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अब एक दिन में ही मिलेगी टीबी की रिपोर्ट
ब्यूरो/अमरउजाला, करनाल
Updated Wed, 09 Sep 2015 12:41 AM IST
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टीबी की जांच के लिए अब एक सप्ताह तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। आने वाले
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दिनों में एक ही दिन में टीबी की रिपोर्ट आ जाएगी। इतना ही नहीं यह मशीन यह
भी बताएगी कि संबंधित व्यक्ति को टीबी है या नहीं। आगामी नवंबर महीने में
करनाल स्थित राजकीय इंटर मीडियट रेफरंस प्रयोगशाला में यह मशीन (जीन
एक्सपर्ट) स्थापित की जाएगी। यह केंद्र सरकार का प्रोजेक्ट है, इसके लिए
केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है।
फिलहाल अस्पतालों में टीबी की जांच की जाती है। इसमें टीबी की रिपोर्ट आने में एक सप्ताह तक लग जाता है। अस्पताल लैबों में एलपीए के आधार पर टेस्ट किया जाता है, इसमें सात दिन का समय लगता है। टीबी के मरीजों के सामने आ रही समस्या को देखते हुए यह प्रोजेक्ट बनाया गया है। इससे पहले, इस टेस्ट के लिए मरीजों को चंडीगढ़ पीजीआई जाना पड़ता था। योजना के मुताबिक करनाल की लैब में यह मशीन स्थापित की जाएगी। इसके लिए केंद्र सरकार की अनुमति मिल चुकी है। करनाल के अलावा पांच अन्य जिलों में भी यह मशीन स्थापित की जाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि जीन एक्सपर्ट की कीमत करीब 28 लाख रुपये है।
इन जिलों में भी जीन एक्सपर्ट
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि करनाल के अलावा गुड़गांव, फरीदाबाद, हिसार, भिवानी, सोनीपत के अस्पतालों में भी यह मशीन रखी जाएगी। इससे मरीजों को काफी लाभ मिलेगा। मशीनें जल्द ही संबंधित अस्पतालों में पहुंच जाएंगी। फिलहाल यह टेस्ट दिल्ली और चंडीगढ़ में ही होता है। नई मशीन स्थापित होने से मरीजों का समय और पैसा दोनों बचेंगे।
करनाल में हर साल आते हैं 2500 नए केस
यूं तो प्रदेश में टीबी रुकने का नाम नहीं ले रही है। प्रदेश की बात करें तो हजारों केस हर माह आते हैं। अगर करनाल की बात करें यहां हर साल 2500 नए केस टीबी के आते हैं। अनुमान है कि करनाल में ही हजारों की संख्या में टीबी के मरीज हैं। नई मशीन लग जाने से मरीजों को इसका लाभ मिलेगा। इस बारे में सीएमओ डॉ. अनीता अग्रवाल का कहना है कि जीन मशीन का मरीजों को यकीनन लाभ मिलेगा।
फिलहाल अस्पतालों में टीबी की जांच की जाती है। इसमें टीबी की रिपोर्ट आने में एक सप्ताह तक लग जाता है। अस्पताल लैबों में एलपीए के आधार पर टेस्ट किया जाता है, इसमें सात दिन का समय लगता है। टीबी के मरीजों के सामने आ रही समस्या को देखते हुए यह प्रोजेक्ट बनाया गया है। इससे पहले, इस टेस्ट के लिए मरीजों को चंडीगढ़ पीजीआई जाना पड़ता था। योजना के मुताबिक करनाल की लैब में यह मशीन स्थापित की जाएगी। इसके लिए केंद्र सरकार की अनुमति मिल चुकी है। करनाल के अलावा पांच अन्य जिलों में भी यह मशीन स्थापित की जाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि जीन एक्सपर्ट की कीमत करीब 28 लाख रुपये है।
इन जिलों में भी जीन एक्सपर्ट
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि करनाल के अलावा गुड़गांव, फरीदाबाद, हिसार, भिवानी, सोनीपत के अस्पतालों में भी यह मशीन रखी जाएगी। इससे मरीजों को काफी लाभ मिलेगा। मशीनें जल्द ही संबंधित अस्पतालों में पहुंच जाएंगी। फिलहाल यह टेस्ट दिल्ली और चंडीगढ़ में ही होता है। नई मशीन स्थापित होने से मरीजों का समय और पैसा दोनों बचेंगे।
करनाल में हर साल आते हैं 2500 नए केस
यूं तो प्रदेश में टीबी रुकने का नाम नहीं ले रही है। प्रदेश की बात करें तो हजारों केस हर माह आते हैं। अगर करनाल की बात करें यहां हर साल 2500 नए केस टीबी के आते हैं। अनुमान है कि करनाल में ही हजारों की संख्या में टीबी के मरीज हैं। नई मशीन लग जाने से मरीजों को इसका लाभ मिलेगा। इस बारे में सीएमओ डॉ. अनीता अग्रवाल का कहना है कि जीन मशीन का मरीजों को यकीनन लाभ मिलेगा।