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शृंगार के लिए करना पड़ रहा इंतजार
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170......ठाकुर जी का मेकअप करवाने के लिए हो रहा है घंटों इंतजार। संवाद
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करनाल। श्री कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर श्रद्धालुओं ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिस तरह जन्मदिन पर बच्चे को सजाते हैं, उसी तरह श्रद्धालु बाल गोपाल के शृंगार के लिए लालायित हैं लेकिन मेकअप आर्टिस्टों के पास काम ज्यादा होने से उन्हें इंतजार करना पड़ रहा है।
दिन भर आर्टिस्टों के पास बहुत ऑर्डर आते हैं इसलिए वे अन्य ऑर्डर नहीं ले पाते। शृंगार करवाने के लिए आए श्रद्धालुओं ने बताया कि उन्हें दो तीन दिन बाद आने को कहा जा रहा है। वहीं कुछ लोग घंटों लाइन में लग कर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
मैं दो दिन से बाजार में अपने लड्डू गोपाल के शृंगार के लिए आ रही हूं पर किसी भी आर्टिस्ट से समय नहीं मिल पा रहा। दुकानों पर जो लोग मेकअप कर रहे हैं वे भी समय नहीं दे पा रहे हैं। - खुशबू
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पूजन सामग्री की दुकानों पर भीड़ है। लड्डू गोपाल के लिए वस्त्र और आभूषण तो खरीद लिए हैं लेकिन शृंगार के लिए स्टॉल नहीं मिला। ग्राहक ज्यादा होने से आर्टिस्ट आगे का समय दे रहे हैं। - अमित कुमार
दो दिन से कान्हा जी के शृंगार के लिए काम छोड़ कर बाजारों के चक्कर काट रही हूं। आर्टिस्ट का समय ही नहीं मिल पाया। बाल गोपाल के जन्मोत्सव पर उनका शृंगार अनिवार्य है। - सुमन
दुकान में पूजन सामग्री के साथ बाल गोपाल के शृंगार की भी व्यवस्था है। लड्डू गोपाल के शृंगार और मेकअप के भी कई ऑर्डर आ गए हैं। ऐसे में कई बार लोगों को मना करना मजबूरी बन जाता है। - यतिन भूटानी, दुकानदार
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दिन भर आर्टिस्टों के पास बहुत ऑर्डर आते हैं इसलिए वे अन्य ऑर्डर नहीं ले पाते। शृंगार करवाने के लिए आए श्रद्धालुओं ने बताया कि उन्हें दो तीन दिन बाद आने को कहा जा रहा है। वहीं कुछ लोग घंटों लाइन में लग कर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
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मैं दो दिन से बाजार में अपने लड्डू गोपाल के शृंगार के लिए आ रही हूं पर किसी भी आर्टिस्ट से समय नहीं मिल पा रहा। दुकानों पर जो लोग मेकअप कर रहे हैं वे भी समय नहीं दे पा रहे हैं। - खुशबू
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पूजन सामग्री की दुकानों पर भीड़ है। लड्डू गोपाल के लिए वस्त्र और आभूषण तो खरीद लिए हैं लेकिन शृंगार के लिए स्टॉल नहीं मिला। ग्राहक ज्यादा होने से आर्टिस्ट आगे का समय दे रहे हैं। - अमित कुमार
दो दिन से कान्हा जी के शृंगार के लिए काम छोड़ कर बाजारों के चक्कर काट रही हूं। आर्टिस्ट का समय ही नहीं मिल पाया। बाल गोपाल के जन्मोत्सव पर उनका शृंगार अनिवार्य है। - सुमन
दुकान में पूजन सामग्री के साथ बाल गोपाल के शृंगार की भी व्यवस्था है। लड्डू गोपाल के शृंगार और मेकअप के भी कई ऑर्डर आ गए हैं। ऐसे में कई बार लोगों को मना करना मजबूरी बन जाता है। - यतिन भूटानी, दुकानदार