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Karnal News: दो होटल, कंक्रीट प्लांट के जेनरेटर सील, 10 लाख जुर्माना
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहर की फिजा लगातार खराब हो रही है। शुक्रवार को एक्यूआई 228 रहा है। ग्रैप-4 के नियमों को सख्ती से लागू करने के क्रम में हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर निगम की टीमों ने शहर में ताबड़तोड़ कार्रवाई की। बोर्ड की टीमों ने दो होटलों सहित तीन फर्मो के जेनरेटर को सील किया है, एक रेडीमिक्स कंक्रीट प्लांट पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाने का नोटिस जारी किया है। वहीं, नगर निगम ने शुक्रवार को नियमों का पालन नहीं करने पर कुल 37 चालान कर 3 लाख 57 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड करनाल के क्षेत्रीय अधिकारी शैलेंद्र अरोड़ा और हार्दिक सिरोहा की अगुवाई में दो टीमों ने ग्रैप-4 के नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए चेकिंग शुरू की तो शहर में खलबली मच गई। बताते हैंकि अधिक उद्यमों व अन्य निर्माण कार्यो पर तो कार्य बंद मिला लेकिन साहिल आटोमोबाइल्स का जेनसेट मानक के अनुरूप नहीं पाए जाने पर उसे सील कर दिया है।
इसके बाद टीमों ने होटल ओमंग और ब्रे स्टेट का निरीक्षण किया। यहां भी जनसेट मानक के अनुरूप नहीं पाया गया और दोनों होटलों के जेनसेट को सील कर दिया गया। इसके बाद बंसल इंफ्रा रेडिमिक्स कंकरीट प्लांट पर कार्य चलता पाए जाने पर 10 लाख रुपये जुर्माना लगाने का नोटिस जारी किया गया है।
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इधर निगमायुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने बताया कि पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए नगर निगम कृत संकल्प है और इसके लिए निगम की टीमें निगरानी कर रही हैं। निगम की विभिन्न टीमें रोजाना अपने-अपने क्षेत्र का दौरा कर ऐसी गतिविधियों पर रोक लगा रही हैं और नोटिस भी चस्पा किए जा रहे हैं।
अभियंता शाखा के विभिन्न टीमों ने सबंधित क्षेत्र का दौरा कर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) तथा केंद्रीय व राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों की अवहेलना करने वालों के चालान किए गए हैं। इसके तहत खुले में भवन निर्माण करने वालों के 27 चालान कर 2 लाख 97 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। दूसरी ओर विभिन्न होटल व ढाबा संचालकों के खिलाफ नियमो के विरुद्ध जेनरेटर (डीजी सेट) चलाने पर पांच चालान कर 35 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
निगमायुक्त डॉ. वैशाली ने बताया कि शहर में होटल व ढाबा में तंदूर जलाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है, परंतु फिर भी कुछ लोग नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। ऐसा करने वाले पांच ढाबा संचालकों के चालान कर उन पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि प्रदूषण की बढ़ती समस्या के चलते जिले में ग्रैप-4 लागू किया गया है। इसके चलते आवश्यक सेवाओं को छोड़ कुछ चीजों पर प्रतिबंध रहता है।
ग्रैप-4 लागू होने से रुकी करोड़ों का विकास परियोजनाएं
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहर की फिजा में घुलते प्रदूषण के जहर ने विकास कार्यों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिए हैं। करोड़ों रुपये की लागत से चल रहे विकास कार्यों को ग्रैप-4 के नियमों के चलते रोक दिया गया है, क्योंकि कार्य के दौरान धूल मिट्टी के कणों का हवा में उड़ना स्वाभाविक ही है।
शहर में इन दिनों नगर निगम की ओर से कई विकास परियोजनाएं संचालित की जा रही है। इनमें बड़ी परियोजनाओं में 2.80 करोड़ रुपये की लागत वाला कबड्डी हाल भी है, जो कैलाश गांव में हॉकी स्टेडियम परिसर में ही बनाया जा रहा है। अब ग्रैप 4 के नियमों के तहत उसका कार्य भी बंद हो गया है। इसी तरह से नगर निगम की ओर से करीब 27.95 करोड़ रुपये की लागत से पुरानी अनाज मंडी में कॉमर्शियल स्पेस परियोजना पर निर्माण कार्य चल रहा था। इस परियोजना का कार्य भी ठहर गया है।
इसके अलावा शहर में इन दिनों करीब 156 गलियों का निर्माण कार्य भी चल रहा है, साथ ही 19 सड़कों का भी निर्माण कराया जा रहा है लेकिन ग्रैप 4 के नियमों के लागू होने के बाद इनका कार्य भी रोक दिया गया है। निर्माण सामग्री को भी ढक दिया गया है। विकास परियोजनाओं के खाली परिसर हैं, जहां खुदाई चल रही है, वहां मिट्टी न उड़े, इसके लिए सुबह, दोपहर और शाम को पानी का छिड़काव किया जा रहा है।
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करनाल। शहर की फिजा लगातार खराब हो रही है। शुक्रवार को एक्यूआई 228 रहा है। ग्रैप-4 के नियमों को सख्ती से लागू करने के क्रम में हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर निगम की टीमों ने शहर में ताबड़तोड़ कार्रवाई की। बोर्ड की टीमों ने दो होटलों सहित तीन फर्मो के जेनरेटर को सील किया है, एक रेडीमिक्स कंक्रीट प्लांट पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाने का नोटिस जारी किया है। वहीं, नगर निगम ने शुक्रवार को नियमों का पालन नहीं करने पर कुल 37 चालान कर 3 लाख 57 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड करनाल के क्षेत्रीय अधिकारी शैलेंद्र अरोड़ा और हार्दिक सिरोहा की अगुवाई में दो टीमों ने ग्रैप-4 के नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए चेकिंग शुरू की तो शहर में खलबली मच गई। बताते हैंकि अधिक उद्यमों व अन्य निर्माण कार्यो पर तो कार्य बंद मिला लेकिन साहिल आटोमोबाइल्स का जेनसेट मानक के अनुरूप नहीं पाए जाने पर उसे सील कर दिया है।
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इसके बाद टीमों ने होटल ओमंग और ब्रे स्टेट का निरीक्षण किया। यहां भी जनसेट मानक के अनुरूप नहीं पाया गया और दोनों होटलों के जेनसेट को सील कर दिया गया। इसके बाद बंसल इंफ्रा रेडिमिक्स कंकरीट प्लांट पर कार्य चलता पाए जाने पर 10 लाख रुपये जुर्माना लगाने का नोटिस जारी किया गया है।
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इधर निगमायुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने बताया कि पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए नगर निगम कृत संकल्प है और इसके लिए निगम की टीमें निगरानी कर रही हैं। निगम की विभिन्न टीमें रोजाना अपने-अपने क्षेत्र का दौरा कर ऐसी गतिविधियों पर रोक लगा रही हैं और नोटिस भी चस्पा किए जा रहे हैं।
अभियंता शाखा के विभिन्न टीमों ने सबंधित क्षेत्र का दौरा कर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) तथा केंद्रीय व राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों की अवहेलना करने वालों के चालान किए गए हैं। इसके तहत खुले में भवन निर्माण करने वालों के 27 चालान कर 2 लाख 97 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। दूसरी ओर विभिन्न होटल व ढाबा संचालकों के खिलाफ नियमो के विरुद्ध जेनरेटर (डीजी सेट) चलाने पर पांच चालान कर 35 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
निगमायुक्त डॉ. वैशाली ने बताया कि शहर में होटल व ढाबा में तंदूर जलाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है, परंतु फिर भी कुछ लोग नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। ऐसा करने वाले पांच ढाबा संचालकों के चालान कर उन पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि प्रदूषण की बढ़ती समस्या के चलते जिले में ग्रैप-4 लागू किया गया है। इसके चलते आवश्यक सेवाओं को छोड़ कुछ चीजों पर प्रतिबंध रहता है।
ग्रैप-4 लागू होने से रुकी करोड़ों का विकास परियोजनाएं
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहर की फिजा में घुलते प्रदूषण के जहर ने विकास कार्यों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिए हैं। करोड़ों रुपये की लागत से चल रहे विकास कार्यों को ग्रैप-4 के नियमों के चलते रोक दिया गया है, क्योंकि कार्य के दौरान धूल मिट्टी के कणों का हवा में उड़ना स्वाभाविक ही है।
शहर में इन दिनों नगर निगम की ओर से कई विकास परियोजनाएं संचालित की जा रही है। इनमें बड़ी परियोजनाओं में 2.80 करोड़ रुपये की लागत वाला कबड्डी हाल भी है, जो कैलाश गांव में हॉकी स्टेडियम परिसर में ही बनाया जा रहा है। अब ग्रैप 4 के नियमों के तहत उसका कार्य भी बंद हो गया है। इसी तरह से नगर निगम की ओर से करीब 27.95 करोड़ रुपये की लागत से पुरानी अनाज मंडी में कॉमर्शियल स्पेस परियोजना पर निर्माण कार्य चल रहा था। इस परियोजना का कार्य भी ठहर गया है।
इसके अलावा शहर में इन दिनों करीब 156 गलियों का निर्माण कार्य भी चल रहा है, साथ ही 19 सड़कों का भी निर्माण कराया जा रहा है लेकिन ग्रैप 4 के नियमों के लागू होने के बाद इनका कार्य भी रोक दिया गया है। निर्माण सामग्री को भी ढक दिया गया है। विकास परियोजनाओं के खाली परिसर हैं, जहां खुदाई चल रही है, वहां मिट्टी न उड़े, इसके लिए सुबह, दोपहर और शाम को पानी का छिड़काव किया जा रहा है।