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Karnal News: बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों की सुधरेगी स्थिति
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- सर्दी के कारण नहीं हो सका पांच माह तक काम, 43 सड़कों की होगी मरम्मत और नवनिर्माण
- शहर को जोड़ने वाले कई मुख्य मार्गों की थी हालत खराब, दो से 10 किलोमीटर तक की सड़कें होंगी सुदृढ़
गगन तलवार
करनाल। बाढ़ के कारण जर्जर हुईं सड़कों की अब सात माह में स्थिति सुधरेगी। इन सड़कों की विशेष मरम्मत कराने के साथ-साथ जरूरत के अनुसार नवनिर्माण भी किया जाएगा। ताकि लोगों को सफर के दौरान परेशानी न हो। जिले की 43 सड़कों के निर्माण को लेकर जिला प्रशासन की ओर से योजना बना ली गई है।
जिला परिषद की ओर से इन सड़कों का निर्माण किया जाएगा। निर्माण को लेकर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, करीब आठ करोड़ रुपये की लागत आएगी। जिला परिषद की ओर से असंध, इंद्री, नीलोखेड़ी और घरौंडा खंड की जिन सड़कों के सुधार के लिए चुना गया है, उनमें से कई मुख्य मार्ग ऐसे हैं, जो गांवों को करनाल शहर से जोड़ते हैं। इनमें दो से 10 किलोमीटर तक की लंबी सड़कों को शामिल किया गया है। 43 सड़कों में से सर्वाधिक 20 सड़कें इंद्री खंड की हैं, जबकि नीलोखेड़ी की नौ, असंध की आठ और घरौंडा क्षेत्र की छह सड़कें हैं।
वर्ष 2023 के जुलाई-अगस्त में यमुना के साथ लगते गांवों में बाढ़ आई थी। इससे लोगों के मकान तक डूब गए थे। कई दिनों तक पानी जमा रहने से सड़कें भी पूरी तरह से उखड़ गई थी। हालांकि कुछ दिनों बाद प्रशासन ने सड़कों की हल्की मरम्मत कराकर इन्हें चलने लायक बनाया था। लेकिन अब सर्दी जाने के बाद इनकी विशेष मरम्मत और नवनिर्माण को लेकर योजना बनाई है।
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ज्यादातर सड़कें 15 वर्ष पुरानी
बाढ़ के दौरान जो 43 सड़कें खराब हुई थी, इनमें से ज्यादातर का निर्माण वर्ष 2010 से पहले हुआ था। हालांकि समय के अनुसार, इनकी मरम्मत जरूर कराई गई थी। लेकिन अब इन सड़कों पर विशेष मरम्मत के तहत नई लेयर बिछाई जाएगी। साथ ही जो सड़कें ज्यादा उखड़ी हैं, उनको नए सिरे से बनाया जाएगा। ताकि आगामी कई वर्षों तक लोगों को सड़क उखड़ने के कारण परेशानी न उठानी पड़े।
इस खंड की हैं ये सड़कें
- इंद्री : गढ़ीबीरबल रोड से इंद्री रोड वाया करतारपुर, लबकरी से ऊमरपुर रोड, रंदौली से डबकौली कलां, इस्लामनगर से तूसंग, डबकौली, जबतीछपरा से नाबियाबाद, कलसौरा से डेरा सिकलीघर, कुंजपुरा बस अड्डे से सब्जी मंडी, महमदपुर रोड, शाहपुर से मनोहरपुर, कलसौरा से नाबियाबाद, सलारपुर से लंडौरा, करनाल गढ़ीबीरबल रोड से कलसौरा जबतीछपरा रोड, गढ़ीबीरबल से नंदी, चांदसामांद से नगला रोड़ान, सैयद छपरा से डेरा हलवाना सिकलीघर, कलसौरा से जबतीछपरा, दरड़ से संगोहा, बड़ागांव से माखूमाजरा, डबकौली से बयाना।
- असंध : बांसा से पिचौलिया, बाहरी से मूंड, शेखपुरा से कुलरन, असंध से जबाला, डाचर जलमाना रोड से डेरा फतेहगढ़, थल से बाहरी, जयसिंहपुरा करनाल रोड से सालवन, चौचड़ा से चोरखालसा।
- घरौंडा : रायपुर जाटान से बादशाहपुर, बेगमपुर से ददलाना, मूंडीगढ़ी से बलहारा, अराईंपुरा से बस्सी अकबरपुर, सुहाना से सेक्टर-6, मोहिदीनपुर से रसूलपुर कलां।
- नीलोखेड़ी
: संधीर से खेड़ीमानसिंह, बड़थल से कमालपुर, बड़थल से आबलीजागीर, बरास से सिंगड़ा भौजपुरा रोड, गुल्लरपुर से मंचूरी, शामगढ़ से तरावड़ी, नड़ाना से कुड़क, रमाना से सांभी, डाचर से बधनारा।
बाढ़ प्रभावित सड़कों की विशेष मरम्मत और नवनिर्माण किया जाएगा। इसे लेकर टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अलग-अलग क्षेत्र से जुड़ी यह 43 सड़कें हैं। दो माह में निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। मार्केटिंग बोर्ड से संबंधित 175 सड़कों का निर्माण कार्य पहले से ही शुरू हो चुका है। सर्दी खत्म होने के बाद अब इन सड़कों को भी सुधारने का काम शुरू हुआ है।
- प्रवेश सोहन सिंह राणा, अध्यक्ष, जिला परिषद
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- शहर को जोड़ने वाले कई मुख्य मार्गों की थी हालत खराब, दो से 10 किलोमीटर तक की सड़कें होंगी सुदृढ़
गगन तलवार
करनाल। बाढ़ के कारण जर्जर हुईं सड़कों की अब सात माह में स्थिति सुधरेगी। इन सड़कों की विशेष मरम्मत कराने के साथ-साथ जरूरत के अनुसार नवनिर्माण भी किया जाएगा। ताकि लोगों को सफर के दौरान परेशानी न हो। जिले की 43 सड़कों के निर्माण को लेकर जिला प्रशासन की ओर से योजना बना ली गई है।
जिला परिषद की ओर से इन सड़कों का निर्माण किया जाएगा। निर्माण को लेकर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, करीब आठ करोड़ रुपये की लागत आएगी। जिला परिषद की ओर से असंध, इंद्री, नीलोखेड़ी और घरौंडा खंड की जिन सड़कों के सुधार के लिए चुना गया है, उनमें से कई मुख्य मार्ग ऐसे हैं, जो गांवों को करनाल शहर से जोड़ते हैं। इनमें दो से 10 किलोमीटर तक की लंबी सड़कों को शामिल किया गया है। 43 सड़कों में से सर्वाधिक 20 सड़कें इंद्री खंड की हैं, जबकि नीलोखेड़ी की नौ, असंध की आठ और घरौंडा क्षेत्र की छह सड़कें हैं।
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वर्ष 2023 के जुलाई-अगस्त में यमुना के साथ लगते गांवों में बाढ़ आई थी। इससे लोगों के मकान तक डूब गए थे। कई दिनों तक पानी जमा रहने से सड़कें भी पूरी तरह से उखड़ गई थी। हालांकि कुछ दिनों बाद प्रशासन ने सड़कों की हल्की मरम्मत कराकर इन्हें चलने लायक बनाया था। लेकिन अब सर्दी जाने के बाद इनकी विशेष मरम्मत और नवनिर्माण को लेकर योजना बनाई है।
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ज्यादातर सड़कें 15 वर्ष पुरानी
बाढ़ के दौरान जो 43 सड़कें खराब हुई थी, इनमें से ज्यादातर का निर्माण वर्ष 2010 से पहले हुआ था। हालांकि समय के अनुसार, इनकी मरम्मत जरूर कराई गई थी। लेकिन अब इन सड़कों पर विशेष मरम्मत के तहत नई लेयर बिछाई जाएगी। साथ ही जो सड़कें ज्यादा उखड़ी हैं, उनको नए सिरे से बनाया जाएगा। ताकि आगामी कई वर्षों तक लोगों को सड़क उखड़ने के कारण परेशानी न उठानी पड़े।
इस खंड की हैं ये सड़कें
- इंद्री : गढ़ीबीरबल रोड से इंद्री रोड वाया करतारपुर, लबकरी से ऊमरपुर रोड, रंदौली से डबकौली कलां, इस्लामनगर से तूसंग, डबकौली, जबतीछपरा से नाबियाबाद, कलसौरा से डेरा सिकलीघर, कुंजपुरा बस अड्डे से सब्जी मंडी, महमदपुर रोड, शाहपुर से मनोहरपुर, कलसौरा से नाबियाबाद, सलारपुर से लंडौरा, करनाल गढ़ीबीरबल रोड से कलसौरा जबतीछपरा रोड, गढ़ीबीरबल से नंदी, चांदसामांद से नगला रोड़ान, सैयद छपरा से डेरा हलवाना सिकलीघर, कलसौरा से जबतीछपरा, दरड़ से संगोहा, बड़ागांव से माखूमाजरा, डबकौली से बयाना।
- असंध : बांसा से पिचौलिया, बाहरी से मूंड, शेखपुरा से कुलरन, असंध से जबाला, डाचर जलमाना रोड से डेरा फतेहगढ़, थल से बाहरी, जयसिंहपुरा करनाल रोड से सालवन, चौचड़ा से चोरखालसा।
- घरौंडा : रायपुर जाटान से बादशाहपुर, बेगमपुर से ददलाना, मूंडीगढ़ी से बलहारा, अराईंपुरा से बस्सी अकबरपुर, सुहाना से सेक्टर-6, मोहिदीनपुर से रसूलपुर कलां।
- नीलोखेड़ी
: संधीर से खेड़ीमानसिंह, बड़थल से कमालपुर, बड़थल से आबलीजागीर, बरास से सिंगड़ा भौजपुरा रोड, गुल्लरपुर से मंचूरी, शामगढ़ से तरावड़ी, नड़ाना से कुड़क, रमाना से सांभी, डाचर से बधनारा।
बाढ़ प्रभावित सड़कों की विशेष मरम्मत और नवनिर्माण किया जाएगा। इसे लेकर टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अलग-अलग क्षेत्र से जुड़ी यह 43 सड़कें हैं। दो माह में निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। मार्केटिंग बोर्ड से संबंधित 175 सड़कों का निर्माण कार्य पहले से ही शुरू हो चुका है। सर्दी खत्म होने के बाद अब इन सड़कों को भी सुधारने का काम शुरू हुआ है।
- प्रवेश सोहन सिंह राणा, अध्यक्ष, जिला परिषद