{"_id":"64ed0a869b44031f3c09fe7a","slug":"two-teachers-of-karna-nagri-selected-for-state-award-karnal-news-c-18-knl1031-206398-2023-08-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: कर्ण नगरी के दो शिक्षकों का राज्य पुरस्कार के लिए चयन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: कर्ण नगरी के दो शिक्षकों का राज्य पुरस्कार के लिए चयन
विज्ञापन
- गोंदर स्कूल के हिंदी शिक्षक विनोद का शत-प्रतिशत रहा परीक्षा परिणाम, डोडवा के मुख्य शिक्षक प्रदीप की छात्र संख्या बढ़ी और ड्रॉपआउट रहा शून्य
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। प्रदेश सरकार की ओर से शिक्षक दिवस से करीब एक सप्ताह पहले ही पुरस्कार के लिए शिक्षकों के नामों की घोषणा कर दी है। जिसमें कर्ण नगरी के दो शिक्षकों का पुरस्कार के लिए चयन हुआ है। इसमें गोंदर गांव के राजकीय स्कूल के हिंदी शिक्षक विनोद कुमार का चयन वर्ष 2023 के पुरस्कार के लिए हुआ है। उनके स्कूल का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा है।
वहीं, डोडवा के प्राथमिक स्कूल के मुख्य शिक्षक प्रदीप ने छात्र संख्या बढ़ाई और उनके स्कूल की ड्रापआउट दर शून्य है, इसलिए इनका वर्ष 2022 के पुरस्कार के लिए चयन हुआ है। शिक्षकों के इस पुरस्कार के चयन से उनके स्कूल और घर में खुशी का माहौल है। शिक्षकों ने भी अपने इस पुरस्कार को बच्चों और स्टाफ को समर्पित किया है। अमर उजाला से बातचीत में शिक्षकों ने कहा कि उनका लक्ष्य विद्यार्थियों का भविष्य उज्ज्वल बनाना रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए वे बच्चों को अपना मानकर कार्य करते रहे और आगे भी करेंगे।
स्कूल का किया विकास, बच्चों की प्रतिभा निखारी
- विनोद कुमार : हिंदी शिक्षक, जीजीएसएसएस गोंदर
- पुरस्कार वर्ष : 2023
उपलब्धि : इन्होंने अपनी ड्यूटी के दौरान स्कूल का विकास कराया और बच्चों की प्रतिभा को भी निखारा। हिंदी विषय पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक कार्यों में भी आगे रहते हैं। पिछले पांच साल से एसीआर में ए प्लस ग्रेड मिला। कक्षा छठी से आठवीं तक पढ़ाते हैं, इन तीनों कक्षाओं का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत है। घर-घर सर्वे करके हर साल स्कूल की छात्र संख्या बढ़ाई। मिड डे मील के प्रभारी भी हैं, बेहतर मील देने की भी प्रशंसा अधिकारियों द्वारा की जा चुकी है। गांव के सहयोग से स्कूल में टाइलें बिछवाईं और चहारदीवारी बनवाई। इसके अलावा ग्रामीणों के सहयोग से जोहड़ में मिट्टी भरकर इस जगह पर गणित लैब तैयार कराई। हिंदी की पढ़ाई के लिए यू-ट्यूब चैनल भी है। इनके विद्यार्थी हिंदी विषय की निबंध, वर्तनी, कहानी लेखन प्रतियोगिता, जिला स्तर पर उनकी टीम तीन साल से पुरस्कार जीत चुके हैं।
विज्ञापन
पहली बार किया आवेदन
शिक्षक विनोद ने बताया कि उन्होंने पहली बार इस पुरस्कार के लिए आवेदन किया था, चयन होने पर परिवार में खुशी का माहौल है। जिस समय उन्हें चयन का कॉल आया, उस समय बीएलओ की ड्यूटी कर रहे थे। बड़ा भाई राजबीर संस्कृत का प्राध्यापक है। पत्नी सुमन देवी गृहिणी है। उन्होंने बताया कि किसान पिता का 1992 में देहांत हो गया था। मां विद्या देवी ने मेहनत करके पढ़ाया है।
सफर : अक्तूबर 2000 में राजकीय उच्च विद्यालय अमूपुर में हिंदी शिक्षक के पद पर नियुक्ति हुई। 2004 में जीएसएसएस गोंदर में स्थानांतरण हो गया। अब 06 सितंबर 2019 में जीजीएसएसएस गोंदर स्कूल में सेवारत हैं।
दो बार स्कूल जीत चुका सुंदरीकरण पुरस्कार
प्रदीप कुमार : मुख्य शिक्षक, जीपीएस डोडवा (तरावड़ी)
पुरस्कार वर्ष : 2022
उपलब्धि : 23 साल पहले इसी स्कूल में शिक्षक के पद पर नियुक्त हुए थे। अब पुरस्कार मिलने पर खुशी का माहौल है। हर साल 10 से 50 तक छात्र संख्या बढ़ाई, वर्तमान में स्कूल की 191 छात्र संख्या है। खास बात यह है कि इनके स्कूल का ड्रॉप आउट शून्य है। दो बार (2013-14 और 2019-20) स्कूल को मुख्यमंत्री स्कूल सुंदरीकरण पुरस्कार भी मिल चुका है। इनके स्कूल के विद्यार्थी राज्य स्तर की खेल और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर पुरस्कार जीत चुके हैं। बेहतर मार्गदर्शन के कारण ही कब एंड बुलबुल में भी बच्चों ने प्रतिभागिता करके गोल्डन ऐरो पुरस्कार जीता है। वे स्वयं भी कई गतिविधियों में अग्रसर रहते हैं, साहसिक शिविरों में मनाली और पंचमडी में प्रतिभागिता की। इसके अलावा सीसीआरडी शिविर हैदराबाद, असम और गुवाहटी में भी प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं।
जिला स्तर पर हो चुके सम्मानित
मुख्याध्यापक प्रदीप के अनुसार, उन्होंने शिक्षण सहायक सामग्री का तैयार करने में भी अहम भूमिका निभाई। बेहतर कार्य करने पर कई सामाजिक संस्थाओं और स्वतंत्रता दिवस व गणतंत्र दिवस पर जिला प्रशासन की ओर से सम्मानित भी किए जा चुके हैं। शुरू से संयुक्त परिवार में रहे। उनके पिता नारायण दत्त सेना में एचएवी के पद पर थे। परिवार में चाचा, तीन बुआ, बहनें और भाई शिक्षक हैं। बच्चे भी सरकारी स्कूल से पढ़े हैं।
सफर : 11 अक्तूबर 2000 को जीपीएस डोडवा में शिक्षक के पद पर नियुक्त हुए। 2016 में लल्याणी के राजकीय स्कूल में तबादला हो गया, यहां छात्र संख्या बढ़ाई। 05 अगस्त 2019 से बतौर मुख्य शिक्षक जीपीएस डोडवा में ज्वाॅइन किया। तब से यहीं सेवाएं दे रहे हैं।
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। प्रदेश सरकार की ओर से शिक्षक दिवस से करीब एक सप्ताह पहले ही पुरस्कार के लिए शिक्षकों के नामों की घोषणा कर दी है। जिसमें कर्ण नगरी के दो शिक्षकों का पुरस्कार के लिए चयन हुआ है। इसमें गोंदर गांव के राजकीय स्कूल के हिंदी शिक्षक विनोद कुमार का चयन वर्ष 2023 के पुरस्कार के लिए हुआ है। उनके स्कूल का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा है।
वहीं, डोडवा के प्राथमिक स्कूल के मुख्य शिक्षक प्रदीप ने छात्र संख्या बढ़ाई और उनके स्कूल की ड्रापआउट दर शून्य है, इसलिए इनका वर्ष 2022 के पुरस्कार के लिए चयन हुआ है। शिक्षकों के इस पुरस्कार के चयन से उनके स्कूल और घर में खुशी का माहौल है। शिक्षकों ने भी अपने इस पुरस्कार को बच्चों और स्टाफ को समर्पित किया है। अमर उजाला से बातचीत में शिक्षकों ने कहा कि उनका लक्ष्य विद्यार्थियों का भविष्य उज्ज्वल बनाना रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए वे बच्चों को अपना मानकर कार्य करते रहे और आगे भी करेंगे।
विज्ञापन
स्कूल का किया विकास, बच्चों की प्रतिभा निखारी
- विनोद कुमार : हिंदी शिक्षक, जीजीएसएसएस गोंदर
- पुरस्कार वर्ष : 2023
उपलब्धि : इन्होंने अपनी ड्यूटी के दौरान स्कूल का विकास कराया और बच्चों की प्रतिभा को भी निखारा। हिंदी विषय पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक कार्यों में भी आगे रहते हैं। पिछले पांच साल से एसीआर में ए प्लस ग्रेड मिला। कक्षा छठी से आठवीं तक पढ़ाते हैं, इन तीनों कक्षाओं का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत है। घर-घर सर्वे करके हर साल स्कूल की छात्र संख्या बढ़ाई। मिड डे मील के प्रभारी भी हैं, बेहतर मील देने की भी प्रशंसा अधिकारियों द्वारा की जा चुकी है। गांव के सहयोग से स्कूल में टाइलें बिछवाईं और चहारदीवारी बनवाई। इसके अलावा ग्रामीणों के सहयोग से जोहड़ में मिट्टी भरकर इस जगह पर गणित लैब तैयार कराई। हिंदी की पढ़ाई के लिए यू-ट्यूब चैनल भी है। इनके विद्यार्थी हिंदी विषय की निबंध, वर्तनी, कहानी लेखन प्रतियोगिता, जिला स्तर पर उनकी टीम तीन साल से पुरस्कार जीत चुके हैं।
विज्ञापन
पहली बार किया आवेदन
शिक्षक विनोद ने बताया कि उन्होंने पहली बार इस पुरस्कार के लिए आवेदन किया था, चयन होने पर परिवार में खुशी का माहौल है। जिस समय उन्हें चयन का कॉल आया, उस समय बीएलओ की ड्यूटी कर रहे थे। बड़ा भाई राजबीर संस्कृत का प्राध्यापक है। पत्नी सुमन देवी गृहिणी है। उन्होंने बताया कि किसान पिता का 1992 में देहांत हो गया था। मां विद्या देवी ने मेहनत करके पढ़ाया है।
सफर : अक्तूबर 2000 में राजकीय उच्च विद्यालय अमूपुर में हिंदी शिक्षक के पद पर नियुक्ति हुई। 2004 में जीएसएसएस गोंदर में स्थानांतरण हो गया। अब 06 सितंबर 2019 में जीजीएसएसएस गोंदर स्कूल में सेवारत हैं।
दो बार स्कूल जीत चुका सुंदरीकरण पुरस्कार
प्रदीप कुमार : मुख्य शिक्षक, जीपीएस डोडवा (तरावड़ी)
पुरस्कार वर्ष : 2022
उपलब्धि : 23 साल पहले इसी स्कूल में शिक्षक के पद पर नियुक्त हुए थे। अब पुरस्कार मिलने पर खुशी का माहौल है। हर साल 10 से 50 तक छात्र संख्या बढ़ाई, वर्तमान में स्कूल की 191 छात्र संख्या है। खास बात यह है कि इनके स्कूल का ड्रॉप आउट शून्य है। दो बार (2013-14 और 2019-20) स्कूल को मुख्यमंत्री स्कूल सुंदरीकरण पुरस्कार भी मिल चुका है। इनके स्कूल के विद्यार्थी राज्य स्तर की खेल और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर पुरस्कार जीत चुके हैं। बेहतर मार्गदर्शन के कारण ही कब एंड बुलबुल में भी बच्चों ने प्रतिभागिता करके गोल्डन ऐरो पुरस्कार जीता है। वे स्वयं भी कई गतिविधियों में अग्रसर रहते हैं, साहसिक शिविरों में मनाली और पंचमडी में प्रतिभागिता की। इसके अलावा सीसीआरडी शिविर हैदराबाद, असम और गुवाहटी में भी प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं।
जिला स्तर पर हो चुके सम्मानित
मुख्याध्यापक प्रदीप के अनुसार, उन्होंने शिक्षण सहायक सामग्री का तैयार करने में भी अहम भूमिका निभाई। बेहतर कार्य करने पर कई सामाजिक संस्थाओं और स्वतंत्रता दिवस व गणतंत्र दिवस पर जिला प्रशासन की ओर से सम्मानित भी किए जा चुके हैं। शुरू से संयुक्त परिवार में रहे। उनके पिता नारायण दत्त सेना में एचएवी के पद पर थे। परिवार में चाचा, तीन बुआ, बहनें और भाई शिक्षक हैं। बच्चे भी सरकारी स्कूल से पढ़े हैं।
सफर : 11 अक्तूबर 2000 को जीपीएस डोडवा में शिक्षक के पद पर नियुक्त हुए। 2016 में लल्याणी के राजकीय स्कूल में तबादला हो गया, यहां छात्र संख्या बढ़ाई। 05 अगस्त 2019 से बतौर मुख्य शिक्षक जीपीएस डोडवा में ज्वाॅइन किया। तब से यहीं सेवाएं दे रहे हैं।