{"_id":"5f7cdb8c8ebc3e9bed14af92","slug":"waiting-for-medicine-in-nagrik-hospital-karnal-news-knl46650176","type":"story","status":"publish","title_hn":"फारर्मासिस्ट पीने चले गये चाय, लाइन में खड़े बुजुर्ग करते रहे दवा का इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फारर्मासिस्ट पीने चले गये चाय, लाइन में खड़े बुजुर्ग करते रहे दवा का इंतजार
विज्ञापन
नागरिक अस्पताल का हाल बेहाल है। स्थिति यह है कि मरीज और तीमारदार परेशान हैं तो अपनी बला से। स्वास्थ्यकर्मियों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। मंगलवार को इसकी बानगी भी देखने को मिली, जब सुबह करीब साढ़े दस बजे दवा लेने के लिए मरीजों की कतार लगी रही, लेकिन डिस्पेंसरी के फार्मासिस्ट नदारद रहे। मरीज और तीमारदार दवा के लिए परेशान हैं। बार-बार पूछने पर जवाब मिलता है कि फार्मासिस्ट चाय पीने गये हैं। करीब आधा घंटा इंतजार के बाद लोगों को दवा नसीब हो सकी।
वैसे तो नागरिक अस्पताल में ओपीडी का समय सुबह आठ बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक है, लेकिन उपचार के लिए पहुंचे मरीज को डाक्टर और दवा मिल जाए तो वह खुशनसीब है। कारण कि डाक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों का लेट से आना और जल्दी चले जाना आम बात है। इस दौरान चाय नाश्ता भी जरूरी है, भले ही मरीज कितना सीरियस क्यों न हो। मंगलवार को नागरिक अस्पताल पहुंचे रमेश ने बताया कि उसकी पत्नी के कमर में दर्द था तो वह डॉक्टर के पास लेकर आया था। चेकअप होने के बाद डॉक्टर ने दवाई लिखी थी, लेकिन डिस्पेंसरी की खिड़की में कोई नहीं था तो आधे घंटे तक उसकी पत्नी स्ट्रेचर पर ही लेटी रही और वह दवा लेने के लिये लाइन में लगा रहा। वहीं बुजुर्ग जयकिशन ने बताया कि वह 20 मिनट से लाइन में लगा हुआ है, लेकिन डिस्पेंसरी में दवा देने वाला कोई नहीं है। बीमारी से परेशान जयसिंह कहते हैं कि यदि अस्पताल के स्टाफ को चाय पीनी है तो वह पहले पी ले या फिर जब मरीज ना हो तब चाय पी लें। अब लाइन में मरीज दवा लेने के लिये लगे हुये हैं और ये चाय पीने के लिये चले गये।
जब डाक्टर बोले-रोहतक ले जाओ
इंद्री निवासी वासिल खान ने बताया कि वह अपनी पांच साल की बेटी शबनम को लेकर नागरिक अस्पताल में दो दिन पहले आया था। उसकी बेटी में खूनी की कमी थी। पहले तो डॉक्टरों ने उसे दाखिल कर इंजेक्शन लगाया। फिर बोले की इसे रोहतक ले जाओ, जब उसने कहा कि आप यह लिखकर दे दो की इसका यहां इलाज नहीं हो सकता तो मैं बेटी को रोहतक ले जाऊंगा। इसके बाद डॉक्टरों ने उसकी बेटी का इलाज शुरू किया।
विज्ञापन
डाक्टर के सुझाव, बरतें सावधानी
नागरिक अस्पताल के सीनियर फिजिशियन डॉ. ओमपाल सैनी ने बताया कि कोरोना काल में लोगों को बाहर निकलने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन दिनों में ठंडी चीजों का सेवन ना करें, गुनगुना पानी पीयें, खाने का ध्यान रखें, तरल पदार्थ लें। वहीं डेंगू के चलते अपने शरीर को कपड़े से कवर करके रखें और बुखार होने पर डॉक्टर को दिखायें।
आज मैं अवकाश पर था। काम के दौरान यदि डिस्पेंसरी में फार्मासिस्ट चाय पीने जाते हैं तो इस बारे में पता किया जाएगा। अस्पताल में कोशिश की जाती है कि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो।
-डॉ. संजीव ग्रोवर, कार्यकारी पीएमओ नागरिक अस्पताल।
विज्ञापन
वैसे तो नागरिक अस्पताल में ओपीडी का समय सुबह आठ बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक है, लेकिन उपचार के लिए पहुंचे मरीज को डाक्टर और दवा मिल जाए तो वह खुशनसीब है। कारण कि डाक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों का लेट से आना और जल्दी चले जाना आम बात है। इस दौरान चाय नाश्ता भी जरूरी है, भले ही मरीज कितना सीरियस क्यों न हो। मंगलवार को नागरिक अस्पताल पहुंचे रमेश ने बताया कि उसकी पत्नी के कमर में दर्द था तो वह डॉक्टर के पास लेकर आया था। चेकअप होने के बाद डॉक्टर ने दवाई लिखी थी, लेकिन डिस्पेंसरी की खिड़की में कोई नहीं था तो आधे घंटे तक उसकी पत्नी स्ट्रेचर पर ही लेटी रही और वह दवा लेने के लिये लाइन में लगा रहा। वहीं बुजुर्ग जयकिशन ने बताया कि वह 20 मिनट से लाइन में लगा हुआ है, लेकिन डिस्पेंसरी में दवा देने वाला कोई नहीं है। बीमारी से परेशान जयसिंह कहते हैं कि यदि अस्पताल के स्टाफ को चाय पीनी है तो वह पहले पी ले या फिर जब मरीज ना हो तब चाय पी लें। अब लाइन में मरीज दवा लेने के लिये लगे हुये हैं और ये चाय पीने के लिये चले गये।
विज्ञापन
जब डाक्टर बोले-रोहतक ले जाओ
इंद्री निवासी वासिल खान ने बताया कि वह अपनी पांच साल की बेटी शबनम को लेकर नागरिक अस्पताल में दो दिन पहले आया था। उसकी बेटी में खूनी की कमी थी। पहले तो डॉक्टरों ने उसे दाखिल कर इंजेक्शन लगाया। फिर बोले की इसे रोहतक ले जाओ, जब उसने कहा कि आप यह लिखकर दे दो की इसका यहां इलाज नहीं हो सकता तो मैं बेटी को रोहतक ले जाऊंगा। इसके बाद डॉक्टरों ने उसकी बेटी का इलाज शुरू किया।
विज्ञापन
डाक्टर के सुझाव, बरतें सावधानी
नागरिक अस्पताल के सीनियर फिजिशियन डॉ. ओमपाल सैनी ने बताया कि कोरोना काल में लोगों को बाहर निकलने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन दिनों में ठंडी चीजों का सेवन ना करें, गुनगुना पानी पीयें, खाने का ध्यान रखें, तरल पदार्थ लें। वहीं डेंगू के चलते अपने शरीर को कपड़े से कवर करके रखें और बुखार होने पर डॉक्टर को दिखायें।
आज मैं अवकाश पर था। काम के दौरान यदि डिस्पेंसरी में फार्मासिस्ट चाय पीने जाते हैं तो इस बारे में पता किया जाएगा। अस्पताल में कोशिश की जाती है कि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो।
-डॉ. संजीव ग्रोवर, कार्यकारी पीएमओ नागरिक अस्पताल।