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Karnal News: सरकार और लिपिकों के बीच वार्ता विफल
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। लिपिकों और प्रदेश सरकार के बीच वार्ता विफल हो गई। इसके साथ लिपिकों ने एलान कर दिया है कि वह वेतनमान बढ़ने तक काम पर नहीं लौटेंगे।
क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसाइटी हरियाणा (संबंधित भारतीय मजदूर संघ) के बैनर तले हरियाणा प्रदेश के 22 जिलों में प्रदेश के सभी विभागों, निगमों, बोर्डों, निकायों में कार्यरत लिपिक बीती पांच जुलाई से अपनी 35400 वेतनमान को बढ़वाने के लिए हड़ताल पर हैं। इनका कहना है कि इस महंगाई के दौर में उनका बेसिक वेतनमान 19 हजार 900 है जोकि बहुत ही कम है। हरियाणा के विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने लिपिकीय वर्ग की वेतनमान की मांग को सही ठहराते हुए धरने का समर्थन किया। जिलेभर के लिपिकीय वर्ग के कर्मचारी लगातार धरना स्थल पर रोष प्रदर्शन कर रहे हैं।
एसोसिएशन के जिला प्रधान प्रदीप प्रजापति ने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि जवाहर यादव, हरियाणा के प्रधान सचिव व वित्त विभाग के अधिकारी और लिपिकीय वर्ग के प्रतिनिधिमंडल के बीच वार्ता सफल नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि जब तक प्रदेश सरकार लिपिकीय वर्ग की एकमात्र 35 हजार 400 वेतनमान की मांग को पूरा नहीं करती है तब तक कोई भी लिपिकीय वर्ग का कर्मचारी कार्यालय नहीं जाएगा और धरना जारी रहेगा।जिला महासचिव परमजीत पाढ़ा ने कहा कि हमारा उद्देश्य जनता को परेशान करना नहीं है। सरकार ने लिपिक व अन्य वर्ग के वेतनमान में चार पे-स्केल का अंतर कर दिया गया है।
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करनाल। लिपिकों और प्रदेश सरकार के बीच वार्ता विफल हो गई। इसके साथ लिपिकों ने एलान कर दिया है कि वह वेतनमान बढ़ने तक काम पर नहीं लौटेंगे।
क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसाइटी हरियाणा (संबंधित भारतीय मजदूर संघ) के बैनर तले हरियाणा प्रदेश के 22 जिलों में प्रदेश के सभी विभागों, निगमों, बोर्डों, निकायों में कार्यरत लिपिक बीती पांच जुलाई से अपनी 35400 वेतनमान को बढ़वाने के लिए हड़ताल पर हैं। इनका कहना है कि इस महंगाई के दौर में उनका बेसिक वेतनमान 19 हजार 900 है जोकि बहुत ही कम है। हरियाणा के विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने लिपिकीय वर्ग की वेतनमान की मांग को सही ठहराते हुए धरने का समर्थन किया। जिलेभर के लिपिकीय वर्ग के कर्मचारी लगातार धरना स्थल पर रोष प्रदर्शन कर रहे हैं।
एसोसिएशन के जिला प्रधान प्रदीप प्रजापति ने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि जवाहर यादव, हरियाणा के प्रधान सचिव व वित्त विभाग के अधिकारी और लिपिकीय वर्ग के प्रतिनिधिमंडल के बीच वार्ता सफल नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि जब तक प्रदेश सरकार लिपिकीय वर्ग की एकमात्र 35 हजार 400 वेतनमान की मांग को पूरा नहीं करती है तब तक कोई भी लिपिकीय वर्ग का कर्मचारी कार्यालय नहीं जाएगा और धरना जारी रहेगा।जिला महासचिव परमजीत पाढ़ा ने कहा कि हमारा उद्देश्य जनता को परेशान करना नहीं है। सरकार ने लिपिक व अन्य वर्ग के वेतनमान में चार पे-स्केल का अंतर कर दिया गया है।
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