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दृढ़ विश्वास था कि त्रिपाल में श्रीराम लला हमेशा नहीं रहेंगे : स्वामी ज्ञानानंद महाराज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 01 Feb 2024 04:45 AM IST
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There was a strong belief that Shri Ram Lala would not remain in Tripal forever: Swami Gyananand Maharaj
करनाल। श्रीकृष्ण कृपा धाम में बुधवार की शाम को श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए कार सेवा करने वाले जिलेभर के करीब ढाई सौ कारसेवकों को सम्मानित किया गया। कारसेवकों को कारसेवक रहे गीता मनीषी महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने सम्मानित किया। इस मौके पर उन्होंने कार सेवा के कई संस्मरण भी सुनाए और कहा कि 22 जनवरी-2024 हमेशा याद रहेगी। उन्होंने कहा कि ये तो दृढ़ विश्वास था कि त्रिपाल में श्रीराम लला हमेशा नहीं रहेंगे। 22 जनवरी को सफलता मिली है, लेकिन पूर्णत: के लिए अभी और कार्य करना बाकी है।
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सेक्टर-9 स्थित श्रीकृष्ण कृपा धाम में विहिप के मार्गदर्शक मंडल के सदस्य स्वामी दिव्यानंद की मौजूदगी में आयोजित कारसेवक सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोलते हुए गीता मनीषी महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि सूर्य को बादल छिपा तो सकते हैं, लेकिन मौसम बदलना तो तय है। मन में ये दृढ़ विश्वास था कि बादल छंटेंगे, त्रिपाल से श्रीराम लला अपने भव्य मंदिर में विराजमान होंगे। उन्होंने कारसेवा यात्रा को याद करते हुए कहा कि करनाल का भी कारसेवा में योगदान कम नहीं रहा।
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उन्होंने कई पुराने साथियों के नाम लेते करनाल रेलवे स्टेशन से लेकर अलीगढ़ की जेल तक के संस्मरण सुनाए, उस दौरान रहे अलीगढ़ जेल के जेलर व जेल प्रशासन की सराहना की। उन्होंने कहा कि एक दिन ऐसा आया, जब जेल का कोई भी कोना ऐसा नहीं बचा था, जिस पर कारसेवकों में जयश्रीराम न लिखा हो। एक समय उन्हें गुस्सा भी आया, जब कारसेवकों ने जेल का दरवाजा तोड़ने की योजना बनाई, क्योंकि उन्होंने कारसेवकों को अनुशासन व कानून का पालन करने की पहले ही हिदायत दे रखी थी। उनकी नाराजगी के बाद सभी कारसेवक मान गए और योजना को त्याग दिया गया है। 22 जनवरी को अयोध्या में गर्व और आत्मसम्मान की अनुभूति हुई।
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इस मौके पर कुरुक्षेत्र से सरोवर का जल लेकर अयोध्या तक मोटरसाइकिल से यात्रा करने वाले खुर्शीद आलम, पैदल जाने वाले अशोक कुमार व उनके साथी को सम्मानित किया गया। इसके अलावा कार्यक्रम में उपस्थित करीब 250 कार सेवकों को भी सम्मानित किया गया। मौके पर निर्वतमान महापौर रेणू बाला गुप्ता, ब्रज गुप्ता, संजय बठला, प्रो.जोगिंद्र मदान, अनीता मान, सुरेंद्र पाल, प्रदीप, कुलदीप सहित कई विहिप, आरएसएस और भाजपा के कई पदाधिकारी शामिल रहे।

28 मार्च से राम मंदिर दर्शन
गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि कारसेवकों आदि को अयोध्या में श्रीराम मंदिर दर्शन भी कराया जाएगा। इसके लिए 31 मार्च से एक अप्रैल तक अयोध्या में ठहरने की व्यवस्था की जाएगी। जो लोग श्रीराम लला व उनके मंदिर के दर्शन करने अयोध्या जाएंगे, उन्हें किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होगी।
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