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तहसील : टोकन न मिलने पर हंगामा, दो घंटे बाद शुरू हुआ काम
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सतहसील कार्यालय में सीएम दौरे के बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हुई है। हालत पहले जैसे ही हैं। समस्याएं बरकरार हैं। आए दिन नई दिक्कतें हो रही हैं। बुधवार सुबह तहसील खुलते ही टोकन न मिलने पर लोगों ने हंगामा कर दिया।
तहसील कर्मचारियों ने लोगों को कहा गया कि नायब तहसीलदार नहीं है। ऐसे में उनकी रजिस्ट्री कोई नहीं करेगा। काफी हंगामे के बाद तहसीलदार ने टोकन दिए जाने के आदेश दिए और कहा कि जब तक नायब तहसीलदार नहीं आता, तब तक वे खुद ही रजिस्ट्री करेंगे। करीब दो घंटे के बाद रजिस्ट्री की जानी शुरू की गई। सवाल ये है कि सीएम के आदेश पर भी अब तक तहसील की प्रक्रिया को सुचारू करने के लिए जिला प्रशासन के आला अधिकारी रुचि नहीं ले रहे हैं।
हुआ यूं कि तीन दिन पहले सीएम मनोहर लाल ने तहसील कार्यालय का दौरा किया था। इस दौरान रजिस्ट्री की डिलीवरी न होने की शिकायत आने पर तहसीलदार से सीएम ने जवाब मांगा तो संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। मौके पर ही सीएम ने तहसीलदार रविंद्र सिंह, नायब तहसीलदार हवा सिंह, आरसी राजबीर को और इंतकाल न करने पर पटवारी सलमा रानी को सस्पेंड किया गया।
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तहसीलदार रविंद्र मलिक के स्थान राज बख्श अरोड़ा ने अगले ही दिन ज्वाइन कर लिया, जबकि नायब तहसीलदार के स्थान पर कोई अधिकारी नहीं आया। ऐसे में बुधवार को तहसील के कर्मचारियों में रजिस्ट्री के लिए दुविधा बनी हुई थी। सुबह कार्यालय खुलने पर रजिस्ट्री के लिए टोकने देने से मना कर दिया गया। एक के बाद एक करके काफी भीड़ जमा हो गई। काफी देर बाद मामला तहसीलदार के पास पहुंचा तो उन्होंने कर्मचारियाें को आदेश दिया कि जब तक नायब तहसीलदार नहीं आएंगेे। वे खुद ही रजिस्ट्री करेंगे। किसी को भी टोकन देने से मना न किया जाए।
टोकन देने से किया था मना
शहर निवासी दयाल सिंह ने बताया कि वे सुबह तहसील में रजिस्ट्री करवाने आए थे। उन्हें टोकन देने से मनाकर दिया गया। जवाब में कहा कि आज नायब तहसीलदार मौजूद नहीं है। आज नायब तहसीलदार द्वारा रजिस्ट्री करने का दिन है। जवाब के बाद वे वहां से चले गए। इस कारण से आज उनकी रजिस्ट्री नहीं हो सकी।
टोकन के लिए हंगामा करना पड़ा
योगी ने बताया कि वे सुबह टोकन के लिए पहुंचे थे। टोकन न मिलने के बाद काफी संख्या में लोग जमा हो गए। जब उन्हें टोकन नहीं मिला तो हंगामा करना पड़ा। दो घंटे के बाद ही टोकन मिला। इसके बाद सभी ने लाइन में लगकर टोकन लिए और शाम तक रजिस्ट्री हुई। इस दौरान काफी परेशानी हुई।
नियम के अनुसार दो-दो सप्ताह करनी होती है रजिस्ट्री
सब रजिस्टार - तहसील में तहसीलदार को सब रजिस्टार की जिम्मेदारी दी जाती है। हर महीने में 1 से 7 और 16 से 23 तक रजिस्ट्री करता है।
ज्वाइंट सब रजिस्टार : तहसील में नायब तहसीलदार को ज्वाइंट सब रजिस्टार की जिम्मेदारी होती है। हर महीने में 8 से 15 और 24 से 31 तक रजिस्ट्री करता है।
जब तक नायब तहसीलदार नहीं आते तब तक तहसील का कोई भी काम नहीं रुकेगा। जब कि दूसरे अधिकारी नहीं आते उनके काम को भी निरंतर किया जाएगा। किसी को भी परेशानी नहीं होने दी जाएगी। बिचौलियों से बचें और समस्या होने पर सीधे आकर मिलें। काम के लिए किसी को रिश्वत देने की जरूरत नहीं है।
-राज बख्श अरोड़ा, तहसीलदार करनाल।
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तहसील कर्मचारियों ने लोगों को कहा गया कि नायब तहसीलदार नहीं है। ऐसे में उनकी रजिस्ट्री कोई नहीं करेगा। काफी हंगामे के बाद तहसीलदार ने टोकन दिए जाने के आदेश दिए और कहा कि जब तक नायब तहसीलदार नहीं आता, तब तक वे खुद ही रजिस्ट्री करेंगे। करीब दो घंटे के बाद रजिस्ट्री की जानी शुरू की गई। सवाल ये है कि सीएम के आदेश पर भी अब तक तहसील की प्रक्रिया को सुचारू करने के लिए जिला प्रशासन के आला अधिकारी रुचि नहीं ले रहे हैं।
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हुआ यूं कि तीन दिन पहले सीएम मनोहर लाल ने तहसील कार्यालय का दौरा किया था। इस दौरान रजिस्ट्री की डिलीवरी न होने की शिकायत आने पर तहसीलदार से सीएम ने जवाब मांगा तो संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। मौके पर ही सीएम ने तहसीलदार रविंद्र सिंह, नायब तहसीलदार हवा सिंह, आरसी राजबीर को और इंतकाल न करने पर पटवारी सलमा रानी को सस्पेंड किया गया।
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तहसीलदार रविंद्र मलिक के स्थान राज बख्श अरोड़ा ने अगले ही दिन ज्वाइन कर लिया, जबकि नायब तहसीलदार के स्थान पर कोई अधिकारी नहीं आया। ऐसे में बुधवार को तहसील के कर्मचारियों में रजिस्ट्री के लिए दुविधा बनी हुई थी। सुबह कार्यालय खुलने पर रजिस्ट्री के लिए टोकने देने से मना कर दिया गया। एक के बाद एक करके काफी भीड़ जमा हो गई। काफी देर बाद मामला तहसीलदार के पास पहुंचा तो उन्होंने कर्मचारियाें को आदेश दिया कि जब तक नायब तहसीलदार नहीं आएंगेे। वे खुद ही रजिस्ट्री करेंगे। किसी को भी टोकन देने से मना न किया जाए।
टोकन देने से किया था मना
शहर निवासी दयाल सिंह ने बताया कि वे सुबह तहसील में रजिस्ट्री करवाने आए थे। उन्हें टोकन देने से मनाकर दिया गया। जवाब में कहा कि आज नायब तहसीलदार मौजूद नहीं है। आज नायब तहसीलदार द्वारा रजिस्ट्री करने का दिन है। जवाब के बाद वे वहां से चले गए। इस कारण से आज उनकी रजिस्ट्री नहीं हो सकी।
टोकन के लिए हंगामा करना पड़ा
योगी ने बताया कि वे सुबह टोकन के लिए पहुंचे थे। टोकन न मिलने के बाद काफी संख्या में लोग जमा हो गए। जब उन्हें टोकन नहीं मिला तो हंगामा करना पड़ा। दो घंटे के बाद ही टोकन मिला। इसके बाद सभी ने लाइन में लगकर टोकन लिए और शाम तक रजिस्ट्री हुई। इस दौरान काफी परेशानी हुई।
नियम के अनुसार दो-दो सप्ताह करनी होती है रजिस्ट्री
सब रजिस्टार - तहसील में तहसीलदार को सब रजिस्टार की जिम्मेदारी दी जाती है। हर महीने में 1 से 7 और 16 से 23 तक रजिस्ट्री करता है।
ज्वाइंट सब रजिस्टार : तहसील में नायब तहसीलदार को ज्वाइंट सब रजिस्टार की जिम्मेदारी होती है। हर महीने में 8 से 15 और 24 से 31 तक रजिस्ट्री करता है।
जब तक नायब तहसीलदार नहीं आते तब तक तहसील का कोई भी काम नहीं रुकेगा। जब कि दूसरे अधिकारी नहीं आते उनके काम को भी निरंतर किया जाएगा। किसी को भी परेशानी नहीं होने दी जाएगी। बिचौलियों से बचें और समस्या होने पर सीधे आकर मिलें। काम के लिए किसी को रिश्वत देने की जरूरत नहीं है।
-राज बख्श अरोड़ा, तहसीलदार करनाल।