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ग्रामीणों ने सात घंटे नीलोखेड़ी-ढांड राज्य राजमार्ग किया जाम
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संवाद न्यूज एजेंसी
निगदू (करनाल)। छोटा बस अड्डा-पस्ताना की खस्ताहाल सड़क से परेशान ग्रामीणों ने नीलोखेड़ी-ढांड राजमार्ग पर सात घंटे जाम लगाकर प्रदर्शन किया। सुबह दस बजे ग्रामीण व दुकानदार छोटे बस अड्डे पर एकत्रित हो गए और जाम लगा दिया। जिससे करनाल, कुरुक्षेत्र व कैथल की ओर आने-जाने वाले वाहन फंस गए। दोपहर को स्कूल की छुट्टी के बाद बस चालकों को दिक्कत झेलनी पड़ी। विद्यार्थी व शिक्षक भी जाम में फंसे रहे। वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से गुजरना पड़ा। कुछ लोग पैदल जाने पर विवश हुए।
प्रदर्शनकारियों ने निगदू सीमा क्षेत्र में सड़क की मरम्मत करने की मांग की। लोक निर्माण विभाग के उपमंडल अधिकारी अमित कौशिक, उप पुलिस अधीक्षक जगदीप सिंह व नायब तहसीलदार अनिल कुमार मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को मनाने की कोशिश की लेकिन वे लिखित आश्वासन पर अड़े रहे। जब मौके पर जेसीबी से सड़क पर मिट्टी डालने का काम शुरू किया गया तो शाम पांच बजे के बाद ही ग्रामीणों ने जाम खोला।
सीवरलेन दबाते समय उखाड़ दी थी सड़कें व गलियां
निगदू कस्बे में सीवरलेन व पेयजल पाइपलाइन दबाने के लिए करीब डेढ़ साल पहले 8.73 करोड़ रुपये का टेंडर लगाया गया था। इसके तहत निगदू की हर गली में खुदाई की गई। जो गलियां व सड़कें उखाड़कर पाइप दबाए गए उनकी पुन: मरम्मत नहीं की। जिस कारण कस्बे की गलियों की हालत खराब हो गई। कस्बे की सीमा से लगते स्टेट हाईवे की भी यही स्थिति है। पाइपलाइन दबाते समय सड़क को कई जगह से उखाड़ रखा है। जिसकी ग्रामीणों ने पुनर्निर्माण की मांग की।
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अर्थी ले जाना भी मुश्किल
आक्रोशित ग्रामीणों ने कहा कि निगदू-पस्ताना सड़क की डेढ़ किलोमीटर तक बेहद खराब है। श्मशानघाट तक अर्थी ले जाने के लिए चार के बजाय आठ लोगों को कंधा देना पड़ता है। रविवार को कस्बे में 24 वर्षीय युवक की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। उसके संस्कार के समय अर्थी ले जाते हुए बड़ी दिक्कत हुई। सड़क से पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है। रात के समय वाहन चालक चोटिल हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने बंद करवाईं दुकानें
राजमार्ग पर जाम लगने के बाद लोक निर्माण विभाग के किसी अधिकारी के मौके पर नहीं पहुंचने से आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने कस्बे की मार्केट में दुकानें बंद करवाईं। बाद में कनिष्ठ अभियंता सुरेश कुमार ने प्रदर्शनकारियों से बात की। ग्रामीणों ने सड़क का फिर से निर्माण करने व पुलिया बनाने की मांग रखी। सुरेश कुमार ने कहा कि जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग व ठेकेदार की वजह से दिक्कत हुई है। दूसरी ओर जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उनकी ओर से सड़क से लगते सभी कार्य पूरे किए जा चुके हैं। सड़क पुनर्निर्माण के लिए करीब एक करोड़ रुपये की राशि पीडब्ल्यूडी में जमा हो चुकी है।
चार-पांच दिन के अंदर सड़क पर मिट्टी व रोड़ा डालकर समस्या का समाधान करवा दिया जाएगा। निगदू से पस्ताना सड़क को बनाने के लिए दो महीने में टेंडर लगाकर काम करवा दिया जाएगा।
