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तीसरी लहर की तैयारी पर डाक्टरों का संकट भारी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 13 Jun 2021 02:39 AM IST
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The shortage of doctors is heavy on the preparation foe the third wave
कोरोना की तीसरी लहर आने का अंदेशा जताया जा रहा है। जिसमें बच्चों की सेहत पर संकट की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में जिला प्रशासन ने तीसरी लहर से निपटने के लिये तैयारियां तो शुरू कर दी हैं और बैठकों को दौर भी शुरू कर दिया है।
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लेकिन वर्तमान स्थिति देखें तो जिले में बच्चों के लिए पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीकू) और आईसीयू ही नहीं है। जिसमें 14 वर्ष तक के बच्चों को दाखिल किया जाता है। जिले में बच्चों की संख्या के मुताबिक डॉक्टरों की उपलब्धता देखें तो जिले में 0 से 16 वर्ष के बच्चों की संख्या 5 लाख के करीब है। लेकिन बच्चों के डॉक्टरों की संख्या 10 है। ऐसे में कोरोना की तीसरी लहर से लड़ने के लिए जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग को काफी तैयारी करनी होगी और बच्चों के लिए व्यवस्था भी करनी होगी। यदि समय रहते जिला प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया तो हालात इस बारे से अधिक खराब हो सकते हैं, क्योंकि बच्चों के लिये जिले में आईसीयू न होना गंभीर विषय है।
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ये है बच्चों के लिए व्यवस्था
जिले के सरकारी अस्पताल में स्पेशल न्यू बोर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) है। जिसमें 16 बेड है। इससे अलग बच्चों के लिये 12 बेड का जनरल वार्ड है। इसके साथ ही तीन बच्चों के डॉक्टर है। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज की बात करें तो यहां पर बच्चों के दो वार्ड है जिसमें 60 बेड है। इससे अलग निक्कू में 14 बेड हैं। डॉक्टरों की बात करें तो मेडिकल कॉलेज में 5 बच्चों के डॉक्टरों की टीम है। इससे अलग एक नीलोखेड़ी में व एक असंध में बच्चों को डॉक्टर हैं।
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यह है प्लानिंग
मेडिकल कॉलेज में निक्कू में 30 बेड करने की तैयारियां चल रही है। इसके साथ ही बच्चों के लिये जो दो वार्ड बने हुए हैं, उनमें बेड की संख्या डबल करने की तैयारी है यानी 120 बेड तैयार किए जाएंगे। इसके साथ ही पूरे मेडिकल कॉलेज में बच्चों के लिये दो ही वेंटिलेटर है। दो और वेंटिलेटर की मांग भेजी गई है। सरकारी अस्पताल के एनसीयू में दो बेड बढ़ाकर 18 बेड किए जाएंगे।
कोरोना की संभावित तीसरी लहर के लिये तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिये प्राइवेट अस्पताल व आईएमए से भी बैठक की गई है ताकि जिले में बच्चों के डॉक्टरों की कमी दूर की जा सके। जिले में 0-16 की उम्र के करीब 5 लाख बच्चे है। सरकारी अस्पतालों में जो व्यवस्था है उसे भी बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।

डॉ. योगेश शर्मा, सीएमओ करनाल।
मेडिकल कॉलेज में निक्कू वार्ड है जिसमें बेड की संख्या बढ़ाकर 30 करने की तैयारी की जा रही है वहीं बच्चों के वार्ड में भी बेड की संख्या बढ़ाकर 120 करने की तैयारियां है। वेंटिलेटर की मांग भेजी गई है। मेडिकल कॉलेज में जल्द ही संभावित तीसरी लहर से लड़ने के लिये पूरी व्यवस्था हो जाएगी।
डॉ. जगदीश दुरेजा, निदेशक, कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज।
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