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Karnal News: दस्तावेज पूरे करने की छूट खत्म, अब खामी मिली तो चालान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 30 Apr 2024 05:35 AM IST
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The exemption for completing the documents is over, now if any deficiency is found then challan will be issued.
- आरटीए टीम रैंडम जांच करते हुए करेगी सख्त कार्रवाई, समय निकलने के बाद भी सोमवार को 34 स्कूल बसें पासिंग कराने पहुंचीं, छह की फाइल रुकी
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अमर उजाला अभियान



माई सिटी रिपोर्टर

करनाल। स्कूल संचालकों को अपनी बसों को दुरुस्त करने के लिए दी गई समय सीमा खत्म हो गई है। अब बसों की जांच के दौरान किसी भी तरह की खामी मिलने पर चालान होगा। आरटीए की टीम रैंडम जांच करते हुए सख्त कार्रवाई करेगी।

इधर, समय सीमा खत्म होने के बाद भी कई स्कूलों ने अपनी बसें दुरुस्त नहीं कराई हैं। इसका अंदाजा इस बात से लगता है कि सोमवार को सामान्य पासिंग के निर्धारित दिन में भी 34 स्कूल बसें पासिंग मैदान में पहुंचीं। जहां पर टीम ने बसों की जांच की। इस दौरान छह बसों की फाइलें रोकी गईं, ये बसें सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के मानक पूरे नहीं करती थी।
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इसके अलावा छह बसों की संचालकों ने एनओसी की मांग की है। इन बसों की निर्धारित 10 साल की समय सीमा पूरी हो चुकी है। परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिला स्तर पर आरटीए के अलावा उपमंडल स्तर पर एसडीएम की कमेटियां भी जांच करेंगी। कुछ स्कूलों को नोटिस भी दिए हुए हैं।
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विदित हो कि निजी स्कूल संचालकों की मांग पर सरकार ने स्कूल संचालकों को अपने वाहनों को दुरुस्त कराने के लिए 28 अप्रैल तक का समय दिया गया था। जोकि पूरा हो चुका है। अब जांच करते हुए सख्त कार्रवाई की जा सकती है। करनाल में सोमवार को पासिंग का दिन निर्धारित है। 29 अप्रैल को सोमवार होने के कारण स्कूलों को वाहनों को दुरुस्त करा फिटनेस प्रमाणपत्र लेने के लिए एक दिन का और समय मिल गया।



चार-चार साल बाद जागे स्कूल

महेंद्रगढ़ में स्कूल बस हादसे के बाद जब परिवहन विभाग की ओर से जांच का दौर शुरू किया गया तो ही निजी स्कूल संचालकों की मनमर्जी का खुलासा हुआ। इस दौरान कई ऐसी बसें भी पकड़ीं गई जिनकी चार-चार साल से पासिंग नहीं हुई। यानी ये बसें बिना फिटनेस प्रमाणपत्र के ही बच्चों को सफर करा रही थी। बड़ी बात यह भी है कि पासिंग मैदान में भी 295 बसें फिटनेस प्रमाणपत्र के लिए पहुंचीं इनमें से भी 44 बसों में खामी होने के कारण इन्हें फेल करना पड़ा।






अब तक 295 बसें फिटनेस
प्रमाणपत्र बनवा चुकीं

दिन
बसें
फेल

29 अप्रैल
34
06

28 अप्रैल
07
00

27 अप्रैल
16
01

26 अप्रैल
88
15

22 अप्रैल
18
04

21 अप्रैल
09
02

20 अप्रैल
14
03

19 अप्रैल
20
04

17 अप्रैल
10
03

15 अप्रैल
79
06

कुल
295
44

(यह आंकड़े सेक्टर-32 पासिंग मैदान में हुई जांच के अनुसार हैं)





बच्चों की सुरक्षा के लिए हम सतर्क : डीटीओ

अब किसी भी स्कूल बस में खामी होने पर बख्शा नहीं जाएगा। हमारी जांच और पासिंग के दौरान लगभग हर स्कूल बस की जांच हो चुकी है। यदि किसी स्कूल ने किसी बस को छुपाया है तो रैंडम जांच के दौरान वह भी पकड़ में आ जाएगी। जिला और उपमंडल स्तर पर जांच की जाएगी। हमारी जांच टीम सतर्क है।
- विजय देसवाल, डीटीओ
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