-अमित कौशिक, उपमंडल अधिकारी, लोक निर्माण विभाग
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निगदू (करनाल)। छोटा बस अड्डा-पस्ताना की खस्ताहाल सड़क से परेशान ग्रामीणों ने नीलोखेड़ी-ढांड राजमार्ग पर सात घंटे जाम लगाकर प्रदर्शन किया। सुबह दस बजे ग्रामीण व दुकानदार छोटे बस अड्डे पर एकत्रित हो गए और जाम लगा दिया। जिससे करनाल, कुरुक्षेत्र व कैथल की ओर आने-जाने वाले वाहन फंस गए। दोपहर को स्कूल की छुट्टी के बाद बस चालकों को दिक्कत झेलनी पड़ी। विद्यार्थी व शिक्षक भी जाम में फंसे रहे। वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से गुजरना पड़ा। कुछ लोग पैदल जाने पर विवश हुए।
प्रदर्शनकारियों ने निगदू सीमा क्षेत्र में सड़क की मरम्मत करने की मांग की। लोक निर्माण विभाग के उपमंडल अधिकारी अमित कौशिक, उप पुलिस अधीक्षक जगदीप सिंह व नायब तहसीलदार अनिल कुमार मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को मनाने की कोशिश की लेकिन वे लिखित आश्वासन पर अड़े रहे। जब मौके पर जेसीबी से सड़क पर मिट्टी डालने का काम शुरू किया गया तो शाम पांच बजे के बाद ही ग्रामीणों ने जाम खोला।
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सीवरलेन दबाते समय उखाड़ दी थी सड़कें व गलियां
निगदू कस्बे में सीवरलेन व पेयजल पाइपलाइन दबाने के लिए करीब डेढ़ साल पहले 8.73 करोड़ रुपये का टेंडर लगाया गया था। इसके तहत निगदू की हर गली में खुदाई की गई। जो गलियां व सड़कें उखाड़कर पाइप दबाए गए उनकी पुन: मरम्मत नहीं की। जिस कारण कस्बे की गलियों की हालत खराब हो गई। कस्बे की सीमा से लगते स्टेट हाईवे की भी यही स्थिति है। पाइपलाइन दबाते समय सड़क को कई जगह से उखाड़ रखा है। जिसकी ग्रामीणों ने पुनर्निर्माण की मांग की।
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अर्थी ले जाना भी मुश्किल
आक्रोशित ग्रामीणों ने कहा कि निगदू-पस्ताना सड़क की डेढ़ किलोमीटर तक बेहद खराब है। श्मशानघाट तक अर्थी ले जाने के लिए चार के बजाय आठ लोगों को कंधा देना पड़ता है। रविवार को कस्बे में 24 वर्षीय युवक की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। उसके संस्कार के समय अर्थी ले जाते हुए बड़ी दिक्कत हुई। सड़क से पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है। रात के समय वाहन चालक चोटिल हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने बंद करवाईं दुकानें
राजमार्ग पर जाम लगने के बाद लोक निर्माण विभाग के किसी अधिकारी के मौके पर नहीं पहुंचने से आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने कस्बे की मार्केट में दुकानें बंद करवाईं। बाद में कनिष्ठ अभियंता सुरेश कुमार ने प्रदर्शनकारियों से बात की। ग्रामीणों ने सड़क का फिर से निर्माण करने व पुलिया बनाने की मांग रखी। सुरेश कुमार ने कहा कि जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग व ठेकेदार की वजह से दिक्कत हुई है। दूसरी ओर जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उनकी ओर से सड़क से लगते सभी कार्य पूरे किए जा चुके हैं। सड़क पुनर्निर्माण के लिए करीब एक करोड़ रुपये की राशि पीडब्ल्यूडी में जमा हो चुकी है।
चार-पांच दिन के अंदर सड़क पर मिट्टी व रोड़ा डालकर समस्या का समाधान करवा दिया जाएगा। निगदू से पस्ताना सड़क को बनाने के लिए दो महीने में टेंडर लगाकर काम करवा दिया जाएगा।
-अमित कौशिक, उपमंडल अधिकारी, लोक निर्माण विभाग