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मकान की छत गिरी, मां-बेटे की मौत
करनाल/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 22 Aug 2015 12:15 AM IST
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गांव फैजपुर खेड़ा में एक मकान का शहतीर टूटने से छत ढह गई। छत के मलबे के
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नीचे दबने से मां और बेटे की मौत हो गई। हादसे में परिवार के तीन अन्य
सदस्य चोटिल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही असंध के डीएसपी बलजिंद्र सिंह
और थाना प्रभारी राजबीर सिंह मौके पर पहुंच गए।
पुलिस ने मृतकों के शव का पोस्टमार्टम करवाकर उन्हें परिजनों को सौंप दिया। फैजपुर खेड़ा निवासी मकान मालिक लखा सिंह ने बताया कि लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश निवासी कलीराम उसके खेतों में मजदूरी का कार्य करता था। वह करीब चार वर्षों से परिवार सहित गांव में ही रह रहा था। उन्होंने बताया कि कलीराम तीन बेटों मोहन, सूरज और गौतम और पत्नी संतोष के साथ रह रहा था।
वीरवार रात कलीराम खाना खाने के बाद अपने परिवार के साथ घर में सो रहा था। रात में छत पर लगा लकड़ी का शहतीर टूट गया। कलीराम की पत्नी संतोष (36) और बेटा गौतम (8) शहतीर के नीचे दब गए। परिवार के अन्य सदस्यों के ऊपर मलबा गिरा। हादसे की जानकारी होते ही ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और मलबे में दबे कलीराम, सूरज और मोहन को सुरक्षित निकाल लिया। गया। शहतीर के नीचे से संतोष और गौतम को जब तक निकाला गया, उनकी मौत हो चुकी थी।
बारिश से कमजोर हो गई थी छत
ग्रामीणों ने बताया कि घर की छत ऊपर से कच्ची थी। पिछले दिनों बारिश का पानी भी छत से टपक रहा था। इसे बंद करने के लिए छत पर और मिट्टी डाल दी गई थी। छत पर मिट्टी का वजन बढ़ने से शहतीर टूट गया।
पुलिस ने मृतकों के शव का पोस्टमार्टम करवाकर उन्हें परिजनों को सौंप दिया। फैजपुर खेड़ा निवासी मकान मालिक लखा सिंह ने बताया कि लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश निवासी कलीराम उसके खेतों में मजदूरी का कार्य करता था। वह करीब चार वर्षों से परिवार सहित गांव में ही रह रहा था। उन्होंने बताया कि कलीराम तीन बेटों मोहन, सूरज और गौतम और पत्नी संतोष के साथ रह रहा था।
वीरवार रात कलीराम खाना खाने के बाद अपने परिवार के साथ घर में सो रहा था। रात में छत पर लगा लकड़ी का शहतीर टूट गया। कलीराम की पत्नी संतोष (36) और बेटा गौतम (8) शहतीर के नीचे दब गए। परिवार के अन्य सदस्यों के ऊपर मलबा गिरा। हादसे की जानकारी होते ही ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और मलबे में दबे कलीराम, सूरज और मोहन को सुरक्षित निकाल लिया। गया। शहतीर के नीचे से संतोष और गौतम को जब तक निकाला गया, उनकी मौत हो चुकी थी।
बारिश से कमजोर हो गई थी छत
ग्रामीणों ने बताया कि घर की छत ऊपर से कच्ची थी। पिछले दिनों बारिश का पानी भी छत से टपक रहा था। इसे बंद करने के लिए छत पर और मिट्टी डाल दी गई थी। छत पर मिट्टी का वजन बढ़ने से शहतीर टूट गया।