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डिजिटल होगी टिकट काटने की प्रक्रिया, ई-वॉलेट या कार्ड से भी कर सकेंगे भुगतान
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गगन तलवार
करनाल। रोडवेज बसों में अब टिकट काटने की प्रक्रिया स्मार्ट होने जा रही है, क्योंकि बसों में अब ईटीएम (इलेक्ट्रानिक टिकटिंग मशीन) मशीन से टिकटें कटेंगी। वहीं यात्री भी नकद के अलावा ई-वॉलेट या डेबिट-क्रेटिड कार्ड से भुगतान कर सकेंगे। करनाल डिपो के पास 166 मशीनें पहुंची हैं। जल्द विभाग की ओर से ई-टिकट प्रणाली शुरू की जाएगी।
इस पारदर्शी व्यवस्था में टिकट लेने को लेकर न तो यात्री गड़बड़ी कर सकेंगे न रोडवेज परिचालक, क्योंकि टिकट कटने का समय और स्टेशन भी टिकट पर अंकित होगा। साथ ही पास का रिकॉर्ड भी दर्ज होगा। इसे स्कैन करते ही पास के असली-नकली का पता चल सकेगा।
इस व्यवस्था का फायदा न केवल रोडवेज बल्कि यात्रियों को भी होगा। इससे रोडवेज के परिचालकों को भी पंच लगाकर टिकट काटने से छुटकारा मिलेगा। परिचालकों को ईटीएम दी जाएगी। जिसमें दर्ज रूट पर क्लिक करते ही कुछ सेकेंड में टिकट बनकर बाहर निकल जाएगा। वर्तमान में रोडवेज के परिचालक बैग में प्रिट किए टिकट रखते हैं। टिकटों पर तारीख के हिसाब से पंच लगाकर यात्रियों को दिए जाते हैं। यात्रियों के पास भी अलग-अलग राशि के कई टिकट हो जाते हैं। यदि किसी के पास से इनमें से एक टिकट खो जाए तो परेशानी होती है। अब ऐसा नहीं होगा। किराया के हिसाब से ईटीएम से एक ही स्लिप में टिकट निकलेगा। जिले की बात करें तो रोडवेज के बेडे़ में 119 बसें आन रूट हैं। जबकि विभाग के पास मशीनें 166 आई हैं। ऐसे में विभाग के सभी परिचालकों को ईटीएम दी जाएगी।
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खुले पैसे का झंझट, टॉफी देने का प्रचलन होगा बंद
ईटीएम से विभाग के साथ-साथ यात्रियों को भी फायदा होगा। यात्री टिकट का भुगतान कैश के साथ-साथ एटीएम या ई वालेट के जरिए भी कर सकेंगे। इससे खुले पैसों संबंधी समस्या दूर हो जाएगी। वर्तमान में पैसे खुले न होने पर परिचालक टॉफी दे देते हैं, अब ऐसा नहीं कर सकेंगे।
मशीन में होगा फ्री पास का डाटा
ई-टिकट प्रणाली से टिकट के नाम पर होने वाला फ्रॉड नहीं हो पाएगा। वहीं, नकली पास भी नहीं चल पाएंगे। विभाग के अनुसार, फ्री पास धारकों का डाटा मशीनों में फीड होगा। पास को मशीन से टच कर पता चल जाएगा कि पास असली है या नकली। इसके अलावा टिकट छपवाई के लाखों रुपये भी विभाग के बचेंगे।
ये होगा फायदा
- मशीन से कंडक्टर टिकट काटेगा तो मशीन के अंदर दर्ज रूट डिटेल और समय दर्शाएगा।
- इससे फ्लाइंग टीम को पता चलेगा कि किस समय यात्री का टिकट काटा गया है।
- कर्मचारियों का ड्यूटी रोस्टर भी रोजाना ऑनलाइन अपने आप मशीन में दर्शाएगा कि आज किस बस पर किस चालक-परिचालक की ड्यूटी है।
- मशीन में कैमरा भी होगा, यदि बस में कोई अप्रिय घटना होती है तो कंडक्टर मशीन से वीडियो या फोटो भी बना सकेगा।
- बस यात्रियों को डेबिट या क्रेडिट कार्ड से भी टिकट लेने की सुविधा मिलेगी।
- मुख्यालय बैठे अधिकारी एक क्लिक पर यह जान सकेंगे कि किस डिपो की किस बस में किस समय कितने यात्री सवार हैं और बस मार्ग पर कहां है।
ई-टिकट प्रणाली का जून माह में संचालन होगा। इससे विभागीय कर्मचारियों के साथ यात्रियों को भी सहूलियत होगी। परिचालकों को इसका प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
