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Karnal News: दिवाली पर साझा बाजार में सजेगा स्वदेशी सामान
Sun, 12 Oct 2025 01:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sun, 12 Oct 2025 01:47 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। स्वयं सहायता समूह की महिलाएं इस बार दीपावली त्योहार पर उत्पाद तैयार कर साझा बाजार में लगाएंगी। इनमें ग्रामीण महिलाओं ने स्वदेशी लड़ियां, मिट्टी की दीए, मोमबत्तियां, झूमर, ऊनी कपड़े और कई तरह की उपयोगी वस्तुएं बनाई हैं। त्योहारों का सीजन आते ही हर घर में राैनक और बाजार में चहल-पहल बढ़ जाती है। यही अवसर स्वयं सहायता समूह से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं के लिए भी खास होता है, जो छोटे-छोटे घरेलू कामों व हुनर के जरिये आत्मनिर्भर बनने की ओर कदम बढ़ा रही हैं।
त्योहारों का सीजन शुरू होते ही साझा बाजार में अब नियमित रूप से दुकानें लगा करेंगी, जिनमें हर सप्ताह अलग-अलग गांव की महिलाएं अपना सामान दुकानों पर सजाएंगी। महिलाओं ने कहा कि साझा बाजार एक अच्छा मंच है, जहां ग्रामीण महिलाएं एक निश्चित स्थान पर अपने उत्पाद बेच सकेंगी। बाजार में ग्रामीण महिलाओं ने अभी से मिट्टी के बर्तन, हाथों से बुनी स्वेटर, पूजा सामग्री, जूट के बैग और साज-सज्जा का सामान लगाना शुरू कर दिया, जिसे ग्राहक बेहद पसंद भी कर रहे हैं।
पूजा सामग्री का सामान करेंगी तैयार
फोटो-152
नीलोखेड़ी की मुकेश ने बताया कि वह साझा बाजार में पूजा सामग्री और आयुर्वेदिक तेल सहित कई घरेलू उत्पाद दुकान पर लगा रही हैं। हर माह एक सप्ताह शहर में दुकान लगाने का माैका मिलता है, जिसमें वह घर पर सामान को प्राकृतिक तरीके से बनाती हैं। उन्होंने कहा कि त्योहार पर वह स्वयं निर्मित उत्पादों का विक्रय करेंगी। इनमें धूप बत्ती, थालपोस और मिट्टी के बर्तन शामिल रहेंगे।
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बाजार में लगाएंगी साज-सज्जा का सामान
फोटो-153
गांव मीरगैन की राजकुमारी ने बताया कि पहले घर पर सामान तो बना लेते थे लेकिन बेचने के लिए सुनिश्चित स्थान नहीं था। लेकिन त्योहार सीजन में निर्देश मिले हैं कि दीपावली तक साझा बाजार मेें दुकानें नियमित रूप से लगाई जानी है तो वह इस बार स्वयं निर्मित साज-सज्जा का सामान लेकर आई हैं। मिट्टी के दीए, रंगीन तोरण, सजावटी ऊन के बने फूल उनकी दुकान पर अभी से बिकने शुरू हो चुके हैं।
- स्वदेशी सामानों को खरीदने के लिए करेंगी प्रेरित
असंध की बबीता ने बताया कि वह पिछले पांच साल से समूह से जुड़ कर स्वयं का रोजगार कर रही हैं। साझा बाजार को नियमित रूप से संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिनमें त्योहार के सीजन तक रोजाना महिलाएं अपनी दुकान लगा सकेंगी। उन्होंने बताया कि वह इस त्योहारी सीजन में साज-सज्जा का सामान स्वयं घर बनाकर दुकान पर लगाएंगी, ताकि लोग मजबूत व स्वदेशी सामान को खरीद सके।
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करनाल। स्वयं सहायता समूह की महिलाएं इस बार दीपावली त्योहार पर उत्पाद तैयार कर साझा बाजार में लगाएंगी। इनमें ग्रामीण महिलाओं ने स्वदेशी लड़ियां, मिट्टी की दीए, मोमबत्तियां, झूमर, ऊनी कपड़े और कई तरह की उपयोगी वस्तुएं बनाई हैं। त्योहारों का सीजन आते ही हर घर में राैनक और बाजार में चहल-पहल बढ़ जाती है। यही अवसर स्वयं सहायता समूह से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं के लिए भी खास होता है, जो छोटे-छोटे घरेलू कामों व हुनर के जरिये आत्मनिर्भर बनने की ओर कदम बढ़ा रही हैं।
त्योहारों का सीजन शुरू होते ही साझा बाजार में अब नियमित रूप से दुकानें लगा करेंगी, जिनमें हर सप्ताह अलग-अलग गांव की महिलाएं अपना सामान दुकानों पर सजाएंगी। महिलाओं ने कहा कि साझा बाजार एक अच्छा मंच है, जहां ग्रामीण महिलाएं एक निश्चित स्थान पर अपने उत्पाद बेच सकेंगी। बाजार में ग्रामीण महिलाओं ने अभी से मिट्टी के बर्तन, हाथों से बुनी स्वेटर, पूजा सामग्री, जूट के बैग और साज-सज्जा का सामान लगाना शुरू कर दिया, जिसे ग्राहक बेहद पसंद भी कर रहे हैं।
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पूजा सामग्री का सामान करेंगी तैयार
फोटो-152
नीलोखेड़ी की मुकेश ने बताया कि वह साझा बाजार में पूजा सामग्री और आयुर्वेदिक तेल सहित कई घरेलू उत्पाद दुकान पर लगा रही हैं। हर माह एक सप्ताह शहर में दुकान लगाने का माैका मिलता है, जिसमें वह घर पर सामान को प्राकृतिक तरीके से बनाती हैं। उन्होंने कहा कि त्योहार पर वह स्वयं निर्मित उत्पादों का विक्रय करेंगी। इनमें धूप बत्ती, थालपोस और मिट्टी के बर्तन शामिल रहेंगे।
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बाजार में लगाएंगी साज-सज्जा का सामान
फोटो-153
गांव मीरगैन की राजकुमारी ने बताया कि पहले घर पर सामान तो बना लेते थे लेकिन बेचने के लिए सुनिश्चित स्थान नहीं था। लेकिन त्योहार सीजन में निर्देश मिले हैं कि दीपावली तक साझा बाजार मेें दुकानें नियमित रूप से लगाई जानी है तो वह इस बार स्वयं निर्मित साज-सज्जा का सामान लेकर आई हैं। मिट्टी के दीए, रंगीन तोरण, सजावटी ऊन के बने फूल उनकी दुकान पर अभी से बिकने शुरू हो चुके हैं।
- स्वदेशी सामानों को खरीदने के लिए करेंगी प्रेरित
असंध की बबीता ने बताया कि वह पिछले पांच साल से समूह से जुड़ कर स्वयं का रोजगार कर रही हैं। साझा बाजार को नियमित रूप से संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिनमें त्योहार के सीजन तक रोजाना महिलाएं अपनी दुकान लगा सकेंगी। उन्होंने बताया कि वह इस त्योहारी सीजन में साज-सज्जा का सामान स्वयं घर बनाकर दुकान पर लगाएंगी, ताकि लोग मजबूत व स्वदेशी सामान को खरीद सके।