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Karnal News: असंध सीट पर दिग्गज नेताओं की निगाहें
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- 22 सितंबर को योगी आदित्यनाथ कर चुके रैली, आज राहुल गांधी जनसभा कर मतदाताओं को साधेंगे
- बसपा सुप्रीमो मायावती की रैली 30 सितंबर को तय
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के संसदीय क्षेत्र की असंध विधान सभा सीट अब बड़े नेताओं की निगाहों में हैं। इस सीट पर मुकाबला दिलचस्प होता जा रहा है। मतदाताओं को साधने के लिए चार दिन पहले यहां पहुंचे योगी आदित्यनाथ के बाद अब वीरवार को कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी पहुंचने वाले हैं। साथ ही यहां 30 सितंबर को बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी चुनावी सभा को अंतिम रूप दे दिया है। तीनों पार्टियां इस सीट को जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक रही हैं।
यूं तो 1977 से 2019 तक इस सीट पर 10 विधान सभा चुनाव हो चुके हैं, 2024 का ये 11वां चुनाव हो रहा है। सियासी पार्टियों का चुनावी गणित ये है कि 2014 में इस सीट पर भाजपा ने कमल खिलाया था, जिसमें बख्शीश सिंह विधायक बने थे, जबकि 2019 में कांग्रेस के शमशेर सिंह गोगी ने जीत हासिल की थी, उन्हें 32114 मत मिले थे, लेकिन बसपा प्रत्याशी नरेंद्र सिंह 30411 मत लेकर दूसरे स्थान पर रहे थे, यही वह गणित है, जिसके सहारे बसपा को लगता है कि वह ये सीट जीत सकती है, क्योंकि जीत सिर्फ 1703 मत दूर थी।
इस बार बसपा इनेलो के साथ गठबंधन से भी लड़ रही है। भाजपा प्रत्याशी तीसरे स्थान पर रहा था, जिसे 28518 मत मिले थे। कुल मिलाकर तीनों दलों के बीच घमासान की स्थिति है। हालांकि पिछले चुनाव में जो बख्शीश सिंह भाजपा से विधायक बने, दूसरी बार कम अंतर से हारे, इस बार टिकट न मिलने के कारण वह बागी होकर कांग्रेस के पाले में चले गए हैं, दूसरी ओर भाजपा के एक और पूर्व विधायक जिलेराम शर्मा बागी होकर निर्दलीय चुनाव मैदान में ताल ठोक रहे हैं, ऐसे में कांग्रेस भी अपनी सीट को बरकरार रखने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही है।
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यही कारण है कि भाजपा प्रत्याशी योगेंद्र राणा के समर्थन में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ जिस असंध अनाज मंडी में 22 सितंबर को जन आशीर्वाद रैली करके माहौल बनाकर जा चुके हैं, अब उसी अनाज मंडी में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष, संसद में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी चुनावी रैली करने वीरवार को पहुंच रहे हैं, जिससे वह एक बार फिर चुनावी फिजा को कांग्रेस के पक्ष में कर सकें। शमशेर सिंह गोगी, सांसद एवं पूर्व हरियाणा कांग्रेस की अध्यक्ष कुमारी सैलजा के भी करीबी माने जाते हैं, इसलिए राहुल गांधी के साथ वह भी यहां मौजूद रहेंगी।
इसके बाद बसपा-इनेलो प्रत्याशी गोपाल राणा के समर्थन में भी बसपा की भी बड़ी रैली करने की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। 30 सितंबर को प्रस्तावित इस रैली को बहुजन समाज पार्टी की मुखिया एवं यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती संबोधित करने आ रही हैं, ताकि चुनावी हवा को वह अपने प्रत्याशी की ओर करके पिछले चुनाव की मतों की कमी को पूरा कर सीट पर जीत का परचम लहरा सकें। इस रैली में इनेलो के भी बड़े नेता मंच पर रहेंगे। कुल मिलाकर भाजपा, कांग्रेस और बसपा-इनेलो ने अपने अपने प्रत्याशियों की जीत को सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है।
