पूछताछ करने पर पता चला कि उसने ही गीता की हत्या की है। कड़ी पूछताछ के बाद सामने आया कि दिनेश व गीता के बीच प्रेम-प्रसंग चल रहा था और इसी दौरान परिजनों ने दिनेश का कहीं और विवाह तय कर दिया था। ऐसे में गीता से अपना पीछा छुड़वाने के लिए उसने गीता की हत्या करने की सोची और 16 सितंबर को उसे घुमाने के लिए नीलकंठ, उत्तराखंड ले गया। वहां उसने गीता की हत्या कर उसके शव को पहाड़ियों से नीचे फेंक दिया। दिनेश को शुक्रवार को हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने लक्ष्मण झूला थाने की पुलिस से संपर्क किया और शव की तलाश शुरू की। पुलिस ने पहाड़ी पर स्थित झाड़ियों से गीता के कंकाल को बरामद कर लिया है। हरिद्वार के अस्पताल से पोस्टमार्टम की कार्रवाई करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मॉडल टाउन चौकी प्रभारी सतपाल सिंह ने बताया कि ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी को सुलझाते हुए दिनेश को काबू किया गया है। उसे अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया गया है।
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पति की मौत के बाद से अकेली रहती थी गीता
सतपाल सिंह ने बताया कि गीता मूल रूप से चौरा खालसा की रहने वाली थी। उसकी छह साल पहले शादी हुई थी। उसके पति की मौत हो जाने के बाद वह दयानंद कॉलोनी में रह रही थी। वह सुपर मॉल में सिक्योरिटी गार्ड के पद पर नौकरी करती थी। इसी दौरान उसका कलामपुरा गांव के दिनेश के साथ प्रेम प्रसंग हो गया था। वह 16 सितंबर से दयानंद कॉलोनी से लापता थी। परिजनों को इसकी सूचना लगी तो उसके पिता ने 3 नवंबर को अपहरण का मामला दर्ज करवाया था।
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मॉडल टाउन चौकी इंचार्ज सतपाल सिंह ने बताया कि मूल रूप से चौरा खालसा गांव की रहने वाली गीता (36) मॉडल टाउन स्थित दयानंद कॉलोनी में रह रही थी। वह शहर के सुपर मॉल में सिक्योरिटी गार्ड के पद पर नौकरी करती थी। वह 16 सितंबर को संदिग्ध हालात में लापता हो गई थी। महिपाल निवासी चौरा खालसा ने पुलिस को तीन नवंबर को शिकायत दी थी कि 16 सितंबर को उसकी बेटी गीता का अपहरण हो गया है। उसने पुलिस को बताया कि उसकी बेटी गीता की दिनेश निवासी कलामपुरा से बातचीत होती थी। इस पर पुलिस के शक की सुई दिनेश पर घुम गई। पुलिस अधीक्षक पंकज नैन ने इस मामले की जांच सतपाल सिंह को सौंपी थी।
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मामले की जांच कर रहे सतपाल और एएसआई रामकिशन जब दिनेश के बारे में जांच शुरू की तो उस पर संदेह हुआ। दिनेश से सख्ती से पूछताछ करने पर पता चला कि उसने ही गीता की हत्या की है। कड़ी पूछताछ के बाद सामने आया कि दिनेश व गीता के बीच प्रेम-प्रसंग चल रहा था और इसी दौरान परिजनों ने दिनेश का कहीं और विवाह तय कर दिया था। ऐसे में गीता से अपना पीछा छुड़वाने के लिए उसने गीता की हत्या करने की सोची और 16 सितंबर को उसे घुमाने के लिए नीलकंठ, उत्तराखंड ले गया। वहां उसने गीता की हत्या कर उसके शव को पहाड़ियों से नीचे फेंक दिया। दिनेश को शुक्रवार को हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने लक्ष्मण झूला थाने की पुलिस से संपर्क किया और शव की तलाश शुरू की। पुलिस ने पहाड़ी पर स्थित झाड़ियों से गीता के कंकाल को बरामद कर लिया है। हरिद्वार के अस्पताल से पोस्टमार्टम की कार्रवाई करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मॉडल टाउन चौकी प्रभारी सतपाल सिंह ने बताया कि ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी को सुलझाते हुए दिनेश को काबू किया गया है। उसे अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया गया है।
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पति की मौत के बाद से अकेली रहती थी गीता
सतपाल सिंह ने बताया कि गीता मूल रूप से चौरा खालसा की रहने वाली थी। उसकी छह साल पहले शादी हुई थी। उसके पति की मौत हो जाने के बाद वह दयानंद कॉलोनी में रह रही थी। वह सुपर मॉल में सिक्योरिटी गार्ड के पद पर नौकरी करती थी। इसी दौरान उसका कलामपुरा गांव के दिनेश के साथ प्रेम प्रसंग हो गया था। वह 16 सितंबर से दयानंद कॉलोनी से लापता थी। परिजनों को इसकी सूचना लगी तो उसके पिता ने 3 नवंबर को अपहरण का मामला दर्ज करवाया था।