{"_id":"6861af4eadbd7cacd203b2c6","slug":"there-will-be-a-laser-show-on-water-fountains-will-remind-you-of-mahabharata-karnal-news-c-18-knl1008-680242-2025-06-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: एनएचएम कर्मियों को तीन माह से नहीं मिला मानदेय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: एनएचएम कर्मियों को तीन माह से नहीं मिला मानदेय
विज्ञापन
- आज से देंगे अनिश्चितकालीन धरना, बोले- सीएमओ ने एक सप्ताह का दिया था आश्वासन
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिला नागरिक अस्पताल में हरियाणा कौशल रोजगार निगम में एनएचएम आउटसोर्सिंग के तहत तैनात कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। तीन महीने से उन्हें मानदेय नहीं मिला है, जिससे उनके परिवार के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। उनकी सेवा सुरक्षा को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। इससे परेशान कर्मचारियों ने सर्व कर्मचारी यूनियन के बैनर तले सोमवार से सीएमओ कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना देने का निर्णय लिया है।
कर्मचारियों ने बताया कि एक सप्ताह पहले एक प्रतिनिधि मंडल मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पूनम चौधरी से मिले थे, तब उन्हें मौखिक रूप से भरोसा दिया गया था कि एक सप्ताह के भीतर जॉब सिक्योरिटी पत्र और मानदेय से जुड़ी प्रक्रिया को लेकर कार्यवाही होगी लेकिन अब पूरा सप्ताह बीत चुका है। कर्मचारियों ने बताया कि सोमवार से सर्व कर्मचारी यूनियन के प्रधान अनिल पांचाल व उप प्रधान विकास की अगुवाई में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा, जो मांग पूरी होने तक जारी रहेगा। जिला नागरिक अस्पताल में एनएचएम आउटसोर्सिंग के तहत 10 लैब टेक्निशियन, 15 कंप्यूटर ऑपरेटर, 30 ड्राइवर और 20 के करीब स्टाफ 2019 से भर्ती हैंं और सभी का तीन महीने से मानदेय रुका है। इसके अलावा कुछ सफाई कर्मी और कुक भी शामिल हैं।
बच्चों का दाखिला कराना मुश्किल
निसिंग के गोंदर गांव से आने वाले एनआरसी के तहत तैनात जीडीए सोहन ने बताया कि वे परिवार में इकलौते कमाने वाले हैं। दो बच्चे हैं जिनका स्कूल में दाखिला भी नहीं करवा पा रहे हैं क्योंकि मानदेय एक या दो नहीं बल्कि तीन महीने से रुका है।
विज्ञापन
नहीं भर पा रहे फीस
डेटा एंट्री ऑपरेटर प्रवीण ने कहा कि मानदेय रुका होने से दो महीने से बच्चों की स्कूल फीस रुकी है। प्रशासन सिर्फ आश्वासन दे रहा है लेकिन कुछ कर नहीं रहा। जॉब सिक्योरिटी पत्र का इंतजार करते थक चुके हैं।
तीन महीने से परेशानी
चाइल्ड केयर वार्ड में काम करने वाली डाटा एंट्री ऑपरेटर पूजा ने कहा कि वह चेक लिस्ट से लेकर बच्चों की एंट्री, डिस्चार्ज, लिखित सभी काम और बाकी सभी फॉलोअप कर रही हैं यहां तक कि बच्चों की देखभाल तक कर रही हैं, जो कि उनका काम भी नहीं है लेकिन तीन महीने से मानदेय नहीं मिला।
बैंक की किस्तें रुकीं
चौरपुरा गांव से रोजाना आवाजाही करने वाले कर्मचारी अटेंडेंट विशाल ने कहा कि हर महीने बैंक की किस्तें कटती थी, लेकिन मानदेय न मिलने से अब कई किस्ते रुक गई हैं जिसके बाद चेतावनी नोटिस आने का डर बना हुआ है। नौकरी होने के बावजूद असमंजस में है कि आगे क्या करेंगे और क्या नहीं।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिला नागरिक अस्पताल में हरियाणा कौशल रोजगार निगम में एनएचएम आउटसोर्सिंग के तहत तैनात कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। तीन महीने से उन्हें मानदेय नहीं मिला है, जिससे उनके परिवार के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। उनकी सेवा सुरक्षा को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। इससे परेशान कर्मचारियों ने सर्व कर्मचारी यूनियन के बैनर तले सोमवार से सीएमओ कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना देने का निर्णय लिया है।
कर्मचारियों ने बताया कि एक सप्ताह पहले एक प्रतिनिधि मंडल मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पूनम चौधरी से मिले थे, तब उन्हें मौखिक रूप से भरोसा दिया गया था कि एक सप्ताह के भीतर जॉब सिक्योरिटी पत्र और मानदेय से जुड़ी प्रक्रिया को लेकर कार्यवाही होगी लेकिन अब पूरा सप्ताह बीत चुका है। कर्मचारियों ने बताया कि सोमवार से सर्व कर्मचारी यूनियन के प्रधान अनिल पांचाल व उप प्रधान विकास की अगुवाई में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा, जो मांग पूरी होने तक जारी रहेगा। जिला नागरिक अस्पताल में एनएचएम आउटसोर्सिंग के तहत 10 लैब टेक्निशियन, 15 कंप्यूटर ऑपरेटर, 30 ड्राइवर और 20 के करीब स्टाफ 2019 से भर्ती हैंं और सभी का तीन महीने से मानदेय रुका है। इसके अलावा कुछ सफाई कर्मी और कुक भी शामिल हैं।
विज्ञापन
बच्चों का दाखिला कराना मुश्किल
निसिंग के गोंदर गांव से आने वाले एनआरसी के तहत तैनात जीडीए सोहन ने बताया कि वे परिवार में इकलौते कमाने वाले हैं। दो बच्चे हैं जिनका स्कूल में दाखिला भी नहीं करवा पा रहे हैं क्योंकि मानदेय एक या दो नहीं बल्कि तीन महीने से रुका है।
विज्ञापन
नहीं भर पा रहे फीस
डेटा एंट्री ऑपरेटर प्रवीण ने कहा कि मानदेय रुका होने से दो महीने से बच्चों की स्कूल फीस रुकी है। प्रशासन सिर्फ आश्वासन दे रहा है लेकिन कुछ कर नहीं रहा। जॉब सिक्योरिटी पत्र का इंतजार करते थक चुके हैं।
तीन महीने से परेशानी
चाइल्ड केयर वार्ड में काम करने वाली डाटा एंट्री ऑपरेटर पूजा ने कहा कि वह चेक लिस्ट से लेकर बच्चों की एंट्री, डिस्चार्ज, लिखित सभी काम और बाकी सभी फॉलोअप कर रही हैं यहां तक कि बच्चों की देखभाल तक कर रही हैं, जो कि उनका काम भी नहीं है लेकिन तीन महीने से मानदेय नहीं मिला।
बैंक की किस्तें रुकीं
चौरपुरा गांव से रोजाना आवाजाही करने वाले कर्मचारी अटेंडेंट विशाल ने कहा कि हर महीने बैंक की किस्तें कटती थी, लेकिन मानदेय न मिलने से अब कई किस्ते रुक गई हैं जिसके बाद चेतावनी नोटिस आने का डर बना हुआ है। नौकरी होने के बावजूद असमंजस में है कि आगे क्या करेंगे और क्या नहीं।