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धन से नहीं, उसे धर्म में लगाने से मिलेगा शांति का रास्ता : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद
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धन से नहीं, उसे धर्म में लगाने से मिलेगा शांति का रास्ता : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद
- करनाल पहुंचे जगदगुरु शंकराचार्य, सनातन धर्म की मजबूती के लिए संगठित रहने और गोसेवा का दिया संदेश
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जगदगुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि धन कभी सुख-शांति प्रदान नहीं कर सकता, क्योंकि धन हमेशा 17 अवगुणों को साथ लेकर आता है। वहीं, यदि धन को धर्म कार्य पर व्यय किया जाए तो वह जीवन में शांति का मार्ग प्रशस्त कर सकता है। शकंराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती सोमवार को प्रदेशव्यापी संचार यात्रा के तहत करनाल पहुंचे। उन्होंने सनातन धर्म की मजबूती के लिए संगठित रहने और गोसेवा का संदेश दिया। उन्होंने ये भी कहा कि हरियाणा के प्रत्येक जिले में श्री हरि का मंदिर होना ही चाहिए।
करनाल में वह अंसल एपीआई बी 1763 में समाजसेवी आशीष मित्तल के आवास पहुंचे। यहां पर पादुका पूजन किया गया और लोगों ने उनका आशीर्वाद लिया। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने गाय को धर्म का प्रतीक बताते हुए सभी को गाय की सेवा करने को कहा। उन्होंने गोमाता, गंगा और हिंदू को प्रचंड होने की बात कहते हुए कहा कि ये धर्म के रास्ते से ही संभव है। विनय का एक अर्थ विनम्रता है तो इससे विशिष्ट एवं न्याय यान नीति का भी बोध होता है। यदि हम पूर्ण एकाग्रता और गंभीरता से किसी नीति का अध्ययन करते हैं तो हमें पता चल जाता है कि संसार में किस प्रकार का व्यवहार करना चाहिए। सारा खेल अनुपात समझने का है। ये ज्ञान हो जाएगा तो पात्रता आ जाएगी।
उन्होंने कहा कि संसार में बहुत सी वस्तुएं सुंदर हैं, लेकिन हम उनका संग्रह नहीं कर पाते, लेकिन पात्रता आएगी तो हम निश्चित रूप से समृद्ध हो जाएंगे। उन्होंने सभी पर भगवान बद्रीनाथ की कृपा बनी रहने का आशीर्वाद भी दिया।
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इस अवसर पर ज्योर्तिमठ के संजय मिश्रा, आशीष मित्तल, नवीन मित्तल, मनीष मित्तल, रजनीश चौधरी, पंडित विनोद, रनबीर रमन प्रधान, राजकुमार, राय सिंह, विनय, सतीश गोयल, आरके सैनी, विजेंद्र गुप्ता विंग कमांडर विक्रम सिंह पुंडीर आदि कई लोग मौजूद रहे।
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जगदगुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि धन कभी सुख-शांति प्रदान नहीं कर सकता, क्योंकि धन हमेशा 17 अवगुणों को साथ लेकर आता है। वहीं, यदि धन को धर्म कार्य पर व्यय किया जाए तो वह जीवन में शांति का मार्ग प्रशस्त कर सकता है। शकंराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती सोमवार को प्रदेशव्यापी संचार यात्रा के तहत करनाल पहुंचे। उन्होंने सनातन धर्म की मजबूती के लिए संगठित रहने और गोसेवा का संदेश दिया। उन्होंने ये भी कहा कि हरियाणा के प्रत्येक जिले में श्री हरि का मंदिर होना ही चाहिए।
करनाल में वह अंसल एपीआई बी 1763 में समाजसेवी आशीष मित्तल के आवास पहुंचे। यहां पर पादुका पूजन किया गया और लोगों ने उनका आशीर्वाद लिया। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने गाय को धर्म का प्रतीक बताते हुए सभी को गाय की सेवा करने को कहा। उन्होंने गोमाता, गंगा और हिंदू को प्रचंड होने की बात कहते हुए कहा कि ये धर्म के रास्ते से ही संभव है। विनय का एक अर्थ विनम्रता है तो इससे विशिष्ट एवं न्याय यान नीति का भी बोध होता है। यदि हम पूर्ण एकाग्रता और गंभीरता से किसी नीति का अध्ययन करते हैं तो हमें पता चल जाता है कि संसार में किस प्रकार का व्यवहार करना चाहिए। सारा खेल अनुपात समझने का है। ये ज्ञान हो जाएगा तो पात्रता आ जाएगी।
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उन्होंने कहा कि संसार में बहुत सी वस्तुएं सुंदर हैं, लेकिन हम उनका संग्रह नहीं कर पाते, लेकिन पात्रता आएगी तो हम निश्चित रूप से समृद्ध हो जाएंगे। उन्होंने सभी पर भगवान बद्रीनाथ की कृपा बनी रहने का आशीर्वाद भी दिया।
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इस अवसर पर ज्योर्तिमठ के संजय मिश्रा, आशीष मित्तल, नवीन मित्तल, मनीष मित्तल, रजनीश चौधरी, पंडित विनोद, रनबीर रमन प्रधान, राजकुमार, राय सिंह, विनय, सतीश गोयल, आरके सैनी, विजेंद्र गुप्ता विंग कमांडर विक्रम सिंह पुंडीर आदि कई लोग मौजूद रहे।