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पिता की मौत के सदमे से नहीं उबरा था परिवार, बेटे की हत्या से टूटा दुखों का पहाड़

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 25 Mar 2022 02:09 AM IST
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The family was not overcome by the shock of the death of the father, the mountain of sorrow was broken by the murder of the son
जयभगवान सेन
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घरौंडा। गांव हरिसिंहपुरा में नाबालिग छात्र की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। पिता की एक साल पहले मौत हो चुकी है। परिजन अभी उस घटना को नहीं भुला पाए थे। गांव में भी सन्नाटा पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका कहना है कि पिता सुशील कुमार की मौत के बाद बेटे से ही उम्मीदें थीं जो पल भर में बिखर गई। उधर, प्रथम दृष्टया जांच में सामने आया है कि आरोपी छात्र कक्षा में दबदबा कायम रखना चाहता था जबकि जान गंवाने वाला छात्र पढ़ाई में बेहतर था और उसकी कक्षा में अलग पहचान थी जो कि आरोपी को नागवार गुजरती थी, इसी के चलते उसने वारदात को अंजाम दिया।
सुशील कुमार सात साल पहले उतर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के पास सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे। तभी से वह कोमा में चले गए। लगभग एक साल पहले उन्होंने दम तोड़ दिया। मां का सपना था कि उसका बेटा पढ़-लिखकर अच्छी नौकरी करेगा लेकिन समय को कुछ और ही मंजूर था। घटना के बाद मृतक के दादा जगबीर स्कूल के बाहर ग्रामीणों के साथ बैठे थे और बात करते हुए भावुक हो रहे थे। उन्होंने बताया कि जब उनके पास उसके दूसरे बेटे का फोन आया और उसने सूचना दी कि यह घटना हो गई है लेकिन उन्हें यकीन नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि पोते की हत्या से पूरे परिवार की उम्मीदें टूट गई हैं। परिवार में मृतक बड़ा और एक छोटा भाई है। संवाद
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योजनाबद्ध तरीके से दिया वारदात को अंजाम
पुलिस ने जब स्कूल में लगी सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो उसमें देखकर लग रहा कि आरोपी छात्र योजनाबद्ध तरीके से हत्याकांड को अंजाम देने के लिए स्कूल पहुंचा था। फुटेज के अनुसार आरोपी स्कूल में लगभग साढ़े आठ बजे पहुंच गया था और बार-बार बरामदे में घूमता नजर आ रहा है। इसी दौरान एक बार आरोपी व जिसकी हत्या की गई वह छात्र एक-दूसरे के पास से भी निकले। आरोपी कई बार अपने साथियों से मिला और कमरे के अंदर गया फिर बाहर आया। प्रायोगिक परीक्षा शुरू होने से कुछ देर पहले आरोपी कमरे से बाहर निकला। माना जा रहा है कि उसी दौरान वह बाहर से चाकू लेकर आया और कमरे में दाखिल हुआ। कुछ देर बाद ही आरोपी ने चाकू से हमला कर दिया। हत्या के लिए उसने वही कक्ष चुना जिसमें सीसीटीवी नहीं हैं। स्कूल के प्रिंसिपल अशोक कुमार ने बताया कि स्कूल में रूटीन की तरह छात्र आ रहे थे, लेकिन उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी कि इतनी बड़ी वारदात हो सकती है।
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पड़ोसी थे दोनों छात्र
यूं तो पुलिस की पूरी जांच के बाद ही छात्र की हत्या का वास्तविक कारण सामने आ सकेगा लेकिन पूछताछ व प्रथम दृष्टया जांच में सामने आया है कि आरोपी कक्षा में अपना दबदबा बनाए रखना चाहता था। सहपाठियों ने बताया कि उनमें कोई बड़ी रंजिश नहीं थी। दोनों एक गांव के ही नहीं बल्कि पड़ोसी भी थे। लेकिन आरोपी छात्र चाहता था कि कक्षा में सिर्फ उसकी ही चले। मृतक छात्र पढ़ाई में अच्छा था, इसलिए कक्षा में उसकी अलग पहचन थी जो कि आरोपी छात्र को नागवार गुजरती थी।

स्कूल प्रबंधन की भी चूक
भले ही स्कूल प्रबंधन दोनों छात्रों के बीच अहम के टकराव से खुद को अंजान बता रहा हो लेकिन यह बड़ी बात है कि छात्र चाकू लेकर स्कूल पहुंच गया। सीसीटीवी में वह वारदात से पहले कक्षा से बाहर गया था, जिससे माना जा रहा है कि वह इसी दौरान चाकू लेकर अंदर आया। यह भी अभी स्पष्ट नहीं है कि चाकू उसने कहीं स्कूल परिसर में ही छिपाकर रखा था या स्कूल के बाहर से लेकर आया।
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