- कुलदीप सिंह, जीएम, रोडवेज करनाल डिपो
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करनाल। रोडवेज बसों में अब टिकट काटने की प्रक्रिया स्मार्ट होने जा रही है, क्योंकि बसों में अब ईटीएम (इलेक्ट्रानिक टिकटिंग मशीन) मशीन से टिकटें कटेंगी। वहीं यात्री भी नकद के अलावा ई-वॉलेट या डेबिट-क्रेटिड कार्ड से भुगतान कर सकेंगे। करनाल डिपो के पास 166 मशीनें पहुंची हैं। जल्द विभाग की ओर से ई-टिकट प्रणाली शुरू की जाएगी।
इस पारदर्शी व्यवस्था में टिकट लेने को लेकर न तो यात्री गड़बड़ी कर सकेंगे न रोडवेज परिचालक, क्योंकि टिकट कटने का समय और स्टेशन भी टिकट पर अंकित होगा। साथ ही पास का रिकॉर्ड भी दर्ज होगा। इसे स्कैन करते ही पास के असली-नकली का पता चल सकेगा।
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इस व्यवस्था का फायदा न केवल रोडवेज बल्कि यात्रियों को भी होगा। इससे रोडवेज के परिचालकों को भी पंच लगाकर टिकट काटने से छुटकारा मिलेगा। परिचालकों को ईटीएम दी जाएगी। जिसमें दर्ज रूट पर क्लिक करते ही कुछ सेकेंड में टिकट बनकर बाहर निकल जाएगा। वर्तमान में रोडवेज के परिचालक बैग में प्रिट किए टिकट रखते हैं। टिकटों पर तारीख के हिसाब से पंच लगाकर यात्रियों को दिए जाते हैं। यात्रियों के पास भी अलग-अलग राशि के कई टिकट हो जाते हैं। यदि किसी के पास से इनमें से एक टिकट खो जाए तो परेशानी होती है। अब ऐसा नहीं होगा। किराया के हिसाब से ईटीएम से एक ही स्लिप में टिकट निकलेगा। जिले की बात करें तो रोडवेज के बेडे़ में 119 बसें आन रूट हैं। जबकि विभाग के पास मशीनें 166 आई हैं। ऐसे में विभाग के सभी परिचालकों को ईटीएम दी जाएगी।
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खुले पैसे का झंझट, टॉफी देने का प्रचलन होगा बंद
ईटीएम से विभाग के साथ-साथ यात्रियों को भी फायदा होगा। यात्री टिकट का भुगतान कैश के साथ-साथ एटीएम या ई वालेट के जरिए भी कर सकेंगे। इससे खुले पैसों संबंधी समस्या दूर हो जाएगी। वर्तमान में पैसे खुले न होने पर परिचालक टॉफी दे देते हैं, अब ऐसा नहीं कर सकेंगे।
मशीन में होगा फ्री पास का डाटा
ई-टिकट प्रणाली से टिकट के नाम पर होने वाला फ्रॉड नहीं हो पाएगा। वहीं, नकली पास भी नहीं चल पाएंगे। विभाग के अनुसार, फ्री पास धारकों का डाटा मशीनों में फीड होगा। पास को मशीन से टच कर पता चल जाएगा कि पास असली है या नकली। इसके अलावा टिकट छपवाई के लाखों रुपये भी विभाग के बचेंगे।
ये होगा फायदा
- मशीन से कंडक्टर टिकट काटेगा तो मशीन के अंदर दर्ज रूट डिटेल और समय दर्शाएगा।
- इससे फ्लाइंग टीम को पता चलेगा कि किस समय यात्री का टिकट काटा गया है।
- कर्मचारियों का ड्यूटी रोस्टर भी रोजाना ऑनलाइन अपने आप मशीन में दर्शाएगा कि आज किस बस पर किस चालक-परिचालक की ड्यूटी है।
- मशीन में कैमरा भी होगा, यदि बस में कोई अप्रिय घटना होती है तो कंडक्टर मशीन से वीडियो या फोटो भी बना सकेगा।
- बस यात्रियों को डेबिट या क्रेडिट कार्ड से भी टिकट लेने की सुविधा मिलेगी।
- मुख्यालय बैठे अधिकारी एक क्लिक पर यह जान सकेंगे कि किस डिपो की किस बस में किस समय कितने यात्री सवार हैं और बस मार्ग पर कहां है।
ई-टिकट प्रणाली का जून माह में संचालन होगा। इससे विभागीय कर्मचारियों के साथ यात्रियों को भी सहूलियत होगी। परिचालकों को इसका प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
- कुलदीप सिंह, जीएम, रोडवेज करनाल डिपो