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- बसपा सुप्रीमो मायावती की रैली 30 सितंबर को तय
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के संसदीय क्षेत्र की असंध विधान सभा सीट अब बड़े नेताओं की निगाहों में हैं। इस सीट पर मुकाबला दिलचस्प होता जा रहा है। मतदाताओं को साधने के लिए चार दिन पहले यहां पहुंचे योगी आदित्यनाथ के बाद अब वीरवार को कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी पहुंचने वाले हैं। साथ ही यहां 30 सितंबर को बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी चुनावी सभा को अंतिम रूप दे दिया है। तीनों पार्टियां इस सीट को जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक रही हैं।
यूं तो 1977 से 2019 तक इस सीट पर 10 विधान सभा चुनाव हो चुके हैं, 2024 का ये 11वां चुनाव हो रहा है। सियासी पार्टियों का चुनावी गणित ये है कि 2014 में इस सीट पर भाजपा ने कमल खिलाया था, जिसमें बख्शीश सिंह विधायक बने थे, जबकि 2019 में कांग्रेस के शमशेर सिंह गोगी ने जीत हासिल की थी, उन्हें 32114 मत मिले थे, लेकिन बसपा प्रत्याशी नरेंद्र सिंह 30411 मत लेकर दूसरे स्थान पर रहे थे, यही वह गणित है, जिसके सहारे बसपा को लगता है कि वह ये सीट जीत सकती है, क्योंकि जीत सिर्फ 1703 मत दूर थी।
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इस बार बसपा इनेलो के साथ गठबंधन से भी लड़ रही है। भाजपा प्रत्याशी तीसरे स्थान पर रहा था, जिसे 28518 मत मिले थे। कुल मिलाकर तीनों दलों के बीच घमासान की स्थिति है। हालांकि पिछले चुनाव में जो बख्शीश सिंह भाजपा से विधायक बने, दूसरी बार कम अंतर से हारे, इस बार टिकट न मिलने के कारण वह बागी होकर कांग्रेस के पाले में चले गए हैं, दूसरी ओर भाजपा के एक और पूर्व विधायक जिलेराम शर्मा बागी होकर निर्दलीय चुनाव मैदान में ताल ठोक रहे हैं, ऐसे में कांग्रेस भी अपनी सीट को बरकरार रखने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही है।
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यही कारण है कि भाजपा प्रत्याशी योगेंद्र राणा के समर्थन में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ जिस असंध अनाज मंडी में 22 सितंबर को जन आशीर्वाद रैली करके माहौल बनाकर जा चुके हैं, अब उसी अनाज मंडी में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष, संसद में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी चुनावी रैली करने वीरवार को पहुंच रहे हैं, जिससे वह एक बार फिर चुनावी फिजा को कांग्रेस के पक्ष में कर सकें। शमशेर सिंह गोगी, सांसद एवं पूर्व हरियाणा कांग्रेस की अध्यक्ष कुमारी सैलजा के भी करीबी माने जाते हैं, इसलिए राहुल गांधी के साथ वह भी यहां मौजूद रहेंगी।
इसके बाद बसपा-इनेलो प्रत्याशी गोपाल राणा के समर्थन में भी बसपा की भी बड़ी रैली करने की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। 30 सितंबर को प्रस्तावित इस रैली को बहुजन समाज पार्टी की मुखिया एवं यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती संबोधित करने आ रही हैं, ताकि चुनावी हवा को वह अपने प्रत्याशी की ओर करके पिछले चुनाव की मतों की कमी को पूरा कर सीट पर जीत का परचम लहरा सकें। इस रैली में इनेलो के भी बड़े नेता मंच पर रहेंगे। कुल मिलाकर भाजपा, कांग्रेस और बसपा-इनेलो ने अपने अपने प्रत्याशियों की जीत को सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है।