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करनाल में मिला कोराना का संदिग्ध मरीज
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कल्पना चावला मेडिकल कालेज करनाल में कोरोना वायरस का एक संदिग्ध मामला सामने आया है। प्रारंभिक लक्षणों को देखते हुए मरीज को मेडिकल कालेज के आईसोलेटेड वार्ड में दाखिल किया गया है। साथ ही उसके ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए पुणे भेजे गए हैं। इसके अलावा, लोकल स्तर पर भी मरीज के सैंपल लिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार शनिवार को आरके पुरम निवासी आशीष बुखार होने के कारण मेडिकल कालेज की ओपीडी में पहुंचे। वहां पर पहुंचने के बाद विभाग के डाक्टरों ने जब युवक से जानकारी ली तो बताया कि वह 13 जनवरी को चीन से आया है। जांच में कोरोना के प्रारंभिक लक्षण मिलने के बाद निदेशक को इसकी जानकारी दी गयी। कोरोना के संदिग्ध मरीज की सूचना के बाद खुद निदेशक डा. जगदीश दुरेजा व डीएमएस डा. गौरव कुमार मरीज से मिलने पहुंचे और डाक्टरों को आवश्यक निर्देश दिए। वहीं, कालेज प्रबंधन ने जिला अस्पताल की नोडल आफिसर डा. मंजू पाठक को भी इसकी जानकारी दी है। मेडिकल कालेज के निदेशक डा. जगदीश चंद्र का कहना है कि बुखार से पीड़ित एक युवक कालेज में आया है। प्रारंभिक लक्षणों को देखते हुए उसे आईसोलेटेड वार्ड में रखा गया है। जांच के लिए सैंपल भेज दिए गये हैं, अभी इसे कोरोना का मरीज नहीं कहा जा सकता। डाक्टरों की टीम ने इलाज शुरू कर दिया है। मरीज का स्वास्थ्य सामान्य है, केवल हल्का बुखार है। फिर भी मरीज के स्वास्थ्य की 24 घंटे निगरानी के लिए स्टाफ नर्स समेत डाक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है। लैब की रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है, क्योंकि कोरोना के लक्षण सामान्य बुखार और जुकाम जैसे ही होते हैं।
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जानकारी के अनुसार शनिवार को आरके पुरम निवासी आशीष बुखार होने के कारण मेडिकल कालेज की ओपीडी में पहुंचे। वहां पर पहुंचने के बाद विभाग के डाक्टरों ने जब युवक से जानकारी ली तो बताया कि वह 13 जनवरी को चीन से आया है। जांच में कोरोना के प्रारंभिक लक्षण मिलने के बाद निदेशक को इसकी जानकारी दी गयी। कोरोना के संदिग्ध मरीज की सूचना के बाद खुद निदेशक डा. जगदीश दुरेजा व डीएमएस डा. गौरव कुमार मरीज से मिलने पहुंचे और डाक्टरों को आवश्यक निर्देश दिए। वहीं, कालेज प्रबंधन ने जिला अस्पताल की नोडल आफिसर डा. मंजू पाठक को भी इसकी जानकारी दी है। मेडिकल कालेज के निदेशक डा. जगदीश चंद्र का कहना है कि बुखार से पीड़ित एक युवक कालेज में आया है। प्रारंभिक लक्षणों को देखते हुए उसे आईसोलेटेड वार्ड में रखा गया है। जांच के लिए सैंपल भेज दिए गये हैं, अभी इसे कोरोना का मरीज नहीं कहा जा सकता। डाक्टरों की टीम ने इलाज शुरू कर दिया है। मरीज का स्वास्थ्य सामान्य है, केवल हल्का बुखार है। फिर भी मरीज के स्वास्थ्य की 24 घंटे निगरानी के लिए स्टाफ नर्स समेत डाक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है। लैब की रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है, क्योंकि कोरोना के लक्षण सामान्य बुखार और जुकाम जैसे ही होते हैं।
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