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स्वदेशी सजावट के सामान की धूम, बाजार को मिलेगा बूम
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206: बाजार में खुब बिक रहे झालरें। अमर उजाला
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। कोरोना काल के बाद बाजार दीपावली को लेकर गृह सज्जा के सामान से गुलजार हो गया है। चमचमाती लड़ियों व नए-नए बिजली उपकरणों की खूब बिक्री हो रही है। इससे व्यापारियों में उत्साह है। बड़ी बात यह है कि इस बार यह व्यापार पूर्ण रूप से चाइना के सामान पर निर्भर नहीं है। स्वदेशी निर्मित इलेक्ट्रॉनिक सामान इस बार चाइनीज सामान को जबरदस्त टक्कर दे रहा है।
हालांकि चाइना आइटम स्वदेशी से बहुत सस्ता है लेकिन वह एक बार इस्तेमाल के बाद बेकार हो जाता है। जबकि स्वदेशी सामान टिकाऊ और मरम्मत के काबिल है। जिसे दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। जिले में इलेक्ट्रॉनिक सामान के छोटे-बड़े करीब 300 व्यवसायी हैं। करनाल शहर में इनकी संख्या करीब 200 है। दीपावली पर इसका व्यवसाय करीब 20 करोड़ तक पहुंचता है।
उम्मीद है इस बार दीपावली पर अच्छा व्यवसाय रहेगा। देश में लाइटिंग का काफी सामान बनने लगा है। जो टिकाऊ भी है। इस ट्रेड पर भारत के आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़े हैं। जबकि यह ट्रेड शत-प्रतिशत चीन पर निर्भर हो गई थी। देश में कुछ बड़े ब्रांड भी इस क्षेत्र में निर्माता के रूप में सामने आ चुके हैं।
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- विकास प्रभाकर, जिला प्रधान, करनाल इलेक्ट्रिकल वेलफेयर एसोसिएशन
दिल्ली की थोक बाजार में इस बार लाइटिंग के सामान की कमी है। जिस कारण दाम भी पिछले साल की तुलना में 20 से 25 प्रतिशत तक ज्यादा हैं। एलईडी लड़ी की जो पेटी दो से तीन हजार की थी वह पांच हजार की हो गई है। आयात शुल्क बढ़ने से चीन से कम माल आ रहा है। स्वदेशी लड़ियां कुछ महंगी पड़ती हैं।
- पवन खुराना, व्यवसायी, मंदिर मार्ग कुंजपुरा रोड
इस बार घरों को जगमग करने के लिए कई नई आकर्षक आइटम आई हैं। इनमें विद्युत चलित स्टार लाइट, फैन लाइट, बैल, मल्टी बैल, लाइट बॉल, पिक्सल लड़ी व भूड़ी बल्ब शामिल हैं। जयपुरी फैंसी आइटम भी आई हैं। इस बार देश में निर्मित सामान भी काफी मात्रा में है। कोरोना काल में व्यवसाय चौपट हो गया था। दीपावली पर अब उम्मीदें हैं।
- भारत भूषण, व्यवसायी, नजदीक कमेटी चौक
दीपावली पर पूजा के लिए लक्ष्मी-गणेश जी की सजावटी मूर्तियों में फैंसी लाइट लगी हैं। इस बार नई आइटम बैट्री चलित मोमबत्ती व दीये आए हैं। इनसे प्रदूषण नहीं होता और दिन-रात जगमग रहती है। हवा चलने पर भी इनकी लौ नहीं बुझती। फ्लोटिंग कैंडल लाइट जो पानी में तैराने पर जगमग होती है। दीपावली को लेकर बाजार में अब रौनक है।
- राजकुमार वधवा, व्यवसायी
गृह सज्जा के सामान में फूलों की लड़ियां, कंडील, ड्रिम कैचर, झूमर, हैंगिंग इत्यादि सामग्री है। यह सारा सामान स्वदेशी है। दीपावली नजदीक आने के साथ ही व्यवसाय बढ़ने की उम्मीद है। यह सजावटी सामान ज्यादा महंगा नहीं है और खूबसूरत एवं आकर्षक है। कोरोना काल में सभी ने दिक्कतें झेली। अब व्यवसाय अच्छा रहेगा।
- मुनीष कुमार, एल्फा जनरल स्टोर
दीपावली पर मिट्टी से निर्मित सामान और देवी-देवताओं की मूर्तियां कोलकाता से मंगाई गई हैं। सजावटी सामान में बैल व झूमर हैं। पूजा स्थल के लिए मिट्टी से निर्मित सजावटी वस्तुएं आई हैं जिनमें गणेश जी व लक्ष्मी जी विराजमान हैं। मिट्टी से निर्मित सामान को सुंदरता से सजाया गया है। त्योहारों में इस सामान की जरूरत कभी कम नहीं होती। मिट्टी के 40 प्रकार के दीये हैं।
- नवीन प्रजापति
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करनाल। कोरोना काल के बाद बाजार दीपावली को लेकर गृह सज्जा के सामान से गुलजार हो गया है। चमचमाती लड़ियों व नए-नए बिजली उपकरणों की खूब बिक्री हो रही है। इससे व्यापारियों में उत्साह है। बड़ी बात यह है कि इस बार यह व्यापार पूर्ण रूप से चाइना के सामान पर निर्भर नहीं है। स्वदेशी निर्मित इलेक्ट्रॉनिक सामान इस बार चाइनीज सामान को जबरदस्त टक्कर दे रहा है।
हालांकि चाइना आइटम स्वदेशी से बहुत सस्ता है लेकिन वह एक बार इस्तेमाल के बाद बेकार हो जाता है। जबकि स्वदेशी सामान टिकाऊ और मरम्मत के काबिल है। जिसे दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। जिले में इलेक्ट्रॉनिक सामान के छोटे-बड़े करीब 300 व्यवसायी हैं। करनाल शहर में इनकी संख्या करीब 200 है। दीपावली पर इसका व्यवसाय करीब 20 करोड़ तक पहुंचता है।
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उम्मीद है इस बार दीपावली पर अच्छा व्यवसाय रहेगा। देश में लाइटिंग का काफी सामान बनने लगा है। जो टिकाऊ भी है। इस ट्रेड पर भारत के आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़े हैं। जबकि यह ट्रेड शत-प्रतिशत चीन पर निर्भर हो गई थी। देश में कुछ बड़े ब्रांड भी इस क्षेत्र में निर्माता के रूप में सामने आ चुके हैं।
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- विकास प्रभाकर, जिला प्रधान, करनाल इलेक्ट्रिकल वेलफेयर एसोसिएशन
दिल्ली की थोक बाजार में इस बार लाइटिंग के सामान की कमी है। जिस कारण दाम भी पिछले साल की तुलना में 20 से 25 प्रतिशत तक ज्यादा हैं। एलईडी लड़ी की जो पेटी दो से तीन हजार की थी वह पांच हजार की हो गई है। आयात शुल्क बढ़ने से चीन से कम माल आ रहा है। स्वदेशी लड़ियां कुछ महंगी पड़ती हैं।
- पवन खुराना, व्यवसायी, मंदिर मार्ग कुंजपुरा रोड
इस बार घरों को जगमग करने के लिए कई नई आकर्षक आइटम आई हैं। इनमें विद्युत चलित स्टार लाइट, फैन लाइट, बैल, मल्टी बैल, लाइट बॉल, पिक्सल लड़ी व भूड़ी बल्ब शामिल हैं। जयपुरी फैंसी आइटम भी आई हैं। इस बार देश में निर्मित सामान भी काफी मात्रा में है। कोरोना काल में व्यवसाय चौपट हो गया था। दीपावली पर अब उम्मीदें हैं।
- भारत भूषण, व्यवसायी, नजदीक कमेटी चौक
दीपावली पर पूजा के लिए लक्ष्मी-गणेश जी की सजावटी मूर्तियों में फैंसी लाइट लगी हैं। इस बार नई आइटम बैट्री चलित मोमबत्ती व दीये आए हैं। इनसे प्रदूषण नहीं होता और दिन-रात जगमग रहती है। हवा चलने पर भी इनकी लौ नहीं बुझती। फ्लोटिंग कैंडल लाइट जो पानी में तैराने पर जगमग होती है। दीपावली को लेकर बाजार में अब रौनक है।
- राजकुमार वधवा, व्यवसायी
गृह सज्जा के सामान में फूलों की लड़ियां, कंडील, ड्रिम कैचर, झूमर, हैंगिंग इत्यादि सामग्री है। यह सारा सामान स्वदेशी है। दीपावली नजदीक आने के साथ ही व्यवसाय बढ़ने की उम्मीद है। यह सजावटी सामान ज्यादा महंगा नहीं है और खूबसूरत एवं आकर्षक है। कोरोना काल में सभी ने दिक्कतें झेली। अब व्यवसाय अच्छा रहेगा।
- मुनीष कुमार, एल्फा जनरल स्टोर
दीपावली पर मिट्टी से निर्मित सामान और देवी-देवताओं की मूर्तियां कोलकाता से मंगाई गई हैं। सजावटी सामान में बैल व झूमर हैं। पूजा स्थल के लिए मिट्टी से निर्मित सजावटी वस्तुएं आई हैं जिनमें गणेश जी व लक्ष्मी जी विराजमान हैं। मिट्टी से निर्मित सामान को सुंदरता से सजाया गया है। त्योहारों में इस सामान की जरूरत कभी कम नहीं होती। मिट्टी के 40 प्रकार के दीये हैं।
- नवीन प्रजापति