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बसताड़ा टोल से पकड़े चारों आतंकी भी रिंदा के इशारों पर करते थे काम
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। पाकिस्तान में रह रहे आतंकी गतिविधियों में लिप्त हरविंद्र सिंह रिंदा की मौत हो गई है। ये वही आतंकी है जिसका संबंध पांच मई 2022 को बसताड़ा टोल प्लाजा के पास एक इनोवा कार में पकड़े गए चार आतंकियों से था। इन्हें करनाल पुलिस ने सुबह चार बजे इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) की सूचना पर मधुबन थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे (अंबाला-दिल्ली) स्थित बसताड़ा टोल प्लाजा के पास से एक इनोवा कार में गिरफ्तार किया था। इनके पास से करीब साढ़े सात किलो आईईडी (विस्फोटक सामग्री), पाकिस्तान निर्मित एक पिस्टल, मैगजीन, 31 कारतूस, छह मोबाइल फोन और 1.30 लाख रुपये नकद बरामद हुए थे। ये सामग्री पाकिस्तान में बैठे आतंकी हरिवंद्र सिंह रिंदा द्वारा भेजी गई लोकेशन पर पंजाब के फिरोजपुर जिले से तेलंगाना के आदिलाबाद ले जाई जा रही थी।
पकड़े गए आतंकियों की पहचान गुरप्रीत सिंह व उसके सगे भाई अमनदीप निवासी गांव विंजो, थाना मखु, जिला फिरोजपुर, परमिंदर निवासी गांव व थाना मखु, जिला फिरोजपुर और भूपेंद्र सिंह निवासी गांव भाटिया, जिला लुधियाना, पंजाब के रूप में हुई थी।
गिरफ्तार युवकों ने बताया है कि गुरुप्रीत जब लुधियाना जेल में बंद था तो उसकी मुलाकात राजबीर निवासी नांदेड़, हाल निवासी कादिया, बटाला (गुरुदासपुर) से हुई थी। उसने गुरप्रीत को पाकिस्तान में रह रहे आतंकी गतिविधियों में लिप्त हरविंद्र सिंह रिंदा निवासी नांदेड़ (महाराष्ट्र) की सिग्नल एप आईडी देकर उससे संपर्क करने को कहा था, तभी से सभी चारों एक के बाद एक रिंदा से जुड़ गए।
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राजबीर ने ही काम होने के बाद पैसे देने की डील रिंदा से कराई थी। तभी से ये चारों आरोपी आतंकी गतिविधियों के लिए विस्फोटक सप्लाई का काम करने लगे। हरविंद्र सिंह रिंदा ने ही ड्रोन के जरिये पंजाब के फिरोजपुर जिले में गुरप्रीत से दोस्त आकाश दीप के ननिहाल वालों के खेत में विस्फोटक सामग्री व हथियार, कारतूस आदि भेजे थे। इसके बाद रिंदा ने मोबाइल एप के जरिये तेलंगाना के आदिलाबाद की लोकेशन भेजी थी। ये चारों फिरोजपुर से विस्फोटक सामग्री, कारतूस, हथियार लेकर इसी लोकेशन पर पहुंचाने जा रहे थे, उससे पहले ही करनाल पुलिस ने इन्हें विस्फोटक सामग्री सहित दबोच लिया था। धरे गए चारों आरोपियों के साथ हरविंद्र रिंदा व राजबीर के खिलाफ मधुबन थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। ब्यूरो
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करनाल। पाकिस्तान में रह रहे आतंकी गतिविधियों में लिप्त हरविंद्र सिंह रिंदा की मौत हो गई है। ये वही आतंकी है जिसका संबंध पांच मई 2022 को बसताड़ा टोल प्लाजा के पास एक इनोवा कार में पकड़े गए चार आतंकियों से था। इन्हें करनाल पुलिस ने सुबह चार बजे इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) की सूचना पर मधुबन थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे (अंबाला-दिल्ली) स्थित बसताड़ा टोल प्लाजा के पास से एक इनोवा कार में गिरफ्तार किया था। इनके पास से करीब साढ़े सात किलो आईईडी (विस्फोटक सामग्री), पाकिस्तान निर्मित एक पिस्टल, मैगजीन, 31 कारतूस, छह मोबाइल फोन और 1.30 लाख रुपये नकद बरामद हुए थे। ये सामग्री पाकिस्तान में बैठे आतंकी हरिवंद्र सिंह रिंदा द्वारा भेजी गई लोकेशन पर पंजाब के फिरोजपुर जिले से तेलंगाना के आदिलाबाद ले जाई जा रही थी।
पकड़े गए आतंकियों की पहचान गुरप्रीत सिंह व उसके सगे भाई अमनदीप निवासी गांव विंजो, थाना मखु, जिला फिरोजपुर, परमिंदर निवासी गांव व थाना मखु, जिला फिरोजपुर और भूपेंद्र सिंह निवासी गांव भाटिया, जिला लुधियाना, पंजाब के रूप में हुई थी।
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गिरफ्तार युवकों ने बताया है कि गुरुप्रीत जब लुधियाना जेल में बंद था तो उसकी मुलाकात राजबीर निवासी नांदेड़, हाल निवासी कादिया, बटाला (गुरुदासपुर) से हुई थी। उसने गुरप्रीत को पाकिस्तान में रह रहे आतंकी गतिविधियों में लिप्त हरविंद्र सिंह रिंदा निवासी नांदेड़ (महाराष्ट्र) की सिग्नल एप आईडी देकर उससे संपर्क करने को कहा था, तभी से सभी चारों एक के बाद एक रिंदा से जुड़ गए।
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राजबीर ने ही काम होने के बाद पैसे देने की डील रिंदा से कराई थी। तभी से ये चारों आरोपी आतंकी गतिविधियों के लिए विस्फोटक सप्लाई का काम करने लगे। हरविंद्र सिंह रिंदा ने ही ड्रोन के जरिये पंजाब के फिरोजपुर जिले में गुरप्रीत से दोस्त आकाश दीप के ननिहाल वालों के खेत में विस्फोटक सामग्री व हथियार, कारतूस आदि भेजे थे। इसके बाद रिंदा ने मोबाइल एप के जरिये तेलंगाना के आदिलाबाद की लोकेशन भेजी थी। ये चारों फिरोजपुर से विस्फोटक सामग्री, कारतूस, हथियार लेकर इसी लोकेशन पर पहुंचाने जा रहे थे, उससे पहले ही करनाल पुलिस ने इन्हें विस्फोटक सामग्री सहित दबोच लिया था। धरे गए चारों आरोपियों के साथ हरविंद्र रिंदा व राजबीर के खिलाफ मधुबन थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। ब्यूरो