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एमएलआर न काटने पर डॉक्टर के खिलाफ प्रदर्शन
ब्यूरो/अमरउजाला, करनाल
Updated Wed, 04 Nov 2015 12:42 AM IST
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सामान्य अस्पताल के एक डॉक्टर द्वारा एमएलआर न काटने पर संधीर गांव के
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ग्रामीण भड़क गए और डॉक्टर के खिलाफ नारेबाजी की। सूचना मिलने पर चौकी
प्रभारी हरविंद्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को
समझा बुझाकर शांत करवाया। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क दुघर्टना में मारे
गए जयसिंह की एमएलआर करने की एवज में डॉक्टर ने रिश्वत ली और सड़क दुघर्टना
में घायल मृतक के पोते कौशल की एमएलआर काटने में डॉक्टर पांच हजार की
रिश्वत मांग रहा था। रिश्वत न मिलने पर डॉक्टर ने कई चक्कर लगवाए।
17 अक्तूबर को संधीर निवासी जय सिंह अपने सात वर्षीय पोते कौशल के साथ बाइक से नीलोखेड़ी आ रहे थे कि उनकी मोटरसाइकिल एक ट्रक की चपेट में आ गई। डॉक्टरों ने दोनों को करनाल रेफर कर दिया लेकिन रास्ते में जय सिंह की मौत हो गई, जबकि कौशल को करनाल के एक प्राइवेट अस्पताल में दाखिल करवाया गया। मृतक जयसिंह के पुत्र जितेंद्र ने आरोप लगाया कि पिता की एमएलआर काटने के लिए एक डॉक्टर ने दो हजार रुपये लिए और कौशल की एमएलआर काटने के लिए कई चक्कर लगवाए।
डॉक्टर ने पांच हजार रुपये की मांग शुरू कर दी। ग्रामीणों ने तंग आकर अस्पताल में डॉक्टर के खिलाफ प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। सूचना मिलने पर चौकी प्रभारी हरविंद्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए समाचार लिए जाने तक दोनों पक्षों में समझौते के प्रयास चल रहे थे। हरविंद्र सिंह थाना बुटाना प्रभारी का कहना है कि ग्रामीणों की मांग पर एमएलआर जारी कर दिया गया है और उन्हें समझाकर भेज दिया गया है। रिश्वत मांगने के मामले की जांच की जाएगी। उधर, डॉक्टर ने आरोपों को नकारा है।
17 अक्तूबर को संधीर निवासी जय सिंह अपने सात वर्षीय पोते कौशल के साथ बाइक से नीलोखेड़ी आ रहे थे कि उनकी मोटरसाइकिल एक ट्रक की चपेट में आ गई। डॉक्टरों ने दोनों को करनाल रेफर कर दिया लेकिन रास्ते में जय सिंह की मौत हो गई, जबकि कौशल को करनाल के एक प्राइवेट अस्पताल में दाखिल करवाया गया। मृतक जयसिंह के पुत्र जितेंद्र ने आरोप लगाया कि पिता की एमएलआर काटने के लिए एक डॉक्टर ने दो हजार रुपये लिए और कौशल की एमएलआर काटने के लिए कई चक्कर लगवाए।
डॉक्टर ने पांच हजार रुपये की मांग शुरू कर दी। ग्रामीणों ने तंग आकर अस्पताल में डॉक्टर के खिलाफ प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। सूचना मिलने पर चौकी प्रभारी हरविंद्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए समाचार लिए जाने तक दोनों पक्षों में समझौते के प्रयास चल रहे थे। हरविंद्र सिंह थाना बुटाना प्रभारी का कहना है कि ग्रामीणों की मांग पर एमएलआर जारी कर दिया गया है और उन्हें समझाकर भेज दिया गया है। रिश्वत मांगने के मामले की जांच की जाएगी। उधर, डॉक्टर ने आरोपों को नकारा है।