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घरौंडा में दो भाइयों समेत चार को डेंगू
घरौंडा
Updated Sat, 19 Oct 2013 10:20 PM IST
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घरौंडा व आसपास के गांवों में डेंगू का प्रकोप दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। बुखार से पीड़ित आधा दर्जन और लोगों को डेंगू बुखार की पुष्टि हो चुकी है। दो सगे भाई दिल्ली में उपचार करा रहे हैं, वहीं, दो मरीज करनाल में निजी अस्पतालों में भर्ती हैं लेकिन अभी तक भी हेल्थ विभाग डेंगू की बात नहीं मान रहा है।
डेंगू के मामले बढ़ने से लोग सहमे हुए हैं। परिजनों ने हेल्थ विभाग से फॉगिंग कराने की मांग की है। लोगाें का आरोप है कि हेल्थ विभाग से बार-बार मांग की जा रही है, इसके बाद भी फॉगिंग नहीं कराई जा रही। इससे लोगाें में विभाग के अधिकारियों के प्रति गहरा रोष है। वहीं, हेल्थ विभाग ने डेंगू बुखार के बचाव की कोई व्यवस्था नहीं होने की बात कही है।
विभाग का कहना है कि फॉगिंग व डेंगू के सेल चेक करने की अस्पताल में कोई व्यवस्था नहीं है। डेंगू से बचाव के लिए जिला मुख्यालय में पत्र लिख दिया है। घरौंडा व आसपास के गांवों में काफी दिन से डेंगू ने पांव पसार रखे हैं। जरा सा बुखार होते ही पीड़ित घबरा जाते हैं।
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स्थानीय अस्पताल में डेंगू बुखार के सेल चेक करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं होने से परिजन करनाल व दिल्ली में चेकअप कराने के लिए दौड़ते हैं। एक माह के भीतर घरौंडा व आसपास के गांवों में दो दर्जन लोगों को डेंगू की पुष्टि और एक महिला सहित तीन की मौत हो चुकी है।
इन्हें डेंगू का डंक लगा
हरिपुरा मोहल्ला निवासी जगदीश के दो पुत्र दीपक व विनोद को डेंगू की पुष्टि हुई और वे दिल्ली के निजी अस्पताल में उपचाराधीन हैं। वही, मंडी दीपचंद में दीपक गाबा, हनुमान मोहल्ले के आजाद सेन के पुत्र विनय, रेलवे कॉलोनी में राकेश के पुत्र को भी डेंगू बुखार की पुष्टि हुई है, वे करनाल के एक निजी अस्पताल में उपचार करा रहे हैं।
डेंगू से पीड़ित लोगों के परिजनों का आरोप है कि डेंगू बुखार के केस दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे हैं लेकिन हेल्थ विभाग ध्यान नहीं दे रहा है। विभाग से कई बार फॉगिंग कराने की मांग कर चुके हैं लेकिन अभी तक विभाग ने कार्रवाई नहीं की है। अगर समय रहते हेल्थ विभाग ने फॅागिंग नहीं कराई और डेंगू बुखार को रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाया तो स्थिति और गंभीर होने के आसार हैं।
मजेदार पहलू ये है कि हेल्थ विभाग के पास अस्पताल में डेंगू से बचाव व फॉगिंग कराने के लिए कोई सुविधा नहीं है। विभाग के पास डेंगू बुखार के सेल चेक करने की कोई सुविधा नहीं है और न ही दवाई छिड़काव के लिए मशीन की व्यवस्था है।
सामुदायिक केंद्र के एसएमओ कुलबीर सिंह ने बताया कि अस्पताल में डेंगू का कोई मरीज सामने नहीं आया है। स्थिति कंट्रोल में है और मंगलवार से घर-घर में डेंगू बुखार की पुष्टि के लिए सर्वे शुरू किया जाएगा। डेंगू बुखार ज्यादातर कूलर में पडे़ पानी से होता है।
डेंगू से बचाव के लिए अस्पताल में कोई व्यवस्था नहीं है और न ही दवाई छिड़कने के लिए मशीन है। स्कूलों व दूसरे विभागों से फॉगिंग कराने के लिए पत्र आएं थे, वे सभी सीएमओ को भेज दिए गए हैं।
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डेंगू के मामले बढ़ने से लोग सहमे हुए हैं। परिजनों ने हेल्थ विभाग से फॉगिंग कराने की मांग की है। लोगाें का आरोप है कि हेल्थ विभाग से बार-बार मांग की जा रही है, इसके बाद भी फॉगिंग नहीं कराई जा रही। इससे लोगाें में विभाग के अधिकारियों के प्रति गहरा रोष है। वहीं, हेल्थ विभाग ने डेंगू बुखार के बचाव की कोई व्यवस्था नहीं होने की बात कही है।
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विभाग का कहना है कि फॉगिंग व डेंगू के सेल चेक करने की अस्पताल में कोई व्यवस्था नहीं है। डेंगू से बचाव के लिए जिला मुख्यालय में पत्र लिख दिया है। घरौंडा व आसपास के गांवों में काफी दिन से डेंगू ने पांव पसार रखे हैं। जरा सा बुखार होते ही पीड़ित घबरा जाते हैं।
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स्थानीय अस्पताल में डेंगू बुखार के सेल चेक करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं होने से परिजन करनाल व दिल्ली में चेकअप कराने के लिए दौड़ते हैं। एक माह के भीतर घरौंडा व आसपास के गांवों में दो दर्जन लोगों को डेंगू की पुष्टि और एक महिला सहित तीन की मौत हो चुकी है।
इन्हें डेंगू का डंक लगा
हरिपुरा मोहल्ला निवासी जगदीश के दो पुत्र दीपक व विनोद को डेंगू की पुष्टि हुई और वे दिल्ली के निजी अस्पताल में उपचाराधीन हैं। वही, मंडी दीपचंद में दीपक गाबा, हनुमान मोहल्ले के आजाद सेन के पुत्र विनय, रेलवे कॉलोनी में राकेश के पुत्र को भी डेंगू बुखार की पुष्टि हुई है, वे करनाल के एक निजी अस्पताल में उपचार करा रहे हैं।
डेंगू से पीड़ित लोगों के परिजनों का आरोप है कि डेंगू बुखार के केस दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे हैं लेकिन हेल्थ विभाग ध्यान नहीं दे रहा है। विभाग से कई बार फॉगिंग कराने की मांग कर चुके हैं लेकिन अभी तक विभाग ने कार्रवाई नहीं की है। अगर समय रहते हेल्थ विभाग ने फॅागिंग नहीं कराई और डेंगू बुखार को रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाया तो स्थिति और गंभीर होने के आसार हैं।
मजेदार पहलू ये है कि हेल्थ विभाग के पास अस्पताल में डेंगू से बचाव व फॉगिंग कराने के लिए कोई सुविधा नहीं है। विभाग के पास डेंगू बुखार के सेल चेक करने की कोई सुविधा नहीं है और न ही दवाई छिड़काव के लिए मशीन की व्यवस्था है।
सामुदायिक केंद्र के एसएमओ कुलबीर सिंह ने बताया कि अस्पताल में डेंगू का कोई मरीज सामने नहीं आया है। स्थिति कंट्रोल में है और मंगलवार से घर-घर में डेंगू बुखार की पुष्टि के लिए सर्वे शुरू किया जाएगा। डेंगू बुखार ज्यादातर कूलर में पडे़ पानी से होता है।
डेंगू से बचाव के लिए अस्पताल में कोई व्यवस्था नहीं है और न ही दवाई छिड़कने के लिए मशीन है। स्कूलों व दूसरे विभागों से फॉगिंग कराने के लिए पत्र आएं थे, वे सभी सीएमओ को भेज दिए गए हैं।