फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Treated water will be used for 25 percent irrigation, 75 percent construction work and industries.

उपचारित पानी 25 प्रतिशत सिंचाई, 75 फीसदी निर्माण कार्य व उद्योगों में होगा इस्तेमाल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 20 Mar 2022 02:24 AM IST
विज्ञापन
Treated water will be used for 25 percent irrigation, 75 percent construction work and industries.
करनाल। गिरते भूजल स्तर से चिंतित प्रशासन की ओर से जल संरक्षण के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत जिले की सभी औद्योगिक इकाईयों का सर्वे किया जाएगा, ताकि पता चले कि कौन सी इकाई कितना पानी इस्तेमाल करती है और कितना पानी व्यर्थ होता है। इसके अलावा उपचारित पानी के सदुपयोग के लिए भी योजना बनाई जा रही है।
विज्ञापन

जिले में 200 से ज्यादा औद्योगिक इकाइयां चल रही हैं। वहीं 40 से ज्यादा अवैध कॉलोनियों में लोग सबमर्सिबल पंप से ही घरों में पानी आपूर्ति कर रहे हैं। जानकारों के अनुसार वर्ष 2000 से जलस्तर की स्थिति बिगड़ती चली गई। पंचकूला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, अंबाला व करनाल में स्थिति ज्यादा गंभीर है। करनाल में 15 फुट पर पानी था जो अब 45 फुट पर पहुंच गया है।
विज्ञापन

ऐसे में अब जिला औद्योगिक केंद्र की संयुक्त निदेशक की ओर से होने वाले सर्वे में ट्यूबवेलों की रिपोर्ट भी तैयार की जाएगी। साथ ही उपचारित पानी का 25 प्रतिशत सिंचाई और 75 फीसदी पानी निर्माण कार्य व उद्योगों में इस्तेमाल करने की योजना है। इसके साथ ही बरसाती पानी का भी संचय करके फसलों में इस्तेमाल किया जाएगा। अवैध रूप से चल रहे सबमर्सिबल पंपों की भी जांच होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

कल तक देंगे सरकारी विभाग पानी की खपत का ब्यौरा
सरकारी विभागों को पानी की खपत और जल संसाधनों का ब्यौरा देना होगा। उसी के आधार पर सरकारी कार्यालयों में भी जल बचाने की योजना तैयार की जाएगी। पिछले दिनों जल संरक्षण एवं प्रबंधन को लेकर हुई बैठक में उपायुक्त ने जिला जल संसाधन योजना के तहत विशेष रूप से हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, शहरी स्थानीय निकायों, शिक्षण व स्वास्थ्य संस्थान, वन विभाग, मत्स्य विभाग, पशुपालन विभाग, जन स्वास्थ्य विभाग, सिंचाई विभाग, कृषि, बागवानी, औद्योगिक क्षेत्र में प्रयोग होने वाले स्वच्छ पानी और गंदे पानी के प्रबंधन को लेकर ब्यौरा देने के निर्देश दिए थे। सोमवार तक इन विभागों को रिपोर्ट देनी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed