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सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट चलाने वाली कंपनी पर आयुक्त हुए सख्त

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 28 Nov 2021 02:30 AM IST
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The commissioner became strict on the company running the solid waste management plant
स्वच्छ सर्वेक्षण-2021 की रैंकिंग में इस बार करनाल के पिछड़ने के बाद नगर निगम प्रशासन जागा है। अब कचरा निस्तारण समय पर हो, इसके लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का संचालन करने वाली कंपनी पर नगर निगम आयुक्त डॉ. मनोज कुमार सख्त हुए हैं।
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शनिवार को उन्होंने प्लांट का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कंपनी के अधिकारियों से सख्त लहजे में कहा कि प्रतिदिन निस्तारण होने वाले कूड़े को लेकर एक चार्ट बनाया जाए और उसकी रोजाना या साप्ताहिक रिपोर्ट उन्हें दें।
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उन्होंने कहा कि प्लांट में कूड़े-कचरे के ढेर दिखाई नहीं देने चाहिए, कचरे का निस्तारण कर साइट को जल्दी खाली करें। प्लांट में रोजाना आने वाले कचरे को एक जगह ढालें, बीच में न डालें। यदि कोई वाहन बीच में डालता पाया गया, तो उसकी सेवाएं निलंबित कर दी जाएंगी और कचरे को प्लांट में लाने का कार्य दूसरी एजेंसी को दे दिया जाएगा। बता दें कि इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण-2021 में करनाल नगर निगम टॉप-20 से खिसककर टॉप-90 में आ गया है।
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निगम आयुक्त ने बताया कि 8 घंटे में एक ट्रोमल मशीन करीब 350 मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण करती है। एक और ट्रोमल मशीन लगाई जाएगी, जो अगले एक-दो दिन में काम शुरू कर देगी। इससे कचरे की निस्तारण क्षमता दोगुनी हो जाएगी। ब्यूरो
आयुक्त ने जांचा प्रत्येक सेक्शन, 677 एमटी कंपोस्ट की होगी बिक्री
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने प्लांट का प्रत्येक सेक्शन जांचा। तैयार कंपोस्ट को देखकर उन्होंने कहा कि इसकी गुणवत्ता जांचने के लिए जो सैंपल रूड़की स्थित आईआईटी में भेजे गए हैं, उनकी रिपोर्ट लेकर इसकी ब्रिकी कर दें। प्लांट पर कंपोस्ट के ढेर भी दिखाई नहीं देने चाहिए। प्लांट पर 677 मीट्रिक टन कंपोस्ट तैयार की जा चुकी है। कचरे से लेकर कंपोस्ट, आरडीएफ और इन्अर्ट सभी का रख-रखाव व निस्तारण समय पर और उचित तरीके से हो। इसकी नियमित रिपोर्ट उन्हें दी जाए।

सोनीपत के एनर्जी प्लांट में भेजेंगे आरडीएफ
निगम आयुक्त ने कहा कि प्लांट प्रबंधन के नियमों के अनुसार ही काम कर रहा है। निस्तारण के काम में पहले से तेजी आई है। पिछले दिनों बरसात होने के कारण कचरा गीला हो गया था, जिसके कारण इसके निस्तारण में कुछ देरी हुई। निस्तारण की प्रक्रिया में 555 मीट्रिक टन इन्अर्ट निकली है। प्रक्रिया में से सूखी लकड़ी के टुकड़े व बेकार कपड़े के पीस जैसी चीजें 1050 मीट्रिक टन आरडीएफ के रूप में निकली हैं। इसे सोनीपत स्थित वेस्ट टू एनर्जी प्लांट में भेजने की तैयारियां चल रही है।
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