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Karnal News: फूलों का शहर बना न ही मंडी, विक्रेता खफा
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करनाल। तत्कालीन निगमायुक्त के तबादले के साथ ही करनाल को फूलों का शहर बनाने का सपना भी टूट गया। पिछले तीन साल पहले शहर में फूलों की मंडी बनाने की घोषणा भी सिरे नहीं चढ़ सकी।
मंगलवार को मानव सेवा संघ में द फ्लावर वेंडर्स वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक में कड़ी नाराजगी जाहिर की गई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि फूलों की मंडी नहीं बनी तो आगामी चुनावों में भाजपा की बजाय कांग्रेस को समर्थन करेंगे। बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेशाध्यक्ष जयभगवान कश्यप ने कहा कि सरकार ने तीन साल पहले करनाल में फ्लावर मंडी बनाने की घोषणा की थी। इस पर अभी तक अमल नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि करनाल में लगभग पांच सौ फ्लावर वेंडर्स (फूल विक्रेता) हैं लेकिन उनके लिए शहर में कोई जगह नहीं है। करनाल में फ्लावर मंडी की लंबे समय से मांग की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो वह भाजपा का विरोध करने के साथ कांग्रेस को अपना समर्थन देंगे। फूल विक्रेता शुरू से भाजपा के साथ जुड़े हैं। उन्होंने चुनावों में भाजपा का साथ दिया लेकिन भाजपा सरकार उनकी रोजी रोटी उजाड़ने पर लगी हैं।
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मंगलवार को मानव सेवा संघ में द फ्लावर वेंडर्स वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक में कड़ी नाराजगी जाहिर की गई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि फूलों की मंडी नहीं बनी तो आगामी चुनावों में भाजपा की बजाय कांग्रेस को समर्थन करेंगे। बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेशाध्यक्ष जयभगवान कश्यप ने कहा कि सरकार ने तीन साल पहले करनाल में फ्लावर मंडी बनाने की घोषणा की थी। इस पर अभी तक अमल नहीं हुआ है।
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उन्होंने कहा कि करनाल में लगभग पांच सौ फ्लावर वेंडर्स (फूल विक्रेता) हैं लेकिन उनके लिए शहर में कोई जगह नहीं है। करनाल में फ्लावर मंडी की लंबे समय से मांग की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो वह भाजपा का विरोध करने के साथ कांग्रेस को अपना समर्थन देंगे। फूल विक्रेता शुरू से भाजपा के साथ जुड़े हैं। उन्होंने चुनावों में भाजपा का साथ दिया लेकिन भाजपा सरकार उनकी रोजी रोटी उजाड़ने पर लगी हैं।
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