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Karnal News: धार्मिक प्रस्तुतियां देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध
Wed, 04 Dec 2024 01:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Wed, 04 Dec 2024 01:51 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के अंतर्गत 48 कोस तीर्थ पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान धार्मिक प्रस्तुतियां देखकर लोग मंत्रमुग्ध हो गए।
सोमवार को विमल सर तीर्थ सग्गा, आहन तीर्थ निगदू, दशरथ तीर्थ औगंद, मिश्रक तीर्थ निसिंग, दक्षेश्वर तीर्थ डाचर, गवेंदर तीर्थ गोंदर, जमदग्रि कुंड जलमाना, त्रिगुणानंद तीर्थ गुनियाना, वेदवती तीर्थ सीतामाई, ब्रह्म तीर्थ सावंत, आरोग्य तीर्थ बरास तथा दुंडीराज तीर्थ सौंकड़ा पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
उन्होंने बताया कि धर्मक्षेत्र-कुरुक्षेत्र 48 कोस की परिधि में फैला हुआ है। इस क्षेत्र में 182 महाभारत कालीन तीर्थ हैं। महाभारत युद्ध के दौरान कुरुक्षेत्र में मोह ग्रस्त अर्जुन को भगवान श्रीकृष्ण जी ने पवित्र गीता का उपदेश दिया था, जो संपूर्ण मानव जाति के लिए भी था। उन्होंने बताया कि भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व रखने वाले स्थल और श्रीमद्भागवत की जन्मस्थली धर्मक्षेत्र-कुरुक्षेत्र की पावन भूमि पर वर्ष 2016 से मनाया जा रहा अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव इस वर्ष भी धूमधाम से मनाया जा रहा है।
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इस बार नौवे अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में अध्यात्म, संस्कृति एवं कला का दिव्य संगम देखने को मिलेगा। यह आयोजन 15 दिसंबर तक चलेगा। 18 दिनों तक चलने वाले इस अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम पांच दिसंबर से 11 दिसंबर तक चलेंगे, जिसकी शुरुआत पांच दिसंबर को ब्रह्मसरोवर के पुरुषोत्तम पुरा बाग में गीता यज्ञ एवं पूजन के साथ होगी।
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करनाल। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के अंतर्गत 48 कोस तीर्थ पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान धार्मिक प्रस्तुतियां देखकर लोग मंत्रमुग्ध हो गए।
सोमवार को विमल सर तीर्थ सग्गा, आहन तीर्थ निगदू, दशरथ तीर्थ औगंद, मिश्रक तीर्थ निसिंग, दक्षेश्वर तीर्थ डाचर, गवेंदर तीर्थ गोंदर, जमदग्रि कुंड जलमाना, त्रिगुणानंद तीर्थ गुनियाना, वेदवती तीर्थ सीतामाई, ब्रह्म तीर्थ सावंत, आरोग्य तीर्थ बरास तथा दुंडीराज तीर्थ सौंकड़ा पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
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उन्होंने बताया कि धर्मक्षेत्र-कुरुक्षेत्र 48 कोस की परिधि में फैला हुआ है। इस क्षेत्र में 182 महाभारत कालीन तीर्थ हैं। महाभारत युद्ध के दौरान कुरुक्षेत्र में मोह ग्रस्त अर्जुन को भगवान श्रीकृष्ण जी ने पवित्र गीता का उपदेश दिया था, जो संपूर्ण मानव जाति के लिए भी था। उन्होंने बताया कि भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व रखने वाले स्थल और श्रीमद्भागवत की जन्मस्थली धर्मक्षेत्र-कुरुक्षेत्र की पावन भूमि पर वर्ष 2016 से मनाया जा रहा अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव इस वर्ष भी धूमधाम से मनाया जा रहा है।
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इस बार नौवे अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में अध्यात्म, संस्कृति एवं कला का दिव्य संगम देखने को मिलेगा। यह आयोजन 15 दिसंबर तक चलेगा। 18 दिनों तक चलने वाले इस अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम पांच दिसंबर से 11 दिसंबर तक चलेंगे, जिसकी शुरुआत पांच दिसंबर को ब्रह्मसरोवर के पुरुषोत्तम पुरा बाग में गीता यज्ञ एवं पूजन के साथ होगी।