फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Transport fares became very expensive

सब्जी मंडी के लिए परिवहन व्यवस्था हुई महंगी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 10 Dec 2020 02:47 AM IST
विज्ञापन
Transport fares became very expensive
किसान आंदोलन से कई राज्यों में प्रभावित हुई परिवहन व्यवस्था की वजह से सब्जी मंडियों में फलों की पहुंच नहीं हो पा रही है। नतीजतन कई प्रकार के फल आम आदमी की पहुंच से दूर हो गए हैं। इनके दामों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। हालत यह है कि करनाल की सब्जी मंडी में रोजाना तीन से चार गाड़ी सेब की खपत है, जबकि दो दिसंबर के बाद नौ नवंबर को एक गाड़ी सेब कश्मीर से करनाल पहुंचा। एक गाड़ी में करीब 10 टन सेब होता है। रास्ते जाम और आंदोलनों की वजह से ट्रांसपोर्टरों ने भाड़ा पांच गुना तक बढ़ा दिया। इससे फल व्यापारियों के लिए बड़ी समस्या खड़ी हो गई।
विज्ञापन

विदेशों से आयात होने वाले फल जो मुंबई व चेन्नई की बंदरगाहों से आते थे, वह अब बहुत ही कम मात्रा में करनाल पहुंच रहे हैं। वाहन चालक यदि गाड़ी को दूसरे रास्तों से लाते हैं तो दूरी बढ़ने से माल भाड़ा बढ़ रहा है। नासिक का अंगूर फिलहाल 300 रुपये किलो पड़ रहा है, जबकि 20 दिन पहले इसके दाम 120 से 150 रुपये किलो तक थे। कश्मीरी सेब आंदोलन से पहले 800 रुपये था जो अब 1100 से 1200 रुपये तक पहुंच गया है। नासिक से टमाटर की आवक शुरू हो गई, लेकिन गाड़ियां आ नहीं रही। 22 किलो की टमाटर क्रेट का दाम 800 रुपये तक पहुंच गया है। फलों में इंपोर्टेड आम 200 रुपये किलो था जो अब 300 रुपये किलो हो गया है। लीची 700 रुपये से 950 रुपये किलो हो गई। केला जो 15 से 20 दिन पहले 350 रुपये क्रेट (दस दर्जन प्रति क्रेट) दाम था वह अब 500 रुपये क्रेट तक पहुंच गया।
विज्ञापन

व्यवसायी बोले-पांच गुना बढ़ा किराया
सब्जी मंडी के फल व्यवसायी कपिल शर्मा ने बताया कि जो माल यहां सस्ते होते थे, वह अब महंगे हो गए। गाड़ियों का किराया एक रुपये नग से पांच रुपये नग तक हो गया है। फलों में दिल्ली से अनार, तरबूज, चीकू, संतरा इत्यादि आते थे, जिनके 20 प्रतिशत दाम बढ़ गए। इस बार पंजाब में कीनू की बंपर उपज है। दूसरी मंडियों में सप्लाई नहीं हो पाने के कारण कीनू पिट गया। हरियाणा में यह 10 से 12 रुपये किलो बिक रहा है। अच्छी क्वालिटी का कीनू 20 से 22 रुपये किलो बिक रहा था। जो गाड़ियां दक्षिण भारत से दिल्ली से होते हुए आती थीं वह अब जयपुर की साइड से हरियाणा व पंजाब की मंडियों में आ रही हैं। कश्मीर में सेब उत्पादक किसान परेशान हैं। समय से पहले अकस्मात बर्फबारी होने और सेब का स्टॉक रुक जाने के कारण उनकी आर्थिक हालत दयनीय हो गई। रास्तों में जहां-तहां खड़ी गाड़ियों में सेब सड़ रहा है। बहुत बड़े स्तर पर नुकसान हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed