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वाहन चेकिंग के दौरान भाजपा नेता और पुलिसकर्मी में तनातनी
karnal
Updated Sat, 25 Feb 2017 12:16 AM IST
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tussle
- फोटो : bureau
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वाहन चेकिंग के दौरान शुक्रवार को सरेबाजार जमकर हंगामा हुआ। शहर के बीचोबीच कमेटी चौक पर वाहनाें की चेकिंग के दौरान एक भाजपा नेता और पुलिसकर्मी में कहासुनी हो गई। आरोप है कि भाजपा नेता ने पुलिसकर्मी को धक्का दे दिया। इसके बाद पुलिसकर्मी ने भाजपा नेता को थप्पड़ और मुक्के तक जड़ दिए। आरोप है कि अन्य पुलिस कर्मचारियों ने भी भाजपा नेता के साथ धक्कामुक्की की। लहूलुहान भाजपा नेता को कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में दाखिल कराया गया, वहीं पुलिस कर्मचारी ने भी भाजपा नेता पर मारपीट का आरोप लगाते हुए मेडिकल कराया। देर शाम तक मामले को सुलझाने को लेकर प्रयास चलते रहे। बाद में आरोपी पुलिस कर्मचारी को तुरंत प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया।
शुक्रवार की सुबह शहर में जगह-जगह पुलिस ने चेकिंग के लिए नाके लगाए। इसी के तहत कमेटी चौक पर ट्रैफिक पुलिस की ओर से नाका लगाया गया था। बताया जाता है कि इसी दौरान भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश सचिव सतीश पांचाल बाइक पर सवार होकर आ रहे थे तो पुलिस कर्मचारी जोगा सिंह ने उसे चेकिंग के लिए रोक लिया है। बताया जाता है कि इसी बात को लेकर दोनों में कहासुनी हो गई। आरोप है कि पुलिस कर्मचारी ने बाइक की चाबी निकाल ली। बात कहासुनी से बढ़कर हाथापाई और फिर धक्कामुक्की पर आ गई। इस दौरान दोनों में जमकर मारपीट हुई। आरोप है कि पुलिस कर्मचारी ने भाजपा नेता को जमकर धुना, इतना ही नहीं पुलिस कर्मचारी ईंट उठाकर मारने भी दौड़ा। एक पुलिस कर्मचारी ने पांचाल को पकड़ लिया, जबकि जोगा सिंह उस पर वार करता रहा। शोर व झगड़े को देखते हुए मौके पर दुकानदार व राहगीर एकत्र हो गए और किसी तरह दोनों को अलग किया। वहीं, सूचना मिलने पर सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। इस दौरान लहूलुहान भाजपा नेता को मेडिकल कालेज में दाखिल कराया गया, जबकि जोगा सिंह ने भी अपना मेडिकल कराया। इस दौरान करीब आधे घंटे तक कमेटी चौक पर जाम की स्थिति बनी रही।
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मैंने केवल गाड़ी को हाथ देकर रुकवाया। गाड़ी के कागजात चेकिंग के लिए कहा था। भाजपा नेता ने कहा कि तू मेरे को जानता नहीं। मैंने इस पर कह दिया कि मैं नहीं जानता। इस पर भाजपा ने कहा कि तू कौन होता है कि मेरे कागजात चेक करने वाला। इस पर फिर उन्होंने चौक पर जूते मारने की बात कही। इतना ही नहीं उन्होंने मेरी वर्दी भी फाड़ी और धक्के भी दिए। मैंने मारपीट नहीं की। धक्का-मुक्की में सतीश पांचाल को चोट लगी है।
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-जोगा सिंह, पुलिस हवलदार।
मेरे पास बाइक के सभी कागजात थे। जैसे ही मैंने कहा तो जोगा सिंह ने मेरी बाइक की चाबी निकाल ली और धक्का देने लगा। साथ ही पिटाई शुरू कर दी। जब उसे बताया कि वह भाजपा नेता हैं तो उसने फिर भी नहीं सुनी। इसके बाद जो हुआ सभी के सामने है। तीन चार और पुलिस कर्मचारियों ने पकड़ लिया और जोगा सिंह ने मेरे साथ मारपीट की। ये लोग ऐसा करके सरकार को बदनाम करने की कोशिश करते हैं। इसको तुरंत प्रभाव से सस्पेंड किया जाए व चेकिंग स्टाफ में अच्छे पुलिस कर्मचारियों को लगाया जाए। इस मामले को लेकर सरकार के सामने भी रखेंगे।
- सतीश पांचाल, भाजपा नेता।
दोपहर बाद हुआ समझौता
मामले को लेकर जहां दोनों पक्षों ने अलग-अलग अपना मेडिकल कराया, वहीं ट्रामा सेंटर में भाजपा नेताओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। मामला बढ़ता देख केडीबी के महासचिव अशोक सुखीजा, युवा अध्यक्ष मुकेश अरोड़ा व अन्य भाजपा नेता पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। करीब एक घंटे तक चली पंचायत में दोनों पक्षों ने अपनी अपनी बात रखी और दोनों का समझौता करा दिया गया। इस बारे में सिटी थाना प्रभारी मोहन लाल का कहना है कि दोनों पक्षों की पंचायत बैठाई गई थी। दोनों की सुलह करा दी गई है। वहीं, पुलिस कर्मचारी को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
शुक्रवार की सुबह शहर में जगह-जगह पुलिस ने चेकिंग के लिए नाके लगाए। इसी के तहत कमेटी चौक पर ट्रैफिक पुलिस की ओर से नाका लगाया गया था। बताया जाता है कि इसी दौरान भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश सचिव सतीश पांचाल बाइक पर सवार होकर आ रहे थे तो पुलिस कर्मचारी जोगा सिंह ने उसे चेकिंग के लिए रोक लिया है। बताया जाता है कि इसी बात को लेकर दोनों में कहासुनी हो गई। आरोप है कि पुलिस कर्मचारी ने बाइक की चाबी निकाल ली। बात कहासुनी से बढ़कर हाथापाई और फिर धक्कामुक्की पर आ गई। इस दौरान दोनों में जमकर मारपीट हुई। आरोप है कि पुलिस कर्मचारी ने भाजपा नेता को जमकर धुना, इतना ही नहीं पुलिस कर्मचारी ईंट उठाकर मारने भी दौड़ा। एक पुलिस कर्मचारी ने पांचाल को पकड़ लिया, जबकि जोगा सिंह उस पर वार करता रहा। शोर व झगड़े को देखते हुए मौके पर दुकानदार व राहगीर एकत्र हो गए और किसी तरह दोनों को अलग किया। वहीं, सूचना मिलने पर सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। इस दौरान लहूलुहान भाजपा नेता को मेडिकल कालेज में दाखिल कराया गया, जबकि जोगा सिंह ने भी अपना मेडिकल कराया। इस दौरान करीब आधे घंटे तक कमेटी चौक पर जाम की स्थिति बनी रही।
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मैंने केवल गाड़ी को हाथ देकर रुकवाया। गाड़ी के कागजात चेकिंग के लिए कहा था। भाजपा नेता ने कहा कि तू मेरे को जानता नहीं। मैंने इस पर कह दिया कि मैं नहीं जानता। इस पर भाजपा ने कहा कि तू कौन होता है कि मेरे कागजात चेक करने वाला। इस पर फिर उन्होंने चौक पर जूते मारने की बात कही। इतना ही नहीं उन्होंने मेरी वर्दी भी फाड़ी और धक्के भी दिए। मैंने मारपीट नहीं की। धक्का-मुक्की में सतीश पांचाल को चोट लगी है।
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-जोगा सिंह, पुलिस हवलदार।
मेरे पास बाइक के सभी कागजात थे। जैसे ही मैंने कहा तो जोगा सिंह ने मेरी बाइक की चाबी निकाल ली और धक्का देने लगा। साथ ही पिटाई शुरू कर दी। जब उसे बताया कि वह भाजपा नेता हैं तो उसने फिर भी नहीं सुनी। इसके बाद जो हुआ सभी के सामने है। तीन चार और पुलिस कर्मचारियों ने पकड़ लिया और जोगा सिंह ने मेरे साथ मारपीट की। ये लोग ऐसा करके सरकार को बदनाम करने की कोशिश करते हैं। इसको तुरंत प्रभाव से सस्पेंड किया जाए व चेकिंग स्टाफ में अच्छे पुलिस कर्मचारियों को लगाया जाए। इस मामले को लेकर सरकार के सामने भी रखेंगे।
- सतीश पांचाल, भाजपा नेता।
दोपहर बाद हुआ समझौता
मामले को लेकर जहां दोनों पक्षों ने अलग-अलग अपना मेडिकल कराया, वहीं ट्रामा सेंटर में भाजपा नेताओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। मामला बढ़ता देख केडीबी के महासचिव अशोक सुखीजा, युवा अध्यक्ष मुकेश अरोड़ा व अन्य भाजपा नेता पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। करीब एक घंटे तक चली पंचायत में दोनों पक्षों ने अपनी अपनी बात रखी और दोनों का समझौता करा दिया गया। इस बारे में सिटी थाना प्रभारी मोहन लाल का कहना है कि दोनों पक्षों की पंचायत बैठाई गई थी। दोनों की सुलह करा दी गई है। वहीं, पुलिस कर्मचारी को लाइन हाजिर कर दिया गया है।