विदेशों से गेहूं आयात करना दुर्भाग्यपूर्ण : मान
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केन्द्र सरकार द्वारा विदेशों से 50 लाख क्विंटल गेहूं आयात करने के निर्णय का भारतीय किसान यूनियन ने विरोध किया है। इस विरोध को बुलंद करते हुए भारतीय किसान यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष रतनमान ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन इसका देशभर में विरोध करेगी। यह निर्णय सरकार द्वारा किसानों को बर्बाद करने की साजिश का एक बड़ा हिस्सा है। ऐसे में जबकि देश में गेहूं की बंपर पैदावार होनी है। ऐसी स्थिति में किसानों को दबाने के लिए सरकार ने 50 लाख क्विंटल गेहूं आयात किया है। उन्होंने कहा कि इस विरोध को गांव-गांव स्तर पर उठाया जाएगा। उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि जहां सरकार एक तरफ उद्योगपतियों को करोड़ों रुपये की सब्सिडी दे रही है।
वहीं दूसरी तरफ देश के अन्न भंडारों को भरने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले किसानों का कर्ज मुक्त करने के लिए किसी तरह की बजट में प्रावधान नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार हरियाणा और देश के अन्य हिस्सों में डॉक्टर स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक फसलों का समर्थन मूल्य तय करें। उन्होंने कहा कि किसानों के बच्चों को सरकारी नौकरी और बड़े शिक्षण संस्थानों में आरक्षण देना चाहिए। अभी तक किसानों को गेहूं और बीज पर सब्सिडी नहीं दी गई है। उनके खातों में सब्सिडी जमा करवाई जाएं। उन्होंने कहा कि लावारिस पशुओं को संभालने के लिए गांव-गांव में गोशाला और नंदी ग्राम बनाएं जाएं।
इससे किसानों की फसल बर्बाद होने से बचे। उन्होंने कहा कि 3 मार्च को होने वाली दहाड़ किसान महापंचायत ने हजारों की तादात में लोग एकत्रित होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार किसान विरोधी है। इस अवसर पर मेहताब कादियान, किसान नेता नेकी राम गढ़ीबीरबल, सतबीर मढ़ान, धर्मबीर सिंह, राजकुमार, श्याम सिंह मान समेत अन्य किसान मौजूद रहे।