फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   The judge got the professional surety arrested in the court.

Karnal News: जज ने कोर्ट में गिरफ्तार कराया पेशेवर जमानती

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 19 Feb 2026 01:51 AM IST
विज्ञापन
The judge got the professional surety arrested in the court.
माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन


करनाल। जिला अदालत में जमानत प्रक्रिया के दौरान अदालत ने जमानती अश्वनी कुमार को मौके पर ही गिरफ्तार करवा दिया। उस पर अलग-अलग जिलों की अदालतों में फर्जी दस्तावेज के आधार पर आरोपियों की जमानत कराने का आरोप है। वह पहचान छिपाने के लिए अलग-अलग आधार नंबरों का सहारा लेता था। मामले में नई एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

मधुबन थाना में दर्ज एक मामले में आरोपी वीरभान को 16 फरवरी को अदालत ने जमानत देने के आदेश जारी किए थे। आदेश के अनुपालन में जमानत बांड और जमानती पेश किए गए। आरोपी की ओर से पानीपत जिले के तामसाबाद निवासी अश्वनी कुमार जमानती के रूप में अदालत में उपस्थित हुआ। अश्वनी कुमार ने अदालत में शपथपत्र देकर दावा किया कि वह किसी अन्य मामले में जमानती नहीं है। उसने अपनी जमीन की जमाबंदी की प्रति, मूल आधार कार्ड और उसकी फोटोकॉपी अदालत में प्रस्तुत की। प्रारंभिक तौर पर दस्तावेज सामान्य प्रतीत हुए, लेकिन सत्यापन प्रक्रिया के दौरान पूरे मामले का पर्दाफाश हो गया।
विज्ञापन


अदालत के रीडर ने जमानती के दस्तावेज और पहचान संबंधी जानकारी को एसआईएमएस (श्योरिटी इन्फॉर्मेशन मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर) के माध्यम से जांचा। डिजिटल सत्यापन में सामने आया कि अश्वनी कुमार पहले भी कई आपराधिक मामलों में जमानती बन चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन


रिकॉर्ड के अनुसार उसने करनाल, पानीपत, सोनीपत, बहादुरगढ़ और झज्जर सहित विभिन्न जिलों की अदालतों में जमानत दिलाने का काम किया था। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि उसने कई मामलों में एक ही जमीन की जमाबंदी के आधार पर जमानत दी थी, जिससे न्यायिक प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता का संदेह गहरा गया।

-------

फर्जी आधार नंबरों से पहचान छिपाने की कोशिश

जांच के दौरान एक और गंभीर तथ्य सामने आया। अश्वनी कुमार ने अलग-अलग अदालतों में अलग-अलग आधार नंबर प्रस्तुत किए थे। इससे यह संकेत मिला कि जमानत प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए उसने फर्जी पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। अदालत में उसके प्रयोग किए गए आधार नंबरों का विवरण रिकॉर्ड पर लिया गया, जिससे फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई।
---
अदालत का सख्त रुख, मौके पर गिरफ्तारी के आदेश

मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मंगलवार को कड़ा रुख अपनाते हुए अश्वनी कुमार को अदालत कक्ष से ही हिरासत में लेने के निर्देश दिए। उसे सेक्टर-13 चौकी पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। अदालत ने जमानत बांड स्वीकार करने से इनकार कर दिया और पूरे प्रकरण में संलिप्त अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच के आदेश दिए। अदालत के रीडर को मामले में शिकायतकर्ता नियुक्त करते हुए विस्तृत शिकायत थाना सिविल लाइन को भेजी गई।


थाना सिविल लाइन प्रभारी रामलाल ने बताया कि अदालत के आदेश पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि पूरे नेटवर्क और संभावित सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed