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02. हड़ताल के लिए गठित की टीमें, आंदोलनों को दिया समर्थन
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करनाल। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ की मासिक बैठक कर्ण गेट स्थित कार्यालय में हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रधान रमेश शर्मा चोचड़ा ने और संचालन सचिव शमशेर सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि 28 और 29 मार्च को होने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल को सफल बनाने के लिए सर्व कर्मचारी संघ के साथ टीमों का गठन किया गया है। वहीं संघ ने आंगनबाड़ी हेल्पर्स और वर्कर्स के आंदोलन को भी समर्थन देने का ऐलान किया है। वहीं सरकार द्वारा हटाए गए 1983 शारीरिक शिक्षक और 816 ड्राइंग अध्यापकों की सेवा को दोबारा से बहाल करने की मांग की गई।
राज्य कार्यकारिणी सदस्य अनिल सैनी और कोषाध्यक्ष सुल्तान राम ने कहा कि सरकार को कंप्यूटर टीचर, लैब अटेंडेंट, वोकेशनल टीचर और अतिथि अध्यापकों को समान काम समान वेतन मिलना चाहिए। पुरानी पेंशन नीति को बहाल किया जाए और नई शिक्षा नीति को रद्द करके खाली पड़े अध्यापकों के पदों को अति शीघ्र भरा जाए। बैठक में संघ को और मजबूती देने के लिए श्याम लाल शास्त्री और कुलबीर ने अपने विचार व्यक्त किए। जिला प्रधान रमेश शर्मा चोचड़ा व अनिल सैनी ने कहा कि विभाग और सरकार अध्यापकों से गैर शैक्षणिक कार्य करवाने पर दबाव बना रहा है जिसे संघ कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। क्योंकि अध्यापक का कार्य बच्चों को पढ़ाने का होता है यदि सरकार दबाव में ऐसा कोई फरमान जारी करती है तो अध्यापक संघ इसका विरोध करेगा और संघर्ष करने के लिए मजबूर होगा।
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राज्य कार्यकारिणी सदस्य अनिल सैनी और कोषाध्यक्ष सुल्तान राम ने कहा कि सरकार को कंप्यूटर टीचर, लैब अटेंडेंट, वोकेशनल टीचर और अतिथि अध्यापकों को समान काम समान वेतन मिलना चाहिए। पुरानी पेंशन नीति को बहाल किया जाए और नई शिक्षा नीति को रद्द करके खाली पड़े अध्यापकों के पदों को अति शीघ्र भरा जाए। बैठक में संघ को और मजबूती देने के लिए श्याम लाल शास्त्री और कुलबीर ने अपने विचार व्यक्त किए। जिला प्रधान रमेश शर्मा चोचड़ा व अनिल सैनी ने कहा कि विभाग और सरकार अध्यापकों से गैर शैक्षणिक कार्य करवाने पर दबाव बना रहा है जिसे संघ कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। क्योंकि अध्यापक का कार्य बच्चों को पढ़ाने का होता है यदि सरकार दबाव में ऐसा कोई फरमान जारी करती है तो अध्यापक संघ इसका विरोध करेगा और संघर्ष करने के लिए मजबूर होगा।
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