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Karnal News: टाइल फैक्टरी के साझीदार पर 22 लाख के गबन का आरोप

Sat, 17 May 2025 01:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Sat, 17 May 2025 01:43 AM IST
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Tile factory partner accused of embezzling Rs 22 lakh
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। टाइल फैक्टरी में साझेदारी करके 22 लाख रुपये की धोखाधड़ी गबन का मामला सामने आया है। जींद निवासी पीड़ित ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली के रिश्तेदार दंपत्ती के खिलाफ एसपी को शिकायत दी। इस पर मूनक थाना पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। आरोप है कि फर्जी हस्ताक्षर करके ट्रैक्टर बेच दिया। साथ ही फैक्टरी का बिल न भरने पर कटे बिजली कनेक्शन को जुड़वाने में भी पुराने लैटरहेड पर फर्जी हस्ताक्षर किए गए।

शिकायत में जींद के अर्बन अस्टेट निवासी सत्यनारायण ने बताया कि भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के रिश्तेदार सफीदो निवासी सुभाष और उनकी पत्नी सुरेश रानी सफीदो में टाइल प्लांट चलाते हैं। उन्होंनेसुभाष की बातों में आकर उनके साथ साझेदारी में गांव बाल राजपुतान में श्री सांई इंटरप्राइजिज के नाम से सीमेंट ब्लॉक (टाइल) बनाने की फैक्टरी शुरू की। दोनों का 50-50 प्रतिशत हिस्सा था।
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आरोप है कि सुभाष और उसकी पत्नी सुरेश रानी ने फैक्टरी शुरू करने के लिए 36 लाख 23 हजार 93 रुपये लिए। आरोपियों की जीएसटी व आईएसआई मार्का लेने की धोखाधड़ी से परेशान होकर उन्होंने 19 सितंबर 2022 को अपने 40 लाख रुपये वापस देने के लिए उसने कहा तो उन्होंने लिखित में समझौता किया।
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इसके बाद आरोपी के जीजा श्रीभगवान की मध्यस्थता के बाद उन्होंने दोबारा फैक्टरी में काम शुरू किया। लेकिन जीएसटी की राशि का गबन होने के बाद 26 जनवरी 2023 को उन्होंने फिर अपना हिसाब अलग कर लिया। इसके बाद आरोपियों ने 40 में से 23 लाख रुपये उन्हें दे दिए और 17 लाख रुपये बाद में देने का वाद किया, जोकि अभी तक नहीं दिए गए। अब पैसे मांगने पर धमकी दी जाती है।

आरोप है कि उनके नाम पर एक ट्रैक्टर, ट्रॉली और डंफर आरोपियों के पास है, जिसे उनके फर्जी हस्ताक्षर करके बेच दिया। आईएसआई मार्का और फर्म में जीएसटी नंबर भी उनके नाम पर चल रहा है। बाल राजपुताना की फैक्टरी का बिजली कनेक्शन भी उनके नाम पर है। बिल न भरने के कारण बिजली निगम ने जनवरी 2024 में कनेक्शन काट दिया था।

इस पर आरोपियों ने फैक्टरी के रद किए हुए लैटरपैड पर उनके फर्जी हस्ताक्षर करके मूनक एसडीओ को दिए हैं। सत्यनारायण ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने कहा कि वे इस फैक्टरी में बनने वाली टाइल को कहीं और के बजाय अपनी सफीदो वाली फैक्टरी में बेचेंगे तो ज्यादा मुनाफा होगा।

इसके बाद वे अपने ठेके की साइट से आशुतोष के नाम से ट्रैक्टर-ट्रॉली मंगवाते रहे और बिल श्री सांई टाइल प्लांट सफीदो के नाम पर काटते रहे। साथ ही उन्हें कहा कि जीएसटी के पैसे बाल पबाना फर्म में बाद में डाल देंगे लेकिन जीएसटी की रकम नहीं डाली।


आईएसआई मार्का के नाम पर लगाई चपत : पीड़ित सत्यनारायण ने बताया कि फैक्टरी का आईएसआई मार्का लेने के लिए आरोपियों ने 5.57 लाख रुपये फर्म से निकाले। यह मार्का एजेंट हिसार निवासी विकास के माध्यम से लिया। एजेंट से जब उन्होंने बात की तो उसने बताया कि मार्का लेने में कुल तीन लाख रुपये का खर्च आया है। आरोप है कि 13 मार्च 2021 को भी आरोपियों ने मार्का में खामियां बताते हुए उसे दुरुस्त कराने के नाम पर भी उनसे 2.50 लाख रुपये ले लिए।
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