नई साजिश: सेना उप प्रमुख की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का फर्जी लिंक मैसेज वायरल, सेना सतर्क
इस तरह के मैसेज सेना की एक विशेष विंग ने पकड़े हैं और इन्हें फर्जी करार देते हुए सैन्य अफसरों व अन्य लोगों से आग्रह किया है कि वे ऐसी गलत सूचना के प्रति न केवल सचेत रहें, बल्कि ऐसी सूचनाओं को सोशल मीडिया के किसी प्लेटफार्म पर आगे फॉरवर्ड न करें।
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कोेविड काल में कुछ देश विरोधी तत्व एक साजिश के तहत सेना की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था को बाधित करने में जुटे हैं। जिसके तहत महामारी के इस दौर में ये लोग आला सैन्य अफसरों के नाम पर फर्जी मैसेज वायरल कर रहे हैं। जिसे लेकर सेना और ज्यादा सतर्क हो गई है। इस तरह के मैसेज सेना की एक विशेष विंग ने पकड़े हैं और इन्हें फर्जी करार देते हुए सैन्य अफसरों व अन्य लोगों से आग्रह किया है कि वे ऐसी गलत सूचना के प्रति न केवल सचेत रहें, बल्कि ऐसी सूचनाओं को सोशल मीडिया के किसी प्लेटफार्म पर आगे फॉरवर्ड न करें।
सेना की एक विशेष विंग द्वारा पकड़े गए इस फर्जी मैसेज में कुछ तत्वों ने भारतीय सेना के वाइस चीफ ऑफ द आर्मी स्टाफ (वीसीओएएस) यानी सेना उप प्रमुख की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का एक निमंत्रण लिंक तैयार कर दिया गया। इस लिंक को सेना के जी-सैल की ओर से तैयार किया हुआ बताया गया और इस सैल के अफसर अनंग पाल सिंह की ओर से आगे फॉरवर्ड किया गया है। सूत्रों ने बताया कि मैसेज में लोगों को इस निमंत्रण लिंक से जुड़कर इस महत्वपूर्ण वीडियो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में भाग लेने का आग्रह किया गया है।
सूत्रों ने बताया कि यही मैसेज मीटिंग ज्वाइन करने के निमंत्रण लिंक के साथ कई आर्मी अफसरों के पास भी पहुंचा है। मगर सेना की एक विशेष विंग ने इस मैसेज को पकड़ा और इस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए इसकी जांच शुरू की। जांच में मालूम चला कि सेना उप प्रमुख की ओर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए ऐसा कोई लिंक जनरेट नहीं करवाया गया है और न ही सेना की जी-सैल के किसी अफसर ने निमंत्रण लिंक वाला यह मैसेज वीडियो कॉन्फ्रेंस ज्वाइनिंग के लिए आगे फॉरवर्ड किया है। इसके तुरंत बाद ही सेना ने इस मैसेज को फर्जी करार देते हुए तमाम सैन्य अफसरों व अन्य लोगों को अगाह किया है कि वे इस मैसेज से खुद को सुरक्षित रखें। फिलहाल सेना ने वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ के नाम पर इस फर्जी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के निमंत्रण लिंक मैसेज के पीछे देश विरोधी तत्वों का मकसद स्पष्ट नहीं किया है। मगर इस तरह की घटना को लेकर सेना पूरी तरह से सतर्क हो गई है।
पहली भी हो चुकी ऐसी साजिशें
देश विरोधी ताकतों द्वारा सैन्य अफसरों व जवानों को गुमराह कर सुरक्षा व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने की साजिशें पहले भी सामने आ चुकी हैं। ये तत्व इससे पहले देश के प्रथम सीडीएस बिपिन रावत के नाम और फोटो के साथ एक फर्जी लेटर भी वायरल कर चुके हैं। सेना ने सीडीएस के नाम पर वायरल इस लेटर का भी खंडन किया था। जबकि एक लैटर सैन्य जवानों को गुमराह करने के लिए भी वायरल हुआ था। इसे भी सेना की विशेष विंग ने पकड़ा था।