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Karnal News: तापमान गिरते ही बढ़े वायरल के मरीज, एक सप्ताह में 100 मरीज दाखिल

Fri, 17 Oct 2025 02:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Fri, 17 Oct 2025 02:03 AM IST
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Viral cases rise as temperatures drop, with 100 patients admitted in a week
संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। तापमान में गिरावट और मौसम के लगातार बदलाव ने लोगों के स्वास्थ्य पर असर डालना शुरू कर दिया है। एक सप्ताह में जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में खांसी, जुकाम, सिरदर्द और बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। एक सप्ताह में करीब 100 मरीज भर्ती हुए हैं, जिनमें 30 बच्चे और 60 वयस्क शामिल हैं। इनमें कई मरीजों को सेप्सिस और एआरवी जैसी गंभीर श्वसन संबंधी समस्या के चलते भर्ती करना पड़ा है।



जिला नागरिक अस्पताल की फ्लू ओपीडी में रोजाना मरीजों की संख्या बढ़ रही है। ओपीडी में रोजाना करीब 50 से 60 मरीज आ रहे हैं। फ्लू ओपीडी से डॉ. कमल मलिक ने बताया कि मौसम में अचानक गिरावट से वायरस सक्रिय हो जाते हैं। दिन में गर्मी और रात में ठंडक की वजह से शरीर का तापमान संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे लोग तेजी से संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। इन दिनों वायरल फ्लू, सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या 2 गुना बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में आने वाले ज्यादातर मरीज पिछले एक सप्ताह से शरीर टूटने, थकान और बुखार की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। कुछ मरीजों में गले में खराश और खांसी लंबे समय तक बनी रहती है।
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बाल वार्ड तीन दिनों से फुल

अस्पताल के बाल वार्ड में पिछले तीन-चार दिनों से सभी बेड भरे हुए हैं। नर्स मोनिका ने बताया कि ज्यादातर बच्चों को वाइरल बुखार, गले में संक्रमण और सांस लेने में परेशानी की शिकायत है। इनमें कई ऐसे बच्चे भी हैं जिन्हें हाई फीवर और लगातार खांसी की वजह से भर्ती किया गया है। उन्होंने बताया कि मौसम बदलते ही छोटे बच्चों पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है क्योंकि उनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है।
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वयस्कों में बढ़े सेप्सिस और एआरवी केस

वहीं नर्स आशा ने बताया कि वयस्क मरीजों में खांसी-बुखार के साथ-साथ सेप्सिस और एआरवी संक्रमण के केस बढ़े हैं। ऐसे मरीजों में ज्यादातर बुजुर्ग शामिल हैं, जिन्हें सांस लेने में दिक्कत और लगातार कमजोरी की शिकायत रहती है। उन्होंने कहा कि इन मरीजों को ऑक्सीजन सपोर्ट की भी जरूरत पड़ रही है।



खुद को रखें सुरक्षित-

- सुबह-शाम की ठंडी हवा से बचें, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को।

- एसी और फ्रिज का प्रयोग सीमित करें, सीधे ठंडे वातावरण में न जाएं।

- गुनगुना पानी और सूप पिएं, दिन में कई बार भांप लें।

- हल्दी वाला दूध या तुलसी-अदरक का काढ़ा प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।

- अगर बुखार तीन दिन से ज्यादा बना रहे या सांस लेने में परेशानी हो तो डॉक्टर से परामर्श लें।
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