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Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Three hundred schools not recognized

तीन सौ स्कूलों के पास नहीं मान्यता

Thu, 03 Apr 2014 11:47 PM IST
करनाल
करनाल Updated Thu, 03 Apr 2014 11:47 PM IST
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जिले में लगभग 300 गैर मान्यता प्राप्त स्कूल चले रहे हैं। इनमें से सौ स्कूल ऐसे हैं, जिन्होंने मान्यता प्राप्त करने की कोशिश की, लेकिन कंडीशन पूरी न करने पर उन्हें मान्यता नहीं मिली। करीब दो सौ स्कूल ऐसे हैं, जिन्होंने मान्यता प्राप्त करने के लिए अप्लाई करना उचित नहीं समझा। बावजूद इसके ये स्कूल चल रहे हैं।  शहर या गांव के हर गली मोहल्लों में इस प्रकार के अनेक स्कूल खुले हैं, जिनका हिसाब भी विभाग के पास नहीं है। अब तो लोग घरों में भी स्कूल खोल कर बैठे हुए हैं। अभिभावकों का कहना है कि गैर मान्यता प्राप्त स्कूल शिक्षा विभाग की मिलीभगत से चल रहे हैं। विभाग इन्हें खुद ही बंद नहीें करना चाहता। अभिभावक कर्मबीर का कहना है कि जिस प्रकार बिना लाइसेंस के लोग वाहन नहीं चला सकते, उसी प्रकार से बिना मान्यता के स्कूल कैसे चल रहे हैं।
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बारहवीं पास पढ़ाते हैं बच्चों को अधिकतर गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों में 12वीं पास अध्यापक बच्चों को पढ़ा रहे हैं। आजकल तो कुछ लोग जहां से 10+2 पास करते हैं, वहीं पर पढ़ाना शुरू कर देते हैं। जिस स्कूल में अध्यापक ही मैट्रिक या 12वीं पास होंगे, वहां पर क्या पढ़ाया जाता होगा इसका अंदाजा तो आपको लग ही गया होगा।
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अभिभावकाें की आंखों में झोंक रहे धूल

गैर मान्यता प्राप्त स्कूल अभिभावकों की आंखों धूल झोंक रहे हैं। ये स्कूल प्रचार के दौरान अपने स्कूल को मान्यता प्राप्त बताते हैं, जिससे अभिभावकों इनके बहकावे में आ जाते हैं। पोस्टर व पंफ्लेट्स में भी मान्यता प्राप्त लिखा होता है, लेकिन असलियत कुछ ओर ही होती है।
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शिक्षा का मंदिर बना लूट का अड्डा

अध्यापक कृष्ण कुमार निर्माण का कहना है कि इन स्कूलों को बच्चों के भविष्य व शिक्षा से कोई मतलब नहीं है। इन्हें तो केवल शिक्षा के नाम पर लूटने से मतलब है। शिक्षा का मंदिर कहे जाने वाले स्कूल अब लूट का अड्डा बन चुके हैं।

मान्यता लेने की शर्तें
प्राथमिक स्कूल चलाने के लिए आधा एकड़ जमीन, मिडल स्कूल के लिए एक एकड़, उच्च विद्यालय व सीनियर सेकेंडरी स्कूल के लिए दो एकड़ जमीन होनी जरूरी होती है। मान्यता प्राप्त करने की फीस क्रमश: 1500, 3000, 5500, 10500 रुपये होती है, जिसमें 500 रुपये का फार्म भी इसी में शामिल होता है। 24 बाई 18 के कैमरे व ऑनरशिप होनी चाहिए। गांव में स्कूल बनाने के लिए नगर योजनाकार से व शहर में बनाने के लिए नगर निगम से एनओसी लेनी पड़ती है।

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