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सरकारी स्कूल के क्लर्क की दोस्तों ने की हत्या

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 17 Aug 2020 02:51 AM IST
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two friends murderd school clerk
गांव प्योंत में शनिवार को सरकारी स्कूल के एक क्लर्क की उसके ही साथियों ने हत्या कर दी। इसके बाद शव को खेत में फेंक दिया। मृतक के भाई की शिकायत पर पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों की गिरफ्तारी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हत्या का कारण स्पष्ट हो सकेगा।
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पुलिस को दी शिकायत में शमशेर सिंह वासी प्योंत ने बताया कि उसका भाई विक्रमजीत सिंह गुनियाना के राजकीय स्कूल में क्लर्क के पद पर कार्यरत था। उसका तबादला अलावला स्कूल में हो गया था, जहां पर ज्वॉइन करने के लिए वह शनिवार सुबह करीब 8.30 बजे बाइक पर चाचा ईश्वर सिंह के साथ घर से निकला था। अलावला स्कूल में ज्वॉइन करते समय वहां पर बलकार क्लर्क वासी नरुखेड़ी और उसका साथी रामपाल वासी घोघड़ीपुर भी पहुंच गए। उनके पास स्विफ्ट कार थी। आरोप है कि इन्हीं दो आरोपियों ने विक्रमजीत की हत्या कर शव खेत में फेंक दिया। शाम को करीब चार बजे गांव में लोहार की दुकान करने वाले गोंदर निवासी एक व्यक्ति ने सूचना दी कि विक्रमजीत की बाइक दुकान पर खड़ी है। उसे लाने के लिए भतीजे को भेजा तो बाइक दुकान की जगह कच्चे रास्ते में पड़ी मिली, जहां से थोड़ी दूर पर खेत में विक्रमजीत का शव पड़ा था। उसके मुंह से झाग निकल रही थी और हाथ, बाजू तथा कान पर चोट के निशान थे। ग्रामीणों की सहायता से उसे सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही शिकायत पर बलकार और रामपाल के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार फिलहाल दोनों आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश में दबिश दी जा रही है। थाना प्रभारी रामफल का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है, उनसे पूछताछ के बाद ही हत्या के संबंध में जानकारी हो सकेगी।
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पिता की जगह मिली थी नौकरी, परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
विक्रमजीत के पिता भी शिक्षा विभाग में कार्यरत थे, जिनकी करीब 20 वर्ष पहले मौत हो गयी थी। पिता के स्थान पर ही विक्रमजीत को क्लर्क की नौकरी मिली थी। विक्रमजीत के परिवार में उसकी बुजुर्ग माता, पत्नी व दो बच्चे हैं, जिनका इस घटना के बाद रो-रोकर बुरा हाल है व गांव में भी मातम का माहौल बना हुआ है।
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