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Karnal News: आठ साल से अटका है एनसीसी अकादमी प्रोजेक्ट, अब मिलेगी रफ्तार
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निर्माणाधीन एनसीसी अकादमी का नक्शा देखते हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण । प्रवक्ता
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। करीब आठ साल से अटके एनसीसी अकादमी बनाने के प्रोजेक्ट के अब सिरे चढ़ने की उम्मीद है। बुधवार को हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने गांव अराईपुरा में अधिकारियों के साथ निर्माणाधीन एनसीसी अकादमी का दौरा किया। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति और भविष्य में कराए जाने वाले कार्यों की जानकारी ली। साथ ही उच्चतर शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ यहां भविष्य में नियुक्त किए जाने वाले सदस्यों के बारे में भी चर्चा की।
विदित रहे कि करीब चार साल तक तो बजट के अभाव में यह परियोजना अटकी रही और अब अक्तूबर माह से लगातार काम जारी है। कल्याण ने बताया कि एनसीसी अकादमी का प्रोजेक्ट काफी महत्वपूर्ण है। कोरोना काल में इसके निर्माण की गति जरूर प्रभावित हुई थी लेकिन अब इस पर तेजी से कार्य जारी है। इस मौके पर उपायुक्त विश्राम कुमार, एसडीएम राजेश सोनी, बीडीपीओ सोमवीर खटकड़, उच्चतर शिक्षा विभाग से अंजली सिवाच, दीपिका, जिला उच्चतर शिक्षा अधिकारी मेजर प्रो. अनीता जून, बसताड़ा कॉलेज की उप प्राचार्या डॉ. दीपा ढुल आदि मौजूद रहे।
- अधूरा काम और परियोजना रोकने की वजह
एनसीसी अकादमी के निर्माण की नींव जुलाई 2018 में मुख्यमंत्री रहते हुए केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने रखी थी। योजना के मुताबिक यह प्रोजेक्ट फरवरी 2020 तक पूरा होना था लेकिन 2021 में ठेकेदार ने बीच में काम छोड़ दिया। इससे निर्माण रुक गया। इसके बाद जुलाई 2024 में पीडब्ल्यूडी ने टेंडर रद्द कर दिया। उच्च अधिकारियों को 29 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट प्रस्ताव भेजा गया। करीब 40 प्रतिशत कार्य लंबित था, इसी बीच में अकादमी के स्वरूप में परिवर्तन कर दिया गया। यह अकादमी करीब 56 करोड़ रुपये से बननी थी लेकिन बाद में इन्फ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने और बदलाव के कारण खर्च 85 करोड़ तक पहुंच गया।
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- एशिया की दूसरी सबसे बड़ी अकादमी होगी
यह एनसीसी अकादमी एशिया की दूसरी सबसे बड़ी अकादमी मानी जाएगी। यहां एक समय में 700 कैडेट्स को प्रशिक्षण ले सकेंगे। इसका लक्ष्य ग्वालियर और नागपुर जैसी नामी अकादमियों के बराबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाना है। वर्तमान में करनाल सहित जीटी बेल्ट के युवा प्रशिक्षण के लिए रोपड़ अकादमी व अन्य स्थानों पर जाते हैं।
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करनाल। करीब आठ साल से अटके एनसीसी अकादमी बनाने के प्रोजेक्ट के अब सिरे चढ़ने की उम्मीद है। बुधवार को हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने गांव अराईपुरा में अधिकारियों के साथ निर्माणाधीन एनसीसी अकादमी का दौरा किया। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति और भविष्य में कराए जाने वाले कार्यों की जानकारी ली। साथ ही उच्चतर शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ यहां भविष्य में नियुक्त किए जाने वाले सदस्यों के बारे में भी चर्चा की।
विदित रहे कि करीब चार साल तक तो बजट के अभाव में यह परियोजना अटकी रही और अब अक्तूबर माह से लगातार काम जारी है। कल्याण ने बताया कि एनसीसी अकादमी का प्रोजेक्ट काफी महत्वपूर्ण है। कोरोना काल में इसके निर्माण की गति जरूर प्रभावित हुई थी लेकिन अब इस पर तेजी से कार्य जारी है। इस मौके पर उपायुक्त विश्राम कुमार, एसडीएम राजेश सोनी, बीडीपीओ सोमवीर खटकड़, उच्चतर शिक्षा विभाग से अंजली सिवाच, दीपिका, जिला उच्चतर शिक्षा अधिकारी मेजर प्रो. अनीता जून, बसताड़ा कॉलेज की उप प्राचार्या डॉ. दीपा ढुल आदि मौजूद रहे।
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- अधूरा काम और परियोजना रोकने की वजह
एनसीसी अकादमी के निर्माण की नींव जुलाई 2018 में मुख्यमंत्री रहते हुए केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने रखी थी। योजना के मुताबिक यह प्रोजेक्ट फरवरी 2020 तक पूरा होना था लेकिन 2021 में ठेकेदार ने बीच में काम छोड़ दिया। इससे निर्माण रुक गया। इसके बाद जुलाई 2024 में पीडब्ल्यूडी ने टेंडर रद्द कर दिया। उच्च अधिकारियों को 29 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट प्रस्ताव भेजा गया। करीब 40 प्रतिशत कार्य लंबित था, इसी बीच में अकादमी के स्वरूप में परिवर्तन कर दिया गया। यह अकादमी करीब 56 करोड़ रुपये से बननी थी लेकिन बाद में इन्फ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने और बदलाव के कारण खर्च 85 करोड़ तक पहुंच गया।
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- एशिया की दूसरी सबसे बड़ी अकादमी होगी
यह एनसीसी अकादमी एशिया की दूसरी सबसे बड़ी अकादमी मानी जाएगी। यहां एक समय में 700 कैडेट्स को प्रशिक्षण ले सकेंगे। इसका लक्ष्य ग्वालियर और नागपुर जैसी नामी अकादमियों के बराबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाना है। वर्तमान में करनाल सहित जीटी बेल्ट के युवा प्रशिक्षण के लिए रोपड़ अकादमी व अन्य स्थानों पर जाते हैं।