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पारा @ 2.3 डिग्री : सर्दी ने तोड़ा 13 साल का रिकॉर्ड, खेतों में जमा पाला
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सर्दी का सितम बढ़ता जा रहा है। करनाल की रात शिमला से भी ज्यादा ठंडी होने लगी हैं। शनिवार को न्यूनतम तापमान 2.3 डिग्री तो शिमला में 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यहां 2.3 डिग्री न्यूनतम पारा पहुंचने पर सर्दी का पिछले 13 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। खेतों में भी पाला जमने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले एक सप्ताह करनाल की रातें शिमला से ज्यादा ठंडी रहने का अनुमान है। आज पारा 2 डिग्री तक जाने का अंदेेशा है। पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी इलाकों में नमी में गिरावट से मौसम में ठिठुरन बढ़ गई है।
केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के मौसम पर्यवेक्षक कर्म सिंह के अनुसार, शनिवार को अधिकतम तापमान 17.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 2.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आद्रता सुबह 100 प्रतिशत और दोपहर 61 प्रतिशत दर्ज की गई है। जबकि हवा की रफ्तार 6.5 किलोमीटर प्रति घंटा रही। दिन में लोग धूप सेंकते नजर आते हैं। शहर के लघु सचिवालय के लॉन और सेक्टर-12 पार्क में भी यहां के कार्यालयों के लोग दोपहर में खिली धूप का आनंद लेते दिखे। वहीं शाम होते ही बाजारों में सन्नाटा पसरना शुरू हो जाता है। लोग अलाव जलाकर हाथ सेंकते नजर आए।
अगले एक सप्ताह शिमला से ज्यादा ठंड की संभावना
तिथि - न्यूनतम तापमान करनाल - शिमला
20 दिसंबर - 2.0 - 5.0
21 दिसंबर - 3.0 - 4.0
22 दिसंबर - 3.0 - 3.0
23 दिसंबर - 2.0 - 2.0
24 दिसंबर - 2.0 - 2.0
25 दिसंबर - 2.0 - 2.0
19 दिसंबर का तापमान-
वर्ष - न्यूनतम - अधिकतम
2020 - 2.3 - 17.1
2019 - 4.6 - 11.4
2018 - 5.0 - 20.0
2017 - 6.5 - 24.4
2016 - 5.8 - 21.8
2015 - 5.0 - 20.0
2014 - 6.6 - 13.2
2013 - 11.0 - 14.6
2012 - 9.0 - 22.6
2011 - 4.0 - 18.0
2007 - 2.2 - 19.5
पाला जमने की प्रक्रिया-
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, जब तापमान हिमांक पर या इससे नीचे चला जाता है तब वायु में उपस्थित जल वाष्प बिना द्रव रूप में परिवर्तित हुए सीधे ही सूक्ष्म हिम कणों में परिवर्तित हो जाते हैं और पाला जम जाता है। दिन में हवा चलने, शाम को हवा बंद रहने से पाला जमने की संभावना रहती है।
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ये बरतें सावधानियां
-ऊनी वस्त्र जैसे स्वेटर, कोट, टोपी व मफलर पहन कर ही बाहर निकलें।
-जहां तक संभव हो दो पहिया वाहनों का प्रयोग न करें।
-गर्म पानी का सेवन करें।
-बुजुर्गों व बीमार व्यक्ति को अंदर कमरे में ही रखें।
-गर्म चीज जैसे सूप आदि का सेवन करते रहें।
गेहूं के लिए वरदान-सब्जियों के लिए नुकसान
इन दिनों पड़ने वाला पाला गेहूं की फसल के लिए वरदान साबित होगा। जबकि सब्जियों की फसल को इससे भारी नुकसान होगा। टमाटर, मटर और सरसों पर एक रात का पाला पड़ने से भी फसल खराब हो जाएगी। इसे कवर करके पाला से बचाया जा सकता है। नर्सरी के पौधों एवं सब्जी की फसलों को टाट, पॉलिथीन अथवा पराली से ढक देना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार, न्यूनतम तापमान में गिरावट को देखते हुए सब्जियों में शाम के समय हल्की सिंचाई करें, यह फसलों को संभावित पाले से बचाने में सहायक है।
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केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के मौसम पर्यवेक्षक कर्म सिंह के अनुसार, शनिवार को अधिकतम तापमान 17.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 2.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आद्रता सुबह 100 प्रतिशत और दोपहर 61 प्रतिशत दर्ज की गई है। जबकि हवा की रफ्तार 6.5 किलोमीटर प्रति घंटा रही। दिन में लोग धूप सेंकते नजर आते हैं। शहर के लघु सचिवालय के लॉन और सेक्टर-12 पार्क में भी यहां के कार्यालयों के लोग दोपहर में खिली धूप का आनंद लेते दिखे। वहीं शाम होते ही बाजारों में सन्नाटा पसरना शुरू हो जाता है। लोग अलाव जलाकर हाथ सेंकते नजर आए।
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अगले एक सप्ताह शिमला से ज्यादा ठंड की संभावना
तिथि - न्यूनतम तापमान करनाल - शिमला
20 दिसंबर - 2.0 - 5.0
21 दिसंबर - 3.0 - 4.0
22 दिसंबर - 3.0 - 3.0
23 दिसंबर - 2.0 - 2.0
24 दिसंबर - 2.0 - 2.0
25 दिसंबर - 2.0 - 2.0
19 दिसंबर का तापमान-
वर्ष - न्यूनतम - अधिकतम
2020 - 2.3 - 17.1
2019 - 4.6 - 11.4
2018 - 5.0 - 20.0
2017 - 6.5 - 24.4
2016 - 5.8 - 21.8
2015 - 5.0 - 20.0
2014 - 6.6 - 13.2
2013 - 11.0 - 14.6
2012 - 9.0 - 22.6
2011 - 4.0 - 18.0
2007 - 2.2 - 19.5
पाला जमने की प्रक्रिया-
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, जब तापमान हिमांक पर या इससे नीचे चला जाता है तब वायु में उपस्थित जल वाष्प बिना द्रव रूप में परिवर्तित हुए सीधे ही सूक्ष्म हिम कणों में परिवर्तित हो जाते हैं और पाला जम जाता है। दिन में हवा चलने, शाम को हवा बंद रहने से पाला जमने की संभावना रहती है।
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ये बरतें सावधानियां
-ऊनी वस्त्र जैसे स्वेटर, कोट, टोपी व मफलर पहन कर ही बाहर निकलें।
-जहां तक संभव हो दो पहिया वाहनों का प्रयोग न करें।
-गर्म पानी का सेवन करें।
-बुजुर्गों व बीमार व्यक्ति को अंदर कमरे में ही रखें।
-गर्म चीज जैसे सूप आदि का सेवन करते रहें।
गेहूं के लिए वरदान-सब्जियों के लिए नुकसान
इन दिनों पड़ने वाला पाला गेहूं की फसल के लिए वरदान साबित होगा। जबकि सब्जियों की फसल को इससे भारी नुकसान होगा। टमाटर, मटर और सरसों पर एक रात का पाला पड़ने से भी फसल खराब हो जाएगी। इसे कवर करके पाला से बचाया जा सकता है। नर्सरी के पौधों एवं सब्जी की फसलों को टाट, पॉलिथीन अथवा पराली से ढक देना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार, न्यूनतम तापमान में गिरावट को देखते हुए सब्जियों में शाम के समय हल्की सिंचाई करें, यह फसलों को संभावित पाले से बचाने में सहायक है।