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मुफलिसी को मात देकर कई चोटियाें पर फहराया तिरंगा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 08 Mar 2022 02:20 AM IST
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Tricolor hoisted on many peaks after defeating Muflissi
संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। लगन सच्ची हो तो कामयाबी जरूर मिलती है। यह कहना है पर्वतारोही और हरियाणा पुलिस में इंस्पेक्टर अनीता कुंडू का। उन्होंने बताया कि उनका जन्म आठ जुलाई 1991 में हिसार जिले के गांव फरीदपुर के गरीब किसान परिवार में हुआ था। वह अपने भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी। पिता जी चाहते थे कि वह अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज बने। इसलिए बारह साल की उम्र में ही बॉक्सिंग की क्लास ज्वॉइन कर ली थी, लेकिन इसके एक साल बाद पिता का साया सिर से उठ गया। इसके बाद रिश्तेदार उस पर शादी करने के लिए दबाव बनाने लगे लेकिन उसने इंकार कर। बड़ी होने का फर्ज निभाते हुए उन्होंने घर की जिम्मेदारी संभाली और मां राजपति देवी के साथ दूध बेचना शुरू किया।
अनीता ने बताया कि वर्षों के संघर्ष के बाद 2008 में उसे हरियाणा पुलिस में नौकरी मिली और जिंदगी पटरी पर लौटने लगी। प्रशिक्षण के दौरान ही उन्हें पर्वतारोहण में रुचि हुई। संवाद
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हरियाणा पुलिस में प्रशिक्षण के दौरान, रॉक क्लाइंबिंग के विचार ने उसे आकर्षित किया। लेकिन लोगों ने उसे यह कहकर निराश किया कि यह खेल महिलाओं के लिए नहीं है लेकिन उसने तत्कालीन डीजीपी सर से मदद मांगी। जिन्होंने उन्हें पर्वतारोहण और उन्नत रॉक-क्लाइंबिंग सीखने की अनुमति दी। उन्हें रॉक-क्लाइंबिंग सीखने के लिए 2009 में भारत तिब्बत सीमा पुलिस में डेपूटेशन पर भेज दिया।
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यह रही उपलब्धियां
2009 और 2011 के बीच अनीता ने माउंट सतोपंथ और माउंट कोकस्टेट सहित देश के कुछ चुनौतीपूर्ण शिखरों पर चढ़ाई की। वह पहली बार 2013 में नेपाल की ओर से माउंट एवरेस्ट फतह करने के लिए छह सदस्यीय टीम के साथ दो महीने के अभियान पर गई थीं। सफलतापूर्वक चोटी पर चढ़ने के बाद उसने पहली बार 2015 में चीन की ओर से माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने का प्रयास किया। दुर्भाग्य से भूकंप तब आया जब वह लगभग 22000 फीट की ऊंचाई पर थी। उसकी टीम के कुछ सदस्य भूकंप से नहीं बच सके और रेस्क्यू टीम के पहुंचने से पहले ही कई लोग घायल हो गए थे। उन्होंने बताया कि मेरे साथियों में से कोई भी कभी वापस नहीं गया लेकिन उसने 2017 में एक और प्रयास किया। 21 मई 2017 को शिखर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने में सफल रहीं। इसके बाद सेवन सम्मिट्स पर चढ़ने के मिशन पर निकलीं, जिसमें सात महाद्वीपों में से प्रत्येक के सबसे ऊंचे पहाड़ शामिल हैं और 2021 में दुनिया के प्रत्येक महाद्वीप के सबसे ऊंचे शिखर पर तिरंगा फहराया। वह दुनिया की उन सभी 14 चोटियों पर भी चढ़ना चाहती हैं, जिनकी ऊंचाई 8000 मीटर से अधिक है। अनीता को तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार 2019, नारी शक्ति, हरियाणा पुलिस अवॉर्ड और कल्पना चावला पुरस्कार से नवाजा गया है।
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