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Karnal News: भूजल स्तर का पता कर सकेंगे ग्रामीण
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। गिरते भूजल के स्तर की जानकारी ग्रामीणों को उन्हीं की ग्राम पंचायतों में मिल सकेगी। इस जानकारी से रूबरू होकर ग्रामीण जल के अतिरिक्त दोहन की बचत करेंगे।
सिंचाई विभाग की अटल भूजल योजना के अंतर्गत भूजल स्तर के आकलन के लिए अभी तक 35 गांवों में पीजोमीटर लगाए जा चुके हैं। अप्रैल में जिले का जलस्तर 0.7 मीटर तक नीचे गिर गया था लेकिन मानसून के बाद अब इसमें इजाफा हुआ है।
योजना के सूचना, शिक्षा व संचार विशेषज्ञ राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि भूजल स्तर को मापने के लिए पीजोमीटर के साथ डिजिटल वाटर लेवल रिकॉर्डर (डीडब्ल्यूएलआर) भी लगाया जाता हैं जिससे 24 घंटे में चार बार भूजल स्तर का डेटा प्राप्त होता है। यह सूचना सुबह छह बजे, दोपहर 12 बजे, शाम छह बजे और मध्य रात्रि 12 बजे हर छह घंटे के अंतराल के बाद बिमस पोर्टल पर दिखेगी।
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करनाल। गिरते भूजल के स्तर की जानकारी ग्रामीणों को उन्हीं की ग्राम पंचायतों में मिल सकेगी। इस जानकारी से रूबरू होकर ग्रामीण जल के अतिरिक्त दोहन की बचत करेंगे।
सिंचाई विभाग की अटल भूजल योजना के अंतर्गत भूजल स्तर के आकलन के लिए अभी तक 35 गांवों में पीजोमीटर लगाए जा चुके हैं। अप्रैल में जिले का जलस्तर 0.7 मीटर तक नीचे गिर गया था लेकिन मानसून के बाद अब इसमें इजाफा हुआ है।
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योजना के सूचना, शिक्षा व संचार विशेषज्ञ राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि भूजल स्तर को मापने के लिए पीजोमीटर के साथ डिजिटल वाटर लेवल रिकॉर्डर (डीडब्ल्यूएलआर) भी लगाया जाता हैं जिससे 24 घंटे में चार बार भूजल स्तर का डेटा प्राप्त होता है। यह सूचना सुबह छह बजे, दोपहर 12 बजे, शाम छह बजे और मध्य रात्रि 12 बजे हर छह घंटे के अंतराल के बाद बिमस पोर्टल पर दिखेगी